केरल के 38 वार्डों के उपचुनाव में वीडी सतीशन और यूडीएफ की साख दांव पर, क्या मई की जीत साबित होगी? केरल के 12 जिलों में 38 स्थानीय निकाय वार्डों के लिए आज मतदान हो रहा है, जो नई सरकार के गठन के बाद पहला बड़ा चुनावी परीक्षण है। इन परिणामों से यह स्पष्ट होगा कि कुछ महीने पहले मिली शानदार सफलता का असर जमीनी स्तर पर बरकरार है या नहीं। केरल की राजनीति में एक बार फिर सरगर्मी तेज हो गई है क्योंकि राज्य के भीतर स्थानीय निकायों के उपचुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और उनके गठबंधन यूडीएफ के लिए यह मुकाबला काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि चार महीने पहले विधानसभा चुनावों में भारी बहुमत हासिल करने के बाद यह उनका पहला बड़ा चुनावी इम्तिहान है। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर टिकी है कि जनता का यह रुख केवल एक तात्कालिक लहर थी या फिर कांग्रेस के पक्ष में मजबूत जनाधार तैयार हुआ है। बारह जिलों में फैला चुनावी मैदान इस चरण के तहत कुल बारह जिलों के अड़तीस स्थानीय वार्डों में मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, हालांकि इस सूची में कोल्लम और अलप्पुझा को शामिल नहीं किया गया है। चुनाव आयोग के अनुसार इस प्रक्रिया में दो कॉर्पोरेशन वार्ड, तीन नगरपालिका वार्ड, तीन जिला पंचायत वार्ड, सात ब्लॉक पंचायत वार्ड और तेईस ग्राम पंचायत वार्ड शामिल हैं। इन सभी सीटों पर कुल एक सौ छब्बीस उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। सीटों का पुराना समीकरण और पार्टियों की रणनीतियां मुकाबले में उतरी इन अड़तीस सीटों में से पहले ही बाईस स्थानों पर यूडीएफ का कब्जा था, जबकि पंद्रह वार्ड एलडीएफ के नियंत्रण में थे। वामपंथी गठबंधन के सामने इन चुनावों के जरिए अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की चुनौती है। दूसरी तरफ भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन भी इन क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। सभी प्रमुख दलों के लिए यह चुनाव जनता के मूड को भांपने का एक बड़ा माध्यम बन गया है। बिजली संकट और मंत्रियों के दौरों पर गर्माई सियासत प्रचार के दौरान विपक्षी दलों ने राज्य में बिजली की किल्लत के मुद्दों के साथ-साथ मुख्यमंत्री के हवाई सफर और अन्य मंत्रियों के विदेश दौरों से जुड़े विवादों को जोर-शोर से उठाया। इसके जवाब में सत्ताधारी दल ने अपनी कल्याणकारी नीतियों का हवाला दिया, जिसमें विशेष रूप से प्रियदर्शिनी योजना का जिक्र किया गया। इस प्रकार स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ शासन की कार्यप्रणाली पर भी बहस छिड़ी रही। मतदान और नतीजों का पूरा कार्यक्रम सोमवार को सुबह सात बजे से शुरू हुआ मतदान शाम छह बजे तक जारी रहा। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मतों की गिनती मंगलवार उनैस सितंबर को सुबह दस बजे से शुरू होगी और दोपहर तक सभी नतीजे सामने आने की उम्मीद है। हालांकि इन परिणामों से पूरे राज्य की राजनीति की दशा पूरी तरह तय नहीं होगी, लेकिन यह जरूर स्पष्ट हो जाएगा कि जमीनी स्तर पर राजनीतिक समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसका आप पर असर केरल के इन उपचुनावों का सीधा असर राज्य की स्थानीय प्रशासनिक राजनीति और जनता के बीच सरकार की शुरुआती लोकप्रियता पर पड़ेगा। • भारत में: राज्य स्तर पर होने वाले ये छोटे चुनाव यह तय करते हैं कि क्षेत्रीय नीतियों का असर जमीनी मतदाताओं तक कितना पहुंच रहा है। इससे अन्य राज्यों के राजनीतिक दलों को भी स्थानीय चुनावों की रणनीति तैयार करने में मदद मिलती है। • केरल में: राज्य के बारह जिलों के अड़तीस वार्डों के मतदाताओं के लिए यह चुनाव बुनियादी सुविधाओं, बिजली आपूर्ति और स्थानीय विकास कार्यों की दिशा तय करेगा। नतीजे यह स्पष्ट करेंगे कि स्थानीय निकायों में जनता किसे अपना प्रभावी प्रतिनिधि मानती है। ऐसा क्यों हुआ चार महीने पहले विधानसभा चुनावों में हुए बड़े उलटफेर के बाद यह उपचुनाव दोनों प्रमुख गठबंधनों के लिए अपनी राजनीतिक ताकत को परखने का एक अनिवार्य जरिया बन गया है। • सत्ता परिवर्तन का प्रभाव: राज्य में हाल ही में हुए सत्ता बदलाव के बाद राजनीतिक दलों के बीच अपनी पैठ बनाए रखने की होड़ मच गई है। • स्थानीय नेतृत्व की परीक्षा: वार्ड स्तर के इन चुनावों से यह साफ होता है कि क्षेत्रीय नेता जनता के बीच कितने सक्रिय हैं और चुनावी वादों पर कितना अमल हो रहा है। • विपक्षी रणनीति: एलडीएफ और एनडीए दोनों के लिए यह जरूरी था कि वे अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन को दोबारा हासिल करने के लिए चुनावी मैदान में उतरें। सवाल-जवाब 1. केरल के कितने जिलों में उपचुनाव हो रहे हैं? उपचुनाव राज्य के कुल 12 जिलों में आयोजित किए जा रहे हैं। 2. इस चरण में कुल कितने वार्डों पर वोट डाले जा रहे हैं? राज्य के 38 स्थानीय निकाय वार्डों के लिए मतदान हो रहा है। 3. मतदान कब शुरू हुआ और कब समाप्त हुआ? मतदान सोमवार सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक चला। 4. मतगणना किस दिन होगी? मतों की गिनती मंगलवार 29 सितंबर को सुबह 10 बजे से शुरू होगी। 5. चुनाव मैदान में कुल कितने उम्मीदवार हैं? इन 38 वार्डों में कुल 126 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। https://trendkia.com/politics/kerala-ke-38-vardon-ke-upachunava-men-vd-satheesan-aura-udf-ki-sakha-danva-para-kya-mai-ki-jita-sabita-hogi-39839 TrendKia — Har trend, sabse pehle.