केजरीवाल का बड़ा दावा: पंजाब में नवंबर 2026 में ही हो सकता है विधानसभा चुनाव, भगवंत मान फिर बनेंगे CM चेहरा बठिंडा में रोड शो के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब का विधानसभा चुनाव फरवरी 2027 की तय समयसीमा से पहले, इसी साल नवंबर में हो सकता है और AAP एक बार फिर भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाकर मैदान में उतरेगी। आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को एक ऐसा दावा किया जिसने पंजाब की सियासत में हलचल पैदा कर दी। उनके मुताबिक राज्य का अगला विधानसभा चुनाव अपने तय समय फरवरी 2027 का इंतज़ार नहीं करेगा, बल्कि इसी साल यानी नवंबर 2026 में ही करा लिया जा सकता है। दिलचस्प यह रहा कि चुनाव जल्दी होने की वजह उन्होंने नहीं बताई। क्या कहा केजरीवाल ने केजरीवाल ने साफ कर दिया कि अगर चुनाव वाकई जल्दी होते हैं तो AAP के पास तैयारी के लिए ज़्यादा वक्त नहीं बचा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और लोगों से अभी से जुट जाने की अपील की। उनका दावा था कि पार्टी पिछले चार साल से पंजाब में सरकार चला रही है और जनता उसके कामकाज से संतुष्ट है। इसी बात को बड़ा बनाने के लिए उन्होंने विपक्ष की पुरानी सरकारों का ज़िक्र किया और कहा कि वे जब-जब अपने कार्यकाल के आखिरी साल तक पहुँचती थीं, उनके खिलाफ लोगों का गुस्सा उभरने लगता था — जबकि AAP के मामले में चार साल बाद भी लोग साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री पद के सवाल पर उन्होंने किसी अनिश्चितता की गुंजाइश नहीं छोड़ी। केजरीवाल ने कहा, ''मुझे बताया गया है कि चुनाव फरवरी 2027 के बजाय नवंबर 2026 में हो सकते हैं। ऐसे में अब केवल चार महीने बचे हैं। हमें अभी से काम में जुट जाना चाहिए और भगवंत मान को फिर से मुख्यमंत्री बनाना है।'' बठिंडा की सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन यह दावा केजरीवाल ने बठिंडा में हुए एक रोड शो के बीच किया। उनके साथ मुख्यमंत्री भगवंत मान, पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा समेत कई नेता मौजूद रहे। मौके का इस्तेमाल उन्होंने हाल के नगर निकाय चुनावों के नतीजों को भुनाने में किया और इसके लिए जनता का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने याद दिलाया कि गुरुवार को बरनाला, मोगा, बटाला और बठिंडा नगर निगमों में AAP के चार पार्षद मेयर चुने गए। केजरीवाल का अंदाज़ भावुक भी था। उन्होंने कहा, ''हम काम करने के लिए राजनीति में आए हैं। मैं लोगों के चेहरों पर मुस्कान देखता हूं और अच्छा लगता है कि चार साल बाद भी लोग हमारे काम को पसंद कर रहे हैं।'' विपक्ष पर तीखा वार विरोधियों को घेरने के लिए केजरीवाल ने एक रोचक तरीका अपनाया। उन्होंने कहा कि पंजाब में AAP समेत कुल चार पार्टियां हैं, लेकिन बाकी तीन का नाम लेने के बजाय उन्हें उपनाम दे दिए। उनके शब्दों में, ''एक पार्टी वह है जिसे लोग 'चिट्टा' (मिलावटी हेरोइन) पार्टी कहते हैं। दूसरी 'झगड़ा' पार्टी है जिसके नेता आपस में लड़ते रहते हैं। तीसरी ईडी पार्टी है, जो लोगों को डराने-धमकाने के लिए इस एजेंसी का इस्तेमाल करती है। चौथी पार्टी आम आदमी पार्टी है, आपकी अपनी पार्टी, जो लोगों के लिए काम करती है।'' मान की ईमानदारी पर ज़ोर मुख्यमंत्री भगवंत मान की तारीफ में केजरीवाल ने कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि बीते 75 सालों में पंजाब ने कई मुख्यमंत्री देखे, मगर मान जितना ईमानदार चेहरा कोई नहीं रहा। पहले के मुख्यमंत्रियों पर तरह-तरह के आरोप लगे और घोटाले उजागर हुए, जबकि चार साल के कार्यकाल में मान पर एक भी आरोप नहीं लगा। उन्होंने तंज भरे लहजे में जोड़ा कि अगर मान पर ज़रा भी दाग होता तो क्या मोदी उन्हें छोड़ देते — उन पर ED और CBI के छापे पड़ चुके होते। योजनाओं की गिनती और वोट की अपील केजरीवाल ने सरकार की उपलब्धियों को भी सामने रखा और दावा किया कि बीते चार साल में अलग-अलग वर्गों के लिए कई काम हुए हैं। उन्होंने गिनाया कि AAP सरकार मुफ़्त बिजली के साथ-साथ 10 लाख रुपये का हेल्थ कवर दे रही है। आगे उन्होंने बताया कि जुलाई से महिलाओं के खातों में 1,000 रुपये और SC महिलाओं के लिए 1,500 रुपये की आर्थिक मदद भेजी जाएगी। इसी आधार पर उन्होंने वोट की अपील करते हुए कहा कि बाकी बचे काम पूरे करने के लिए लोगों को एक बार फिर भगवंत मान को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए। https://trendkia.com/politics/kejarivala-ka-bara-dava-punjab-men-navnbara-2026-men-hi-ho-sakata-hai-vidhanasab-383 TrendKia — Har trend, sabse pehle.