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  "title": "ईरान संघर्ष से भड़की तेल की महंगाई ने अमेरिकी सीनेट चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की मुश्किलें बढ़ाईं",
  "summary": "मध्य पूर्व में रिफाइनरियों पर हमलों और तेल आपूर्ति संकट के चलते अमेरिका में ईंधन और उर्वरक के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे आगामी सीनेट चुनावों में राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं।",
  "content": "मध्य पूर्व में युद्ध की वजह से तेल रिफाइनरियों तथा अन्य ऊर्जा बुनियादी ढांचों को पहुंचे भारी नुकसान ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में गंभीर अस्थिरता पैदा कर दी है। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर लगातार बना संशय कच्चे तेल की ऊंची दरों को बनाए हुए है। इस अंतरराष्ट्रीय संकट का सीधा आर्थिक बोझ आम अमेरिकी परिवारों की जेब पर पड़ रहा है। सेंटर फॉर अमेरिकन प्रोग्रेस के एक आकलन के मुताबिक, इस युद्ध के चलते प्रत्येक अमेरिकी परिवार को औसतन कम से कम 1,200 डॉलर का अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ा है। इस व्यापक आर्थिक दबाव के कारण युद्ध के प्रति जनसमर्थन में भारी गिरावट देखी जा रही है। मंगलवार को होने वाले मध्यावधि चुनाव इस बात की अग्निपरीक्षा साबित हो सकते हैं कि व्हाइट हाउस ने इस संकट से उपजे आर्थिक प्रभावों का प्रबंधन किस तरह किया है। डेमोक्रेटिक पार्टी इस जनआक्रोश का फायदा उठाने की कोशिश में जुटी है, विशेष रूप से उन राज्यों में जहां डीजल, हीटिंग ऑयल और खाद की बढ़ी कीमतें मतदाताओं के लिए सबसे प्रमुख चुनावी मुद्दा बन चुकी हैं।\n\nटेक्सास में डीजल की रिकॉर्ड दरों पर राजनीतिक रार\nडीजल की बढ़ती लागत पूरे देश के मतदाताओं को परेशान कर रही है, परंतु इसका सबसे तीखा असर टेक्सास में महसूस किया जा रहा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए गवर्नर ग्रेग एबॉट ने पिछले महीने ईंधन के बढ़े दामों के मद्देनजर राज्य में आपातकाल की घोषणा कर दी थी। ऐतिहासिक रूप से टेक्सास पूरे देश में सबसे सस्ते डीजल वाले राज्यों में गिना जाता रहा है, किंतु बीते वर्ष की तुलना में यहां डीजल 80 प्रतिशत से भी अधिक महंगा हो चुका है। एएए के आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि टेक्सास में डीजल की कीमतें राष्ट्रीय औसत से भी लगभग 10 प्रतिशत ज्यादा चल रही हैं।\n\nगवर्नर एबॉट इस बार बेहद कड़े पुनर्चुनाव मुकाबले का सामना कर रहे हैं, जहां उनकी प्रतिद्वंद्वी जीना हिनोजोसा युद्ध से उपजी महंगाई को प्रमुख हथियार बनाकर उन पर लगातार हमले बोल रही हैं। उन्होंने मांग उठाई है कि गवर्नर को डीजल पर लगने वाले राज्य स्तरीय गैस टैक्स को फौरन निलंबित करना चाहिए। आपातकाल लागू होने के उपरांत टेक्सास डेमोक्रेटिक पार्टी ने भी अपना रुख स्पष्ट करते हुए एबॉट पर दबाव बनाया कि वे डोनाल्ड ट्रंप से बेतुके टैरिफ वापस लेने और उस अनावश्यक जंग को रोकने का आग्रह करें, जो आम टेक्सासवासियों की जेब पर भारी पड़ रही है।\n\nईंधन की यह तपिश टेक्सास के सीनेट चुनाव में भी पूरी तरह हावी है, जहां डेमोक्रेट उम्मीदवार जेम्स टैलारिको का मुकाबला राज्य के अटॉर्नी जनरल केन पैक्सटन से हो रहा है। टैलारिको ने पैक्सटन से संघीय गैस टैक्स पर रोक लगाने की मांग का समर्थन करने का आग्रह किया है। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप समेत रिपब्लिकन पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी इस टैक्स छूट का समर्थन कर चुके हैं। इसके साथ ही टैलारिको ने पैक्सटन पर आरोप लगाया कि वे उस युद्ध के पक्ष में खड़े हैं, जिसके कारण डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं।\n\nपूर्वोत्तर राज्यों में हीटिंग ऑयल के दोहरे दामों का संकट\nसर्दियों की दस्तक के साथ ही अमेरिका के पूर्वोत्तर इलाके में ऊर्जा संकट और गहराने के आसार हैं। पूरे देश में लगभग 49 लाख घर अपनी हीटिंग जरूरतों के लिए तेल पर निर्भर हैं, जिनमें से 80 प्रतिशत से अधिक परिवार केवल पूर्वोत्तर राज्यों में रहते हैं। मेन राज्य में यह निर्भरता सबसे ज्यादा है, जहां के आधे से ज्यादा घरों को गर्म रखने के लिए हीटिंग ऑयल का ही उपयोग किया जाता है।\n\nमौजूदा समय में हीटिंग ऑयल की दरें पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग दोगुनी हो चुकी हैं, जिसके कारण मेन में रिपब्लिकन सीनेटर सुसान कोलिन्स और डेमोक्रेटिक चैलेंजर ट्रॉय जैक्सन के बीच मुकाबला बेहद कड़ा हो गया है। राज्य के डेमोक्रेट नेताओं ने युद्ध के शुरुआती दौर में कोलिन्स द्वारा दिए गए समर्थन को लेकर उन्हें निशाने पर लिया है, यद्यपि कोलिन्स ने हाल के महीनों में इस संघर्ष के खिलाफ बयान देना शुरू किया है। इस चुनावी मुकाबले के अप्रत्याशित रूप से करीबी होने के संकेतों के बीच, व्हाइट हाउस ने ईंधन की कीमतों पर अस्थायी लगाम लगाने के मकसद से आपातकालीन हीटिंग ऑयल भंडार से तेल का एक हिस्सा जारी करने का कदम उठाया है।\n\nनेशनल एनर्जी असिस्टेंस डायरेक्टर्स एसोसिएशन के कार्यकारी निदेशक मार्क वोल्फ के अनुसार, परिवार एक साल पहले की तुलना में टैंक भरवाने के लिए काफी अधिक पैसा खर्च कर रहे हैं। इस संस्था का अनुमान है कि इस सर्दी के मौसम में पूर्वोत्तर के परिवारों को हीटिंग ऑयल पर लगभग 3.8 अरब डॉलर अतिरिक्त खर्च करने पड़ सकते हैं। वोल्फ ने इस बात को रेखांकित किया कि डीजल की महंगाई कई तरह के उत्पादों के रास्ते धीरे-धीरे उपभोक्ता तक पहुंचती है, लेकिन हीटिंग ऑयल सीधे घर तक पहुंचने वाला उत्पाद है। लोग सीधे अपनी जेब से इसका भुगतान करते हैं, इसलिए मतदाताओं पर इसका वित्तीय आघात बेहद सीधा और त्वरित होता है।\n\nमध्य-पश्चिम के कृषि क्षेत्र में उर्वरक संकट से हलकान किसान\nमहंगे डीजल ने पहले ही कृषि समुदाय की कमर तोड़ रखी है, लेकिन इसके ऊपर उर्वरकों की बढ़ती कीमतों ने किसानों के संकट को कई गुना बढ़ा दिया है। अमोनिया और यूरिया जैसे नाइट्रोजन आधारित उर्वरक प्राकृतिक गैस के उप-उत्पादों से तैयार किए जाते हैं, और दुनिया में इनके कई बड़े उत्पादक मध्य पूर्व में स्थित हैं। यद्यपि वहां कुछ उत्पादन दोबारा चालू हुआ है, फिर भी कुल आपूर्ति युद्ध-पूर्व औसत से काफी नीचे चल रही है। इसी के चलते चालू वर्ष के दौरान यूरिया के दाम बेतहाशा बढ़े हैं।\n\nवित्तीय सेवा फर्म स्टोनएक्स में फर्टिलाइजर विभाग के उपाध्यक्ष जोश लिनविले का कहना है कि गेहूं और मक्के जैसी फसलों की बुवाई के लिए नाइट्रोजन का इस्तेमाल अनिवार्य होता है। इसके अलावा, तेल और गैस शोधन के उप-उत्पाद से बनने वाला सल्फर भी कई प्रकार के उर्वरकों का एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटक है। फारस की खाड़ी में आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने के कारण इस साल की शुरुआत से अब तक सल्फर के भाव दोगुने से भी अधिक हो चुके हैं। लिनविले के अनुसार, सल्फर आधारित उर्वरकों पर निर्भर किसानों को अपनी फसलों के प्रबंधन को लेकर बेहद कठिन फैसले लेने को मजबूर होना पड़ रहा है।\n\nखाद की इस किल्लत और महंगाई ने ओहियो, आयोवा और इलिनॉय जैसे राज्यों के चुनावी परिदृश्य को गरमा दिया है। डेमोक्रेट समर्थक पीएसी 'वोटवेट्स' ने आयोवा में रिपब्लिकन सीनेट उम्मीदवार एशले हिंसन के खिलाफ एक आक्रामक विज्ञापन प्रसारित किया है, जिसमें ईरान पर सैन्य हमलों के पक्ष में उनके पुराने मतदान रिकॉर्ड को उजागर किया गया है। विज्ञापन में रिकॉर्ड गैस कीमतों और उर्वरक लागत के कारण कृषि कार्यों के चौपट होने का हवाला देते हुए वाशिंगटन में हिंसन के मतदान पर सवाल उठाए गए हैं।\n\nउधर ओहियो में डेमोक्रेट उम्मीदवार शेरोड ब्राउन के चुनाव अभियान ने मौजूदा सीनेटर जॉन हस्टेड को घेरते हुए विज्ञापन चलाए हैं। इन विज्ञापनों में जंग के समर्थन में हस्टेड के वोट को डीजल और उर्वरक की बढ़ी कीमतों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। रिपब्लिकन पार्टी का पारंपरिक जनाधार माने जाने वाले ग्रामीण किसानों के वोट को ब्राउन अपने पक्ष में कितना खींच पाएंगे, यह आने वाला वक्त तय करेगा। हालांकि, ईरान को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच किसानों की बढ़ती लागत से फिलहाल कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है। लिनविले के अनुसार, किसान अब खेती से मुनाफा कमाने के बजाय सिर्फ इस बात पर माथापच्ची कर रहे हैं कि अगले साल अपने वित्तीय नुकसान को कम से कम कैसे रखा जाए।\n\nइसका आप पर असर\nमध्य पूर्व में जारी संघर्ष और तेल की ऊंची कीमतें सीधे तौर पर वैश्विक अर्थव्यवस्था, परिवहन और कृषि लागत को प्रभावित कर रही हैं।\n\n• भारत में प्रभाव: कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में उछाल से आयात बिल बढ़ने और घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव बनने की संभावना रहती है। इससे माल ढुलाई की लागत बढ़ती है और आम उपभोक्ता वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं।\n• कृषि और खाद्य सुरक्षा: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूरिया और सल्फर आधारित खादों की कमी से दुनिया भर में फसल उत्पादन लागत में भारी इजाफा हो रहा है। इसके चलते आने वाले महीनों में अनाज और खाद्य सामग्रियों की खुदरा कीमतें बढ़ सकती हैं।\n• अमेरिकी उपभोक्ताओं पर असर: घरेलू हीटिंग ऑयल और मोटर डीजल महंगा होने से औसत अमेरिकी परिवार पर 1,200 डॉलर तक का सीधा अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा है। पूर्वोत्तर राज्यों में रहने वाले परिवारों को इस सर्दी घर गर्म रखने के लिए भारी भरकम बिल चुकाने पड़ रहे हैं।\n• आगामी चुनावी बदलाव: ईंधन और दैनिक खर्चों में इस उछाल ने मतदाताओं की प्राथमिकताओं को बदल दिया है, जिससे मतदान के दिन सत्तारूढ़ और युद्ध-समर्थक उम्मीदवारों के समीकरण बिगड़ सकते हैं। इससे नीतियों में नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nमध्य पूर्व में तेल शोधन संयंत्रों पर हमलों और समुद्री मार्गों की अनिश्चितता ने ऊर्जा आपूर्ति में बड़ा व्यवधान डाला है, जिसके चलते ईंधन और खाद के दाम अनियंत्रित हो गए हैं।\n\n• सीधा कारण: मध्य पूर्व की प्रमुख तेल रिफाइनरियों और बुनियादी ढांचों पर हुए हमलों से ईंधन प्रसंस्करण क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके चलते वैश्विक बाजार में तत्काल आपूर्ति घट गई।\n• सामरिक व्यापार मार्ग में संशय: होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते जहाजों की आवाजाही को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण तेल के परिवहन में जोखिम और लागत दोनों बढ़ गए हैं। कच्चे तेल के जहाज फंसे होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें स्थिर नहीं हो पा रही हैं।\n• प्राकृतिक गैस और उर्वरक की कमी: नाइट्रोजन और सल्फर आधारित खाद बनाने वाले कई बड़े कारखाने मध्य पूर्व में स्थित हैं और प्राकृतिक गैस पर निर्भर हैं। युद्ध के कारण वहां उत्पादन बंद होने या बेहद कम होने से वैश्विक स्तर पर खाद की भारी किल्लत पैदा हो गई।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मध्य पूर्व युद्ध का आम अमेरिकी परिवारों पर क्या वित्तीय प्रभाव पड़ा है?\nसेंटर फॉर अमेरिकन प्रोग्रेस के अनुसार, युद्ध से उपजी महंगाई के कारण प्रत्येक अमेरिकी परिवार को कम से कम 1,200 डॉलर का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा है।\n\n2. टेक्सास में डीजल की कीमतों की क्या स्थिति है?\nटेक्सास में डीजल के दाम पिछले वर्ष की तुलना में 80 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुके हैं, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग 10 प्रतिशत ज्यादा हैं।\n\n3. अमेरिका के किस हिस्से में हीटिंग ऑयल की सबसे ज्यादा खपत होती है?\nअमेरिका में हीटिंग ऑयल का इस्तेमाल करने वाले 49 लाख परिवारों में से 80 प्रतिशत से अधिक पूर्वोत्तर राज्यों में रहते हैं, विशेषकर मेन में जहां आधे से अधिक घर इस पर निर्भर हैं।\n\n4. उर्वरक की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण क्या है?\nउर्वरक बनाने के लिए आवश्यक नाइट्रोजन और सल्फर प्राकृतिक गैस और तेल शोधन के उप-उत्पाद हैं, और मध्य पूर्व में इनका उत्पादन युद्ध के कारण बुरी तरह बाधित हुआ है।\n\n5. व्हाइट हाउस ने हीटिंग ऑयल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाया?\nव्हाइट हाउस ने कीमतों पर अस्थायी रोक लगाने और राहत देने के मकसद से आपातकालीन हीटिंग ऑयल भंडार से तेल का एक हिस्सा जारी किया है।",
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