जौहर यूनिवर्सिटी वित्तीय मामले में ईडी का बड़ा एक्शन, रामपुर और दिल्ली समेत आज़म ख़ान के 10 ठिकानों पर रेड प्रवर्तन निदेशालय ने जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में काले धन के कथित इस्तेमाल की जांच के सिलसिले में समाजवादी पार्टी के नेता आज़म ख़ान के रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली स्थित 10 परिसरों पर तड़के छापेमारी शुरू की। केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने समाजवादी पार्टी के नेता आज़म ख़ान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके 10 परिसरों पर एक साथ छापेमारी की है। बुधवार तड़के शुरू हुई यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर के अलावा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्थित विभिन्न ठिकानों पर जारी है। अधिकारियों की टीम तड़के ही इन स्थानों पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई की ज़द में आज़म ख़ान के व्यक्तिगत आवास के साथ-साथ उनसे जुड़े संस्थान और ट्रस्ट भी शामिल हैं। वित्तीय गड़बड़ियों और काले धन के इस्तेमाल की जांच यह पूरी कार्रवाई मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्य में काले धन के कथित इस्तेमाल से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच के सिलसिले में की जा रही है। जांच एजेंसी को अंदेशा है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण में अवैध धन का उपयोग किया गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आज़म ख़ान के खिलाफ दर्ज कई दर्जन मुकदमों की विस्तृत सूची ईडी के साथ साझा की गई थी। इसी आधार पर एजेंसी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए जौहर यूनिवर्सिटी और उसे संचालित करने वाले ट्रस्ट के ठिकानों पर भी एक साथ छापेमारी की है। यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों पर बुलडोजर का खतरा और अदालती रोक यह छापेमारी ऐसे समय में हुई है जब जौहर यूनिवर्सिटी पहले से ही गंभीर कानूनी विवादों का सामना कर रही है। रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने यूनिवर्सिटी परिसर में कथित नियमों के उल्लंघन और अनियमितताओं को लेकर एक कड़ा आदेश जारी किया था, जिसके तहत यूनिवर्सिटी की कुल 40 इमारतों में से 38 इमारतों को गिराए जाने का खतरा पैदा हो गया था। हालांकि, इस प्रशासनिक आदेश को अदालत में चुनौती दी गई, जिसके बाद मुरादाबाद कमिश्नर कोर्ट ने रामपुर विकास प्राधिकरण के 38 इमारतों को ढहाने वाले आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। इस मामले में अगली महत्वपूर्ण अदालती सुनवाई 25 अगस्त को तय की गई है। आयकर विभाग का शिकंजा और ट्रस्ट का बदला स्टेटस यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े ट्रस्ट पर प्रशासनिक और कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इससे पहले आयकर विभाग ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर कड़ा रुख अपनाया था। टैक्स विभाग की ओर से 17 जून को पहली नोटिस जारी की गई थी, जिसके बाद 23 जून को एक और नोटिस भेजी गई। जांच में कई वित्तीय और प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन पाए जाने के बाद आयकर विभाग ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का आदेश जारी कर दिया। इसके साथ ही विभाग ने आदेश दिया कि ट्रस्ट का दर्जा बदलकर उसे 'एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स' के रूप में पंजीकृत किया जाए। इसका आप पर असर उत्तर प्रदेश में: रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक हलचल और जौहर यूनिवर्सिटी की शैक्षणिक गतिविधियों व कानूनी स्थिति पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। भारत में: राजनीतिक नेताओं पर केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई और ट्रस्ट व शैक्षणिक संस्थानों के वित्तीय नियमों के कड़े पालन का संदेश स्पष्ट होता है। सवाल-जवाब 1. ईडी ने आज़म ख़ान के किन ठिकानों पर छापेमारी की है? प्रवर्तन निदेशालय ने रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली स्थित आज़म ख़ान से जुड़े 10 ठिकानों पर छापेमारी की है, जिसमें जौहर यूनिवर्सिटी और उससे संबंधित ट्रस्ट के परिसर शामिल हैं। 2. यह छापेमारी किस मामले से जुड़ी हुई है? यह कार्रवाई जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में काले धन के कथित इस्तेमाल और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में की जा रही है। 3. जौहर यूनिवर्सिटी की इमारतों पर क्या कानूनी संकट है? रामपुर विकास प्राधिकरण ने अनियमितताओं के कारण 40 में से 38 इमारतों को गिराने का आदेश दिया था, जिस पर मुरादाबाद कमिश्नर कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा रखी है। 4. अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई कब है? मुरादाबाद कमिश्नर कोर्ट में जौहर यूनिवर्सिटी की इमारतों से जुड़े मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी। 5. मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट पर आयकर विभाग ने क्या कार्रवाई की है? आयकर विभाग ने नियमों के उल्लंघन पर 17 जून और 23 जून को नोटिस जारी करने के बाद ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया और उसे 'एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स' स्टेटस में बदलने का आदेश दिया। https://trendkia.com/politics/jauhar-university-vittiya-mamale-men-ed-ka-bara-ekshana-rampur-aura-delhi-sameta-azam-khan-ke-10-thikanon-para-reda-18278 TrendKia — Har trend, sabse pehle.