# जयपुर में सरकारी स्कूलों पर मीडिया बैन के खिलाफ सड़कों पर उतरी कांग्रेस, विधानसभा तक निकाला पैदल मार्च

> राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों में मीडिया कवरेज पर लगाई गई रोक के विरोध में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अगुवाई में कांग्रेस विधायकों ने पोद्दार स्कूल से विधानसभा तक पैदल मार्च किया।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-08-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/jaipur-men-sarakari-skulon-para-midiya-baina-ke-khilapha-sarakon-para-utari-congress-vidhanasabha-taka-nikala-paidala-marcha-18925 · **Language:** Hindi
**Tags:** जयपुर, कांग्रेस, टीकाराम जूली, राजस्थान विधानसभा, शिक्षा विभाग, मीडिया बैन, पोद्दार स्कूल

राजस्थान की राजधानी जयपुर में सरकारी स्कूलों की खस्ताहाल स्थिति और शिक्षा विभाग द्वारा परिसरों में मीडिया कवरेज पर लगाई गई पाबंदी को लेकर सियासत गरमा गई है। राज्य विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अगुवाई में कांग्रेस विधायक दल ने इस फरमान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया। विधायकों ने त्रिमूर्ति सर्किल स्थित पोद्दार मूक-बधिर स्कूल से विधानसभा तक एक विशाल पैदल मार्च निकाला और राज्य सरकार की शिक्षा नीतियों पर तीखे सवाल खड़े किए।

## मीडिया कवरेज पर पाबंदी और विपक्ष का आरोप
शिक्षा विभाग की ओर से हाल ही में एक नया आदेश जारी किया गया था, जिसके तहत राज्य के सभी सरकारी स्कूल परिसरों के भीतर वीडियोग्राफी और मीडिया कवरेज पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस आदेश के सामने आने के बाद से ही विपक्षी दल कांग्रेस लगातार सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार इस तरह की पाबंदियां लगाकर सरकारी स्कूलों के बदहाल बुनियादी ढांचे, सुविधाओं की कमी और जमीनी हकीकत को जनता तथा मीडिया की नजरों से छिपाना चाहती है। इसी नीति का पर्दाफाश करने के उद्देश्य से कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल सबसे पहले पोद्दार स्कूल परिसर में दाखिल हुआ, ताकि वहां की वास्तविक स्थिति को सामने लाया जा सके।

## सरकारी स्कूलों की बदहाली पर सरकार को घेरा
प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और अन्य कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश भर के सरकारी विद्यालयों की दयनीय हालत का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। पार्टी प्रवक्ताओं और जनप्रतिनिधियों का कहना था कि राजस्थान के अधिकतर सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव बना हुआ है। कई जगह स्कूल भवन बेहद जर्जर हो चुके हैं, जिससे वहां पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। विपक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि शिक्षा विभाग को स्कूलों की व्यवस्था सुधारने और विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करने पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन विभाग इसके बजाय पाबंदियां और नए-नए तुगलकी फरमान जारी करने में उलझा हुआ है।

## विधानसभा तक मार्च और राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी
इस विरोध प्रदर्शन का आगाज त्रिमूर्ति सर्किल पर स्थित पोद्दार मूक-बधिर स्कूल के बाहर से हुआ, जहां बड़ी संख्या में कांग्रेस पार्टी के विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकजुट हुए थे। पोद्दार स्कूल की स्थिति का जायजा लेने के उपरांत कांग्रेस विधायक दल ने हाथों में तख्तियां लेकर विधानसभा भवन की तरफ कदम बढ़ाए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की। कांग्रेस नेतृत्व ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकारी स्कूलों में मीडिया और आम जनता के प्रवेश पर लगाई गई इस रोक को जल्द वापस नहीं लिया गया, तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर पूरे प्रदेश में सड़कों पर उतरेगी और राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और सार्वजनिक संस्थानों में मीडिया की पहुंच को लेकर बहस तेज हो सकती है।

**राजस्थान में:** सरकारी स्कूलों की खस्ताहाल स्थिति पर राजनीतिक दबाव बढ़ेगा, जिससे स्कूल परिसरों में सुविधाओं और मीडिया नियमों में बदलाव की संभावना है।

## सवाल-जवाब

### 1. कांग्रेस ने जयपुर में प्रदर्शन क्यों किया?
कांग्रेस ने सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति और शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में मीडिया कवरेज पर लगाई गई रोक के खिलाफ प्रदर्शन किया।

### 2. इस पैदल मार्च की अगुवाई किसने की?
इस प्रदर्शन और पैदल मार्च का नेतृत्व राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने किया।

### 3. पैदल मार्च कहां से कहां तक निकाला गया?
यह पैदल मार्च त्रिमूर्ति सर्किल स्थित पोद्दार मूक-बधिर स्कूल से शुरू होकर राजस्थान विधानसभा तक निकाला गया।

### 4. विपक्ष ने सरकार को क्या चेतावनी दी है?
विपक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि स्कूलों में मीडिया और जनता के प्रवेश पर लगी रोक जल्द नहीं हटाई गई, तो राज्यभर में आंदोलन किया जाएगा।

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