जयपुर में आधी रात उतरा रहस्यमयी चार्टर्ड विमान, सिर्फ 9 मिनट रुककर लौटा, क्या एकनाथ शिंदे थे सवार? महाराष्ट्र की सियासत में हलचल मंगलवार देर रात दिल्ली से जयपुर पहुंचे एक चार्टर्ड विमान ने महज 9 मिनट रुककर वापसी कर ली, और इसी के साथ यह सवाल गहरा गया कि क्या इसमें एकनाथ शिंदे मौजूद थे। शिवसेना (UBT) में संभावित टूट की अटकलों के बीच इस उड़ान ने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। राजस्थान की राजधानी जयपुर का अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट मंगलवार की रात अचानक चर्चा के केंद्र में आ गया। आधी रात के सन्नाटे में दिल्ली से एक चार्टर्ड विमान यहां उतरा, चंद मिनट जमीन पर रुका और फिर बिना किसी ठोस जानकारी के वापस उड़ चला। इतनी छोटी और चुपचाप हुई इस आवाजाही ने राजनीतिक गलियारों में सवालों की झड़ी लगा दी कि आखिर इस विमान में सवार कौन था और इस रात्रि उड़ान का असली मकसद क्या था। नौ मिनट की उड़ान जिसने खड़े कर दिए सवाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यह चार्टर्ड विमान रात 1 बजकर 9 मिनट पर जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर लैंड हुआ। विमान के पहुंचते ही एयरपोर्ट पर हलचल तेज हो गई। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि यह विमान सिर्फ करीब 9 मिनट ही जयपुर में रुका और रात 1 बजकर 18 मिनट पर दोबारा दिल्ली के लिए रवाना हो गया। सूत्रों का कहना है कि इस दौरान न तो किसी यात्री के नीचे उतरने की कोई पुष्टि हुई और न ही किसी के विमान में सवार होने की। यही वजह रही कि इस संक्षिप्त उड़ान को लेकर तरह-तरह की अटकलें शुरू हो गईं। क्या विमान में थे एकनाथ शिंदे इस घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की रही कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे इसी विमान में मौजूद थे। हालांकि एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, इसलिए यह दावा फिलहाल अटकलों के दायरे में ही है। फिर भी, जिस समय यह उड़ान हुई, उसने इस चर्चा को और हवा दे दी, क्योंकि शिंदे इन दिनों लगातार दिल्ली में सक्रिय बताए जा रहे हैं और कई नेताओं के साथ बैठकों में व्यस्त हैं। शिवसेना (UBT) में टूट की सुगबुगाहट यह पूरा घटनाक्रम ऐसे वक्त सामने आया है जब महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के भीतर संभावित टूट की चर्चाएं जोरों पर हैं। राजनीतिक हलकों में दावा किया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के कुछ सांसद मौजूदा हालात से नाखुश हैं और अलग राह पकड़ने पर विचार कर सकते हैं। इन्हीं अटकलों के बीच यह भी कहा जा रहा है कि उद्धव गुट के 6 सांसद शिंदे की शिवसेना के संपर्क में हैं। ऐसे में जयपुर की यह रात्रि उड़ान संयोग नहीं, बल्कि किसी बड़ी सियासी हलचल का संकेत मानी जा रही है। लोकसभा अध्यक्ष को उद्धव गुट का पत्र संभावित संकट को भांपते हुए उद्धव ठाकरे गुट ने पहले ही मोर्चेबंदी शुरू कर दी है। गुट ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर अपनी चिंता दर्ज कराई है। पार्टी का कहना है कि किसी भी सांसद समूह की ओर से अलग पहचान या नए गुट के दावे को जल्दबाजी में मान्यता नहीं दी जानी चाहिए। पत्र में संविधान और सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए यह तर्क रखा गया है कि मूल राजनीतिक दल की मान्यता ही सबसे ऊपर रहनी चाहिए। दिल्ली से मुंबई तक टिकी निगाहें आने वाले कुछ दिनों को महाराष्ट्र की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, जहां बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं। यही कारण है कि दिल्ली, मुंबई और अब जयपुर से जुड़ी हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। चार्टर्ड विमान की इस रहस्यमयी यात्रा को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, फिर भी इसने सियासी चर्चाओं को नई धार दे दी है। सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि आधी रात जयपुर पहुंचा यह विमान किस मिशन पर था और क्या वाकई इसमें एकनाथ शिंदे सवार थे, या फिर यह सिर्फ राजनीतिक कयासों का हिस्सा भर है। जवाब चाहे जो भी हो, इस उड़ान ने राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र और दिल्ली तक राजनीतिक हलकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इसका आप पर असर • भारत में: अगर शिवसेना (UBT) में टूट होती है तो महाराष्ट्र की सत्ता का संतुलन बदल सकता है, जिसका असर राज्य की सरकारी नीतियों और आने वाले चुनावी समीकरणों पर पड़ेगा। • महाराष्ट्र में: राज्य के मतदाताओं और कार्यकर्ताओं के लिए यह सीधे तौर पर तय करेगा कि असली शिवसेना किसकी मानी जाएगी और किसके सांसद किस खेमे में रहेंगे। सवाल-जवाब 1. जयपुर एयरपोर्ट पर चार्टर्ड विमान कब उतरा और कब लौटा? विमान रात 1 बजकर 9 मिनट पर जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरा और करीब 9 मिनट रुककर 1 बजकर 18 मिनट पर वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गया। 2. क्या इस विमान में एकनाथ शिंदे होने की पुष्टि हुई है? नहीं, चर्चा जरूर है कि एकनाथ शिंदे इसमें सवार थे, लेकिन एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। 3. उद्धव गुट ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र क्यों लिखा? उद्धव ठाकरे गुट ने संभावित राजनीतिक संकट को देखते हुए ओम बिरला को पत्र लिखकर मांग की है कि किसी सांसद समूह के अलग गुट के दावे को जल्दबाजी में मान्यता न दी जाए। 4. उद्धव गुट के कितने सांसदों पर सवाल खड़े हुए हैं? चर्चा है कि उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसद शिंदे की शिवसेना के संपर्क में हैं। https://trendkia.com/politics/jayapura-men-adhi-rata-utara-rahasyamayi-chartarda-vimana-sirpha-9-minata-rukaka-1423 TrendKia — Har trend, sabse pehle.