गोवा में केजरीवाल का बड़ा हमला, राम मंदिर घोटाले की जांच को बताया दिखावा आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गोवा में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राम मंदिर में जमीन घोटाले, चंदा चोरी और निर्माण में कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगाए, साथ ही मामले की एसआईटी जांच और एफआईआर को फर्जी और ड्रामा बताया. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को गोवा में एक प्रेसवार्ता के दौरान राम मंदिर से जुड़े कथित घोटालों को लेकर तीखे सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री को निशाने पर लेते हुए पूछा कि राम मंदिर के ताकतवर चंदा चोरों को आखिर क्यों बचाया जा रहा है. केजरीवाल का दावा है कि मंदिर निर्माण से जुड़ी जमीनों की खरीद में करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ, निर्माण कार्य के हर टेंडर में 40 फीसद तक कमीशन लिया गया और मंदिर में चढ़ने वाला चढ़ावा भी चोरी हो गया. उन्होंने मामले में बनाई गई एसआईटी और दर्ज एफआईआर को भी फर्जी और ड्रामा करार दे दिया. गोवा के श्रद्धालुओं की आस्था को झटका केजरीवाल ने कहा कि गोवा के लोग स्वभाव से बेहद धार्मिक हैं. जब राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ था तो यहां के लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला था. गोवा के हिंदुओं ने पूरी श्रद्धा और खुले दिल से मंदिर निर्माण के लिए दान दिया था. लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं. मंदिर में लगातार सामने आ रहीं घोटाले की खबरों ने गोवा के सनातनियों को गहरा दुख पहुंचाया है. लोगों की धार्मिक भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं क्योंकि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई भगवान राम के चरणों में अर्पित की थी और अब उसी पैसे की चोरी की खबरें उन्हें बेचैन कर रही हैं. केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भगवान राम का हार चोरी हो गया है. इसके साथ ही भगवान की पादुका और कीमती आभूषण भी गायब हो गए हैं. श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था से हीरे-जवाहरात चढ़ाए थे, लेकिन वे सभी कीमती चीजें चोरी हो चुकी हैं. इतना ही नहीं, किसी भक्त ने मंदिर को 200 किलो चांदी की ईंटें दान में दी थीं, वे भारी चांदी की ईंटें भी गायब हैं. मंदिर से चांदी के दीये तक चोरी हो गए हैं. केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि मंदिर से करीब 200 करोड़ रुपए का कैश भी चोरी होने की बात सामने आई है. उनका कहना है कि हर दिन इस मामले में नई-नई बातें सामने आ रही हैं, जिससे लोगों की आस्था को लगातार और ज्यादा ठेस पहुंच रही है. 2021 से चल रहा जमीन का खेल, पाठक परिवार का मामला प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने जमीन खरीद से जुड़े घोटाले का भी विस्तार से जिक्र किया. उनके मुताबिक यह चोरी अभी की नहीं बल्कि साल 2021 से चली आ रही है, जब जमीनों की खरीद में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई थी. केजरीवाल ने कहा कि मंदिर निर्माण के नाम पर पूरे देश से करोड़ों-अरबों रुपए इकट्ठा किए गए, और सवाल यह है कि इतनी बड़ी रकम आखिर कैसे साइफन ऑफ की गई. इसका सबसे बड़ा उदाहरण देते हुए उन्होंने अयोध्या के एक पाठक परिवार का मामला बताया. इस परिवार के पास अयोध्या में एक जमीन थी, जिसे उन्होंने एक पार्टी के नेता को 2 करोड़ रुपए में बेचा था. इसके बाद जो हुआ वह चौंकाने वाला है, महज 10 मिनट के भीतर उसी नेता ने वह जमीन मंदिर ट्रस्ट को 18 करोड़ रुपए में बेच दी. केजरीवाल ने इसे सीधे तौर पर चंदे की चोरी बताया. उनके अनुसार लोगों द्वारा मंदिर निर्माण के लिए दिया गया करीब 16 करोड़ रुपए का चंदा इसी सौदे के जरिए साइफन ऑफ कर लिया गया, और उस दौरान यह मामला मीडिया में भी खूब चर्चा में रहा था. केजरीवाल ने बताया कि यह इकलौता सौदा नहीं है, इसी तरह के कई और जमीन सौदे भी हुए. उन्होंने बताया कि 3 करोड़ रुपए कीमत की एक जमीन मंदिर ट्रस्ट ने 24 करोड़ रुपए में खरीदी. एक और मामले में 9 करोड़ रुपए की जमीन 55 करोड़ रुपए में खरीदी गई. वहीं 14 करोड़ रुपए कीमत की जमीनें 95 करोड़ रुपए में खरीदी गईं. केजरीवाल का दावा है कि इन सभी सौदों के दस्तावेज सार्वजनिक रूप से मौजूद हैं, और इन लोगों ने 1 रुपए की जमीन को 10 रुपए में खरीदकर भारी घोटाला किया है, जिससे राम मंदिर निर्माण के लिए मिला चंदा बुरी तरह साइफन ऑफ कर दिया गया. निर्माण में 40 फीसद कमीशन और सीसीटीवी से खुलासा केजरीवाल ने सिर्फ जमीन के सौदों पर ही सवाल नहीं उठाए, उन्होंने मंदिर के निर्माण कार्य में भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए. उनके मुताबिक जब राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ, तभी से इसमें भी खेल होने लगा था. उन्होंने दावा किया कि इंजीनियरों ने खुद रिकॉर्ड पर इसकी गवाही दी है कि मंदिर निर्माण के हर टेंडर में 40 फीसद कमीशन लिया गया. इसके साथ ही यह बात भी सामने आ रही है कि चढ़ावे की भारी चोरी लगातार होती रही. केजरीवाल ने इस दौरान सीसीटीवी कैमरे की फुटेज का भी हवाला दिया. उनका कहना है कि इस फुटेज से कई चौंकाने वाले सच सामने आए हैं. पता चला है कि सिर्फ 40 दिनों के भीतर 70 बार चोरी की गई, और इसके पुख्ता सबूत भी मौजूद हैं क्योंकि लोग सीसीटीवी कैमरे में साफ तौर पर चोरी करते हुए दिख रहे हैं. केजरीवाल ने आरोप लगाया कि अपना जुर्म छिपाने के लिए इन लोगों ने सबूत मिटाने की कोशिश भी की, और करीब 8 महीने की सीसीटीवी फुटेज सिस्टम से डिलीट कर दी गई. उनका कहना है कि अब तक जितनी चोरी सामने आई है वह पूरी तरह नाकाफी है, यह तो केवल एक छोटी सी झलक भर है और असल में कितनी बड़ी चोरी हुई है, यह अभी पता ही नहीं चला है. पूरा सच सामने आना अभी बाकी है. पीएम पर सीधा निशाना, ट्रस्ट गठन पर सवाल केजरीवाल ने अपनी प्रेसवार्ता में सीधे प्रधानमंत्री को निशाने पर लिया. उन्होंने पूछा कि इतने बड़े घोटाले की जानकारी पीएम को क्यों नहीं हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन खुद पीएम ने ही किया था और ट्रस्ट के सारे सदस्य भी उन्होंने ही खुद चुने थे. केजरीवाल के मुताबिक चंपत राय को इस ट्रस्ट का सर्वेसर्वा बनाया गया था. उनका कहना है कि अब जब घोटाला सामने आ चुका है, तो जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है. केजरीवाल ने इस मामले में हुए इस्तीफे और गठित एसआईटी दोनों को ही फर्जी बता दिया. उनका सीधा आरोप है कि यह सब सिर्फ एक ड्रामा है. क्या चंदा चोरों को मिलेगी सजा केजरीवाल ने कहा कि आज हर राम भक्त के मन में एक ही सवाल घूम रहा है कि क्या चंदा चोरों को आखिरकार सजा मिलेगी और क्या इस घोटाले में शामिल बड़े नाम पकड़े जाएंगे. उनका कहना है कि उन्हें ऐसा बिल्कुल होता नहीं दिख रहा. जब से यह पूरा मामला सामने आया है, इसे दबाने की भरपूर कोशिश हो रही है. केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सबूतों को मिटाने और गवाहों को डराने-धमकाने का काम लगातार चल रहा है, और पूरे मामले में सिर्फ लीपापोती की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया के एंकर अक्सर इस मसले पर बड़े-बड़े दावे करते नजर आते हैं. इसका आप पर असर यह पूरा विवाद सीधे तौर पर आम आदमी की जेब से जुड़ा नहीं है, लेकिन इसका असर आस्था और चंदे की पारदर्शिता से जुड़े भरोसे पर पड़ सकता है. • भारत में: अगर ये आरोप जांच में सही साबित होते हैं, तो देशभर के मंदिर ट्रस्टों में मिलने वाले चंदे के हिसाब-किताब और ऑडिट को लेकर सख्ती और निगरानी की मांग तेज हो सकती है. • अयोध्या में: जिन जमीन सौदों का जिक्र किया गया है, अगर उनकी दोबारा जांच होती है तो अयोध्या में जमीन मालिकों और मंदिर ट्रस्ट के बीच हुए लेनदेन पर सीधा असर पड़ सकता है. सवाल-जवाब 1. केजरीवाल ने ये आरोप कहां लगाए? उन्होंने शुक्रवार को गोवा में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये आरोप लगाए. 2. केजरीवाल ने जमीन घोटाले का कौन सा उदाहरण दिया? उन्होंने अयोध्या के पाठक परिवार की जमीन का जिक्र किया, जो 2 करोड़ रुपए में बिकने के बाद सिर्फ 10 मिनट में मंदिर ट्रस्ट को 18 करोड़ रुपए में बेच दी गई. 3. मंदिर से कितना कैश चोरी होने का आरोप लगा है? केजरीवाल ने दावा किया कि मंदिर से करीब 200 करोड़ रुपए का कैश चोरी हुआ है. 4. सीसीटीवी फुटेज में क्या सामने आया? केजरीवाल के मुताबिक फुटेज से पता चला कि 40 दिनों के भीतर 70 बार चोरी हुई और करीब 8 महीने की फुटेज सिस्टम से डिलीट कर दी गई. 5. निर्माण कार्य में कितना कमीशन लिए जाने का आरोप है? केजरीवाल का दावा है कि मंदिर निर्माण के हर टेंडर में 40 फीसद कमीशन लिया गया. 6. केजरीवाल ने एसआईटी और एफआईआर को क्या बताया? उन्होंने दोनों को फर्जी करार देते हुए पूरे मामले को ड्रामा बताया. 7. केजरीवाल के मुताबिक राम मंदिर ट्रस्ट किसने बनाया था? उनका आरोप है कि ट्रस्ट का गठन खुद पीएम ने किया था और ट्रस्ट के सारे सदस्य भी उन्होंने ही चुने थे. 8. चंपत राय को लेकर केजरीवाल ने क्या कहा? उन्होंने आरोप लगाया कि चंपत राय को ट्रस्ट का सर्वेसर्वा बनाया गया था. https://trendkia.com/politics/goa-men-kejriwal-ka-bara-hamala-ram-mandir-ghotale-ki-jancha-ko-bataya-dikhava-4430 TrendKia — Har trend, sabse pehle.