कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार पर नई दिल्ली में राहुल गांधी संग अहम बैठक, 14 नामों पर सहमति के बाद बाकी 6 पदों पर निर्णय की तैयारी कर्नाटक में डीके शिवकुमार सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर नई दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान की बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें राहुल गांधी की मौजूदगी में अंतिम 6 मंत्री पदों पर फैसला होना है। कर्नाटक में कई हफ्तों से बनी राजनीतिक अनिश्चितता अब समाप्त होने के करीब पहुंच गई है। राज्य में डीके शिवकुमार सरकार के बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर नई दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के स्तर पर बैठकों का दौर जारी है। मुख्य रूप से 3 जून को मुख्यमंत्री पद संभालने वाले डीके शिवकुमार पिछले लगभग दो महीनों से अधूरे मंत्रिमंडल के साथ सरकार का संचालन कर रहे हैं। अब बुधवार को नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उपस्थिति में आयोजित शीर्ष स्तरीय बैठक में शेष खाली पड़े मंत्री पदों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि सभी समीकरणों पर सहमति बन जाती है तो गुरुवार को नए मंत्रियों के लिए शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जा सकता है। 14 मंत्री पदों पर सहमति और शपथ ग्रहण की प्रशासनिक तैयारियां पार्टी नेतृत्व के भीतर लंबे परामर्श के बाद मंत्रिमंडल की रूपरेखा स्पष्ट होती दिख रही है। एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल की उपस्थिति में मंगलवार को आयोजित बैठक के दौरान लगभग 14 मंत्री पदों पर सहमति बन चुकी है। अब केवल शेष 6 स्थानों को लेकर अंतिम फैसला लिया जाना बाकी है, जिस पर राहुल गांधी वरिष्ठ नेताओं के परामर्श से मोहर लगाएंगे। दूसरी तरफ राज्य प्रशासन ने संभावित शपथ ग्रहण कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए तैयारियां आरंभ कर दी हैं। बेंगलुरु स्थित लोक भवन प्रशासन को आवश्यक प्रबंध पूरे करने के संबंध में मौखिक दिशा-निर्देश प्रदान किए जा चुके हैं। हालांकि औपचारिक समय सारणी की घोषणा हाईकमान से अंतिम स्वीकृति मिलने के पश्चात ही की जाएगी। मंत्रिमंडल चयन में नए चेहरों और अनुभवी नेताओं के बीच संतुलन का मॉडल मंत्रिमंडल के स्वरूप को लेकर पार्टी के शीर्ष नेताओं के मध्य भिन्न दृष्टिकोण देखने को मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का मानना है कि नए और युवा नेतृत्व को प्रोत्साहन देने के लिए लगभग 75 प्रतिशत स्थान प्रथम बार निर्वाचित विधायकों और नए चेहरों को दिए जाने चाहिए। उनका तर्क है कि इससे सरकार की कार्यशैली में नई ऊर्जा का संचार होगा। इसके विपरीत पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया का विचार है कि सरकार के सुचारू संचालन और प्रशासनिक अनुभव का लाभ उठाने के लिए कई वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में बनाए रखना आवश्यक है। पार्टी हाईकमान दोनों पक्षों के विचारों को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित 60:40 मॉडल पर विचार कर रहा है, जिसमें 60 प्रतिशत नए और 40 प्रतिशत अनुभवी नेताओं का समावेश किया जाएगा। दो नए उपमुख्यमंत्री और सामाजिक समीकरणों को साधने की रणनीति कांग्रेस नेतृत्व मंत्रिमंडल विस्तार के माध्यम से राज्य के क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को भी साधने का प्रयास कर रहा है। आगामी चुनावों की रणनीतिक आवश्यकताओं को देखते हुए दो नए उपमुख्यमंत्री बनाए जाने के प्रस्ताव पर गंभीर विचार-विमर्श चल रहा है। प्रस्तावित योजना के अनुसार इनमें से एक उपमुख्यमंत्री पद लिंगायत समुदाय के प्रतिनिधि को तथा दूसरा पद अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय के नेता को दिया जा सकता है। वर्तमान समय में अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से आने वाले जी. परमेश्वर राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं। महिला और अल्पसंख्यक नेताओं की दावेदारी तथा संगठनात्मक तालमेल इस बार के विस्तार में महिला प्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया जा रहा है। संभावित नामों की सूची में लक्ष्मी हेब्बालकर, रूपकला, आरती कृष्णा, नयना मोटम्मा और कनीज फातिमा प्रमुखता से शामिल हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार छह बार के विधायक तनवीर सैत, वरिष्ठ नेता सलीम अहमद और युवा विधायक रिजवान अरशद को मंत्रिमंडल में शामिल करने के पक्षधर हैं। वहीं कर्नाटक कांग्रेस के प्रभारी और एआईसीसी महासचिव जमीर अहमद खान भी दिल्ली की बैठकों में सक्रिय हैं। हाल ही में दावणगेरे उपचुनाव से जुड़े विवाद पर माफी मांगने के बाद यह माना जा रहा है कि इस विस्तार के जरिए पार्टी अपने आंतरिक असंतोष को दूर करने का प्रयास भी कर रही है। इसका आप पर असर भारत में: दक्षिण भारत के प्रमुख राज्य कर्नाटक में राजनीतिक स्थिरता और प्रशासनिक दक्षता से राष्ट्रीय स्तर पर विकास योजनाओं और नीतिगत निर्णयों के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। कर्नाटक में: नए मंत्रियों के पदभार ग्रहण करने से विभिन्न सरकारी विभागों के कामकाज में तेजी आएगी, जिससे आम नागरिकों को जन सेवाओं और क्षेत्रीय विकास परियोजनाओं का त्वरित लाभ मिलेगा। सवाल-जवाब 1. कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार पर निर्णय कहां और किसकी मौजूदगी में लिया जा रहा है? मंत्रिमंडल विस्तार पर अंतिम निर्णय नई दिल्ली में आयोजित बैठक के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी हाईकमान की मौजूदगी में लिया जा रहा है। 2. डीके शिवकुमार ने मंत्रिमंडल में नए चेहरों को लेकर क्या सुझाव दिया है? मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सुझाव दिया है कि नए और युवा नेतृत्व को अवसर देने के लिए मंत्रिमंडल में लगभग 75 प्रतिशत नए चेहरों को शामिल किया जाना चाहिए। 3. मंत्रिमंडल गठन के लिए 60:40 मॉडल क्या है? 60:40 मॉडल कांग्रेस हाईकमान द्वारा विचार किया जा रहा एक संतुलित फॉर्मूला है, जिसके तहत 60 प्रतिशत नए नेताओं और 40 प्रतिशत अनुभवी नेताओं को मंत्रिमंडल में स्थान दिया जाएगा। 4. कितने नए उपमुख्यमंत्री बनाने के प्रस्ताव पर विचार हो रहा है? मंत्रिमंडल विस्तार के साथ लिंगायत और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदायों से दो नए उपमुख्यमंत्री बनाए जाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। 5. कितने मंत्री पदों पर सहमति बन चुकी है और कितनों पर निर्णय बाकी है? मंगलवार की बैठक में 14 मंत्री पदों पर सहमति बन चुकी है, जबकि शेष 6 पदों पर राहुल गांधी द्वारा फैसला लिया जाना है। https://trendkia.com/politics/karnataka-mntrimndala-vistara-para-new-delhi-men-rahul-gandhi-snga-ahama-baithaka-14-namon-para-sahamati-ke-bada-baki-6-padon-para-11819 TrendKia — Har trend, sabse pehle.