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  "title": "जयपुर में सरकारी स्कूलों पर मीडिया बैन के खिलाफ सड़कों पर उतरी कांग्रेस, विधानसभा तक निकाला पैदल मार्च",
  "summary": "राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों में मीडिया कवरेज पर लगाई गई रोक के विरोध में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अगुवाई में कांग्रेस विधायकों ने पोद्दार स्कूल से विधानसभा तक पैदल मार्च किया।",
  "content": "राजस्थान की राजधानी जयपुर में सरकारी स्कूलों की खस्ताहाल स्थिति और शिक्षा विभाग द्वारा परिसरों में मीडिया कवरेज पर लगाई गई पाबंदी को लेकर सियासत गरमा गई है। राज्य विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अगुवाई में कांग्रेस विधायक दल ने इस फरमान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया। विधायकों ने त्रिमूर्ति सर्किल स्थित पोद्दार मूक-बधिर स्कूल से विधानसभा तक एक विशाल पैदल मार्च निकाला और राज्य सरकार की शिक्षा नीतियों पर तीखे सवाल खड़े किए।\n\nमीडिया कवरेज पर पाबंदी और विपक्ष का आरोप\nशिक्षा विभाग की ओर से हाल ही में एक नया आदेश जारी किया गया था, जिसके तहत राज्य के सभी सरकारी स्कूल परिसरों के भीतर वीडियोग्राफी और मीडिया कवरेज पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस आदेश के सामने आने के बाद से ही विपक्षी दल कांग्रेस लगातार सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार इस तरह की पाबंदियां लगाकर सरकारी स्कूलों के बदहाल बुनियादी ढांचे, सुविधाओं की कमी और जमीनी हकीकत को जनता तथा मीडिया की नजरों से छिपाना चाहती है। इसी नीति का पर्दाफाश करने के उद्देश्य से कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल सबसे पहले पोद्दार स्कूल परिसर में दाखिल हुआ, ताकि वहां की वास्तविक स्थिति को सामने लाया जा सके।\n\nसरकारी स्कूलों की बदहाली पर सरकार को घेरा\nप्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और अन्य कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश भर के सरकारी विद्यालयों की दयनीय हालत का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। पार्टी प्रवक्ताओं और जनप्रतिनिधियों का कहना था कि राजस्थान के अधिकतर सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव बना हुआ है। कई जगह स्कूल भवन बेहद जर्जर हो चुके हैं, जिससे वहां पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। विपक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि शिक्षा विभाग को स्कूलों की व्यवस्था सुधारने और विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करने पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन विभाग इसके बजाय पाबंदियां और नए-नए तुगलकी फरमान जारी करने में उलझा हुआ है।\n\nविधानसभा तक मार्च और राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी\nइस विरोध प्रदर्शन का आगाज त्रिमूर्ति सर्किल पर स्थित पोद्दार मूक-बधिर स्कूल के बाहर से हुआ, जहां बड़ी संख्या में कांग्रेस पार्टी के विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकजुट हुए थे। पोद्दार स्कूल की स्थिति का जायजा लेने के उपरांत कांग्रेस विधायक दल ने हाथों में तख्तियां लेकर विधानसभा भवन की तरफ कदम बढ़ाए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की। कांग्रेस नेतृत्व ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकारी स्कूलों में मीडिया और आम जनता के प्रवेश पर लगाई गई इस रोक को जल्द वापस नहीं लिया गया, तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर पूरे प्रदेश में सड़कों पर उतरेगी और राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और सार्वजनिक संस्थानों में मीडिया की पहुंच को लेकर बहस तेज हो सकती है।\n\nराजस्थान में: सरकारी स्कूलों की खस्ताहाल स्थिति पर राजनीतिक दबाव बढ़ेगा, जिससे स्कूल परिसरों में सुविधाओं और मीडिया नियमों में बदलाव की संभावना है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. कांग्रेस ने जयपुर में प्रदर्शन क्यों किया?\nकांग्रेस ने सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति और शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में मीडिया कवरेज पर लगाई गई रोक के खिलाफ प्रदर्शन किया।\n\n2. इस पैदल मार्च की अगुवाई किसने की?\nइस प्रदर्शन और पैदल मार्च का नेतृत्व राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने किया।\n\n3. पैदल मार्च कहां से कहां तक निकाला गया?\nयह पैदल मार्च त्रिमूर्ति सर्किल स्थित पोद्दार मूक-बधिर स्कूल से शुरू होकर राजस्थान विधानसभा तक निकाला गया।\n\n4. विपक्ष ने सरकार को क्या चेतावनी दी है?\nविपक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि स्कूलों में मीडिया और जनता के प्रवेश पर लगी रोक जल्द नहीं हटाई गई, तो राज्यभर में आंदोलन किया जाएगा।",
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  "category": "राजनीति",
  "publishedAt": "2026-08-20",
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