केमिस्ट्री प्रोफेसर से रणनीतिकार बने दीपक म्हस्के संभालेंगे भाजपा आईटी सेल, जेन जी को साधने का तैयार किया खास प्लान अमित मालवीय की जगह दीपक म्हस्के को भाजपा की सोशल मीडिया और आईटी सेल की कमान सौंपी गई है, जिन्होंने जमीनी स्तर और Gen Z युवाओं के लिए विशेष डिजिटल रणनीति का खुलासा किया है। भारतीय जनता पार्टी के सोशल मीडिया और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेल में एक बड़ा संगठनात्मक फेरबदल देखने को मिला है। संगठन में सात महीने पूरे कर चुके पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपनी नई टीम की घोषणा करते हुए दीपक म्हस्के को इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी है। यह बदलाव इसलिए भी काफी चर्चा में है क्योंकि दीपक म्हस्के अब अमित मालवीय का स्थान लेंगे, जिन्होंने पिछले 11 वर्षों से भाजपा के डिजिटल और सोशल मीडिया संचालन की कमान संभाली थी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नई जिम्मेदारी संभालने से पहले दीपक म्हस्के ने पार्टी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए डिजिटल मोर्चे पर संगठन को नई दिशा देने के अपने रणनीतिक रोडमैप को साझा किया है। एक दशक लंबे सफल कार्यकाल के बाद डिजिटल नेतृत्व में बदलाव भाजपा के नए आईटी सेल प्रमुख के रूप में नियुक्ति के बाद दीपक म्हस्के ने अपनी प्रतिक्रिया में इसे सम्मान और एक बड़ी जिम्मेदारी का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह पद मिलने से वे काफी उत्साहित हैं और नई जिम्मेदारी की घोषणा के बाद से ही लगातार शुभकामनाएं प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली पहुंचते ही वे अपनी प्राथमिकताओं और रणनीतिक योजनाओं पर अपनी टीम के साथ काम शुरू कर देंगे। जब उनसे पूछा गया कि पार्टी ने 11 साल तक इस पद पर रहे अमित मालवीय के स्थान पर उन्हें क्यों चुना, तो उन्होंने बेहद विनम्रता से कहा कि इसका सटीक उत्तर पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ही दे सकते हैं। हालांकि, उन्होंने स्वयं को भाग्यशाली मानते हुए कहा कि पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, वे उस पर पूरी निष्ठा से खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने पूर्व आईटी प्रमुख अमित मालवीय के योगदान की सराहना करते हुए स्वीकार किया कि मालवीय उनके वरिष्ठ रहे हैं और उनके मार्गदर्शन में काम करने का अनुभव काफी समृद्ध रहा है। अमित मालवीय के 11 वर्षों के दौरान भाजपा ने डिजिटल मीडिया में कई नए आयाम स्थापित किए हैं, और अब उस मजबूत नींव को आगे ले जाने की चुनौती उनके कंधों पर है। बूथ स्तर तक डिजिटल नेटवर्क का विस्तार और प्लेटफॉर्म-आधारित रणनीति तकनीक और सोशल मीडिया की तेजी से बदलती प्रकृति का उल्लेख करते हुए दीपक म्हस्के ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म हर दिन नए रूपों में विकसित हो रहे हैं। ऐसे में उनकी सबसे पहली और शीर्ष प्राथमिकता भाजपा के विचारों, नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं के कंटेंट को देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। वे डिजिटल संगठन की पहुंच को केवल राष्ट्रीय या राज्य स्तर तक सीमित न रखकर सीधे बूथ स्तर तक मजबूत करने पर काम करेंगे। पार्टी संदेशों को अधिक प्रभावी और त्वरित रूप से संप्रेषित करने के लिए व्हाट्सएप (WhatsApp) ग्रुप्स, फेसबुक (Facebook) और अन्य प्रमुख डिजिटल माध्यमों का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा। उनका मानना है कि बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के साथ सीधे संपर्क बनाए रखने के लिए व्हाट्सएप जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म सबसे विश्वसनीय साधन साबित होते हैं। इसी डिजिटल कनेक्टिविटी के जरिए पार्टी अपने प्रमुख मुद्दों को जनता के बीच सीधे पेश करेगी। युवा पीढ़ी (Gen Z) और पुरानी पीढ़ी (Gen X) के लिए अलग-अलग कंटेंट रणनीति बदलती जनसांख्यिकी और युवा आबादी की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए आईटी सेल के नए प्रमुख ने युवाओं तक पहुंचने के लिए एक विशेष रणनीति का खाका पेश किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा का ध्यान हमेशा से युवाओं पर रहा है और अब Gen Z (जेन जी) पीढ़ी के साथ संवाद स्थापित करने के लिए उनकी ही भाषा और उनकी पसंद के डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा। युवाओं तक व्यापक पहुंच बनाने के लिए भाजपा आईटी सेल भारतीय जनता युवा मोर्चा के साथ मिलकर विशेष संयुक्त कार्यक्रम और अभियान तैयार करेगा। रणनीतिक दृष्टिकोण को समझाते हुए उन्होंने कहा कि यदि युवा पीढ़ी इंस्टाग्राम (Instagram) पर अधिक सक्रिय है, तो पार्टी वहां के माहौल और संस्कृति के अनुरूप आकर्षक और छोटा कंटेंट तैयार करेगी। वहीं दूसरी ओर, Gen X (जेन एक्स) या परिपक्व आबादी के लिए फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर अधिक विस्तृत और तथ्यपरक कंटेंट प्रस्तुत किया जाएगा। दीपक म्हस्के के अनुसार, भले ही राजनीतिक या सामाजिक मुद्दा एक ही हो, लेकिन अलग-अलग पीढ़ियों की रुचि और उपभोग पैटर्न को देखते हुए माध्यम, शैली और कंटेंट की प्रस्तुति बिल्कुल अलग होनी चाहिए। केमिस्ट्री प्रोफेसर से राष्ट्रीय रणनीतिकार तक का सफर और छत्तीसगढ़ का अनुभव दीपक म्हस्के की इस नई भूमिका के पीछे उनका मजबूत शैक्षणिक बैकग्राउंड और जमीनी स्तर का सांगठनिक अनुभव एक मुख्य कारण माना जा रहा है। राजनीति में सक्रिय होने से पहले वे पेशे से केमिस्ट्री (रसायन शास्त्र) के प्रोफेसर रह चुके हैं। उनकी विश्लेषणात्मक क्षमता और रणनीतिक सोच ने उन्हें संगठन में तेजी से आगे बढ़ने में मदद की। साल 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें छत्तीसगढ़ में भाजपा का सोशल मीडिया कन्वीनर बनाया गया था। छत्तीसगढ़ में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने स्थानीय और जमीनी स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप्स का एक विशाल नेटवर्क खड़ा करके पार्टी संगठन को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान की थी। निचले स्तर पर डिजिटल नेटवर्क तैयार करने के इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर आईटी सेल का दायित्व सौंपा है। दिल्ली पहुंचने के बाद वे अपनी पूरी टीम के साथ बैठक कर इन योजनाओं को जमीनी हकीकत में बदलने की रणनीति को अंतिम रूप देंगे। इसका आप पर असर भारत में: राजनीतिक दलों द्वारा डिजिटल संचार नीतियों में किए जा रहे बदलाव से आम नागरिकों और युवाओं तक सोशल मीडिया के जरिए सरकारी नीतियों और राजनीतिक संदेशों की पहुंच अधिक पारदर्शी और प्लेटफॉर्म-विशिष्ट होगी। छत्तीसगढ़ और दिल्ली में: राज्यों में जमीनी स्तर पर किए गए सफल काम और बूथ-स्तरीय नेटवर्क निर्माण का प्रभाव राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक फैसलों और संगठन संचालन में देखने को मिल रहा है। सवाल-जवाब 1. भाजपा आईटी सेल का नया प्रमुख किसे नियुक्त किया गया है? केमिस्ट्री के पूर्व प्रोफेसर और संगठन रणनीतिकार दीपक म्हस्के को भाजपा आईटी सेल का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है। 2. दीपक म्हस्के से पहले भाजपा सोशल मीडिया की जिम्मेदारी किसके पास थी? दीपक म्हस्के से पहले अमित मालवीय 11 सालों तक भाजपा के सोशल मीडिया और आईटी सेल की कमान संभाल रहे थे। 3. Gen Z युवाओं को जोड़ने के लिए भाजपा आईटी सेल का क्या प्लान है? भाजपा युवा मोर्चा के साथ मिलकर इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर युवाओं की भाषा में छोटा और आकर्षक कंटेंट तैयार किया जाएगा। 4. दीपक म्हस्के का पिछला सांगठनिक अनुभव क्या रहा है? उन्होंने 2018 में छत्तीसगढ़ में सोशल मीडिया कन्वीनर के रूप में स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप्स का नेटवर्क बनाकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया था। प्रेरणा और सबक प्रेरणा और सबक: • जमीनी स्तर पर काम का महत्व: एक केमिस्ट्री प्रोफेसर के रूप में शुरुआत करने के बाद 2018 में छत्तीसगढ़ के स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप्स से संगठन को मजबूत करने की मेहनत ने राष्ट्रीय पहचान दिलाई। • बदलाव को अपनाना: तकनीक और पीढ़ियों की पसंद के अनुसार अपने संवाद के तरीके को बदलना ही सफलता की कुंजी है। • वरिष्ठों के काम का सम्मान: नेतृत्व में बदलाव के बावजूद पूर्व अधिकारी के काम का सम्मान करते हुए आगे बढ़ना एक कुशल रणनीतिकार की पहचान है। https://trendkia.com/politics/kemistri-prophesara-se-rananitikara-bane-deepak-maske-snbhalenge-bjp-aiti-sela-jena-ji-ko-sadhane-ka-taiyara-kiya-khasa-plana-17901 TrendKia — Har trend, sabse pehle.