कोलकाता में आशुतोष रांका की बैठक रद्द, कॉकरोच जनता पार्टी ने हॉल मालिकों पर लगाया दबाव का आरोप उत्तर कोलकाता के भारत सभा हॉल सहित सात स्थानों द्वारा जगह देने से इनकार करने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी की प्रस्तावित बैठक रद्द कर दी गई है। पार्टी ने इसके पीछे राज्य सरकार के दबाव का आरोप लगाया है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से आयोजित होने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक को अंतिम समय में रद्द करना पड़ा है। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद राज्य में प्रशासनिक और राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। संगठन का दावा है कि कार्यक्रम के लिए तय किए गए स्थान के प्रबंधन ने अचानक जगह देने से पीछे हटने का फैसला किया, जिसके कारण बुधवार को होने वाला यह आयोजन स्थगित करना पड़ा। कोलकाता में सीजेपी के कार्यक्रम पर लगा ताला कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने मंगलवार दोपहर अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए इस पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने जानकारी दी कि उत्तर कोलकाता स्थित प्रसिद्ध भारत सभा हॉल में बुधवार को पार्टी की एक बड़ी बैठक प्रस्तावित थी। हालांकि, कार्यक्रम से ठीक पहले हॉल के मालिक ने परिसर का उपयोग करने की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया। आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि हॉल प्रबंधन ने यह कदम स्वतंत्र रूप से नहीं उठाया है, बल्कि इसके पीछे बाहरी दबाव और सीधी धमकियां काम कर रही थीं। इस अचानक हुए फैसले के कारण कार्यकर्ताओं में भारी निराशा देखी गई और पार्टी को ऐन वक्त पर अपना पूरा कार्यक्रम रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा। सरकारी दबाव का आरोप और छह अन्य हॉलों का इनकार आशुतोष रांका द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, भारत सभा हॉल अकेला ऐसा स्थान नहीं था जिसने इस आयोजन से दूरी बनाई। उन्होंने दावा किया कि भारत सभा हॉल से इनकार मिलने के बाद संगठन ने कोलकाता की छह अन्य प्रमुख जगहों से संपर्क साधा था। लेकिन उन सभी छह हॉल मालिकों ने भी कॉकरोच जनता पार्टी को अपने परिसर में बैठक आयोजित करने की अनुमति देने से स्पष्ट मना कर दिया। रांका के अनुसार, इन स्थानों के प्रबंधकों और मालिकों ने बातचीत के दौरान यह स्वीकार किया कि उन पर राज्य सरकार की ओर से भारी दबाव बनाया जा रहा था, जिसके चलते वे जोखिम नहीं लेना चाहते थे। हालांकि, इन गंभीर आरोपों के संबंध में संबंधित हॉल मालिकों अथवा राज्य सरकार के प्रतिनिधियों की ओर से कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। 'स्कूल ठीक करो' अभियान जारी रखने का संकल्प इस प्रशासनिक बाधा के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं के तेवर कड़े नजर आ रहे हैं। आशुतोष रांका ने अपने बयान में कहा कि संगठन को रोकने या दबाने के जितने प्रयास किए जाएंगे, उसकी ताकत और विस्तार उतना ही अधिक बढ़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही इस बार उन्हें बंगाल के नागरिकों और कार्यकर्ताओं से आमने-सामने संवाद करने का अवसर नहीं मिल सका, लेकिन इससे उनका हौसला कमजोर नहीं हुआ है। पार्टी ने घोषणा की है कि वह जल्द ही एक बड़े पैमाने के कार्यक्रम का आयोजन करके इस रद्द हुई बैठक की भरपाई करेगी। इसके साथ ही पार्टी ने अपना संकल्प दोहराया कि उसका 'स्कूल ठीक करो' अभियान बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा। पार्टी के कार्यकर्ता पश्चिम बंगाल के विभिन्न सरकारी स्कूलों का लगातार दौरा करते रहेंगे और वहां की जमीनी स्थिति की समीक्षा करेंगे। संगठन का प्राथमिक उद्देश्य सरकारी स्कूलों में व्याप्त कमियों को उजागर करना और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए सरकार पर प्रशासनिक दबाव बनाए रखना है। बांकुरा कांड और स्वयंसेवक के पिता की रहस्यमय मौत कॉकरोच जनता पार्टी और राज्य प्रशासन के बीच यह टकराव नया नहीं है। इससे पहले भी संगठन सरकारी स्कूलों की दयनीय स्थिति और प्रशासनिक कमियों को लेकर राज्य सरकार पर तीखे सवाल उठाता रहा है। पार्टी का मानना है कि सरकारी शिक्षण संस्थानों के ढांचे और पढ़ाई के स्तर को सुधारने के लिए सरकार को सभी पक्षों के साथ सकारात्मक वार्ता करनी चाहिए। इसी अभियान के दौरान एक दुखद घटना सामने आई थी, जिसने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया। पार्टी के अनुसार, बांकुरा जिले में संगठन का एक स्वयंसेवक सरकारी स्कूलों का जायजा लेने और ऑडिट करने के अभियान में सक्रिय रूप से शामिल हुआ था। आरोप है कि इस अभियान में भाग लेने के ठीक बाद उस स्वयंसेवक के पिता की रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल सरकार को कड़ा अल्टीमेटम दिया था और बांकुरा मामले में शामिल दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई तथा उनकी गिरफ्तारी की मांग की थी। प्रेस क्लब में बिजली गुल होने से रद्द हुई प्रेस वार्ता आशुतोष रांका ने मौजूदा राजनीतिक स्थिति का हवाला देते हुए उल्लेख किया कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार को सत्ता संभाले अभी लगभग चार महीने ही पूरे हुए हैं। उनका कहना था कि इतने कम समय में यदि सरकार चाहती तो शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अतिरिक्त समय मांग सकती थी और सभी हितधारकों के साथ चर्चा का रास्ता चुन सकती थी। लेकिन इस दौरान उनके अभियान के बीच यह अप्रिय घटनाक्रम घटित हो गया। सीजेपी के लिए बाधाएं केवल जनसभा की जगह तक सीमित नहीं रहीं। आशुतोष रांका के अनुसार, वे कोलकाता प्रेस क्लब में पत्रकारों को संबोधित करने और अपनी बात मीडिया के समक्ष रखने वाले थे। परंतु सोमवार रात से ही कोलकाता प्रेस क्लब परिसर में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। लगातार बिजली कटौती के कारण प्रेस क्लब में आयोजित होने वाली मीडिया वार्ता को भी रद्द करना पड़ा, जिससे पार्टी अपनी बात पत्रकारों तक नहीं पहुंचा सकी। भविष्य की रणनीति और अनसुलझे सवाल लगातार दो आयोजनों में आई बाधाओं के बाद भी कॉकरोच जनता पार्टी के तेवर आक्रामक बने हुए हैं। आशुतोष रांका का कहना है कि प्रशासनिक या राजनीतिक रुकावटें उनके संगठन की गतिविधियों को रोक नहीं सकती हैं। संगठन का स्पष्ट रुख है कि सरकारी स्कूलों की स्थिति को सुधारने के लिए उनका जमीनी निरीक्षण अभियान जारी रहेगा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर कोलकाता के तमाम हॉल मालिकों ने एक साथ बैठक के लिए जगह देने से इनकार क्यों किया। कॉकरोच जनता पार्टी इसे सीधे तौर पर सत्तारूढ़ तंत्र का राजनीतिक दबाव करार दे रही है, जबकि इस दावे की कोई स्वतंत्र प्रशासनिक पुष्टि नहीं हो पाई है। बैठक रद्द होने के बाद संगठन ने जल्द ही एक बड़े राज्यस्तरीय कार्यक्रम के आयोजन के संकेत दिए हैं। अब राजनीतिक विश्लेषकों और आम जनता की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सीजेपी अपना अगला बड़ा कदम कब और किस रूप में उठाती है। इसका आप पर असर भारत में: राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए सार्वजनिक या निजी परिसरों की बुकिंग में पारदर्शिता और निष्पक्षता की बहस को बल मिलता है। पश्चिम बंगाल में: सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने की मांग और राजनीतिक उठापटक का सीधा असर आम अभिभावकों व छात्रों की शिक्षा पर पड़ता है। सवाल-जवाब 1. क्यों रद्द हुई कॉकरोच जनता पार्टी की कोलकाता बैठक? हॉल प्रबंधन द्वारा अंतिम समय में जगह देने से मना करने के कारण बुधवार की प्रस्तावित बैठक रद्द हुई। 2. सीजेपी ने हॉल बुकिंग रद्द होने के पीछे क्या कारण बताया? आशुतोष रांका के अनुसार, हॉल मालिकों पर राज्य सरकार की ओर से भारी दबाव और धमकियां थीं। 3. कुल कितने हॉलों ने कार्यक्रम आयोजित करने से इनकार किया? भारत सभा हॉल सहित कुल सात स्थानों के मालिकों ने कार्यक्रम के लिए जगह देने से मना किया। 4. क्या 'स्कूल ठीक करो' अभियान जारी रहेगा? हां, पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे सरकारी स्कूलों का दौरा कर सुधार के लिए सरकार पर दबाव बनाए रखेंगे। 5. कोलकाता प्रेस क्लब में मीडिया वार्ता क्यों रद्द हुई? सोमवार रात से प्रेस क्लब परिसर में बिजली की आपूर्ति ठप होने के कारण मीडिया संबोधन रद्द करना पड़ा। 6. बांकुरा जिले की घटना में सीजेपी की क्या मांग है? सीजेपी ने स्कूल ऑडिट अभियान में शामिल स्वयंसेवक के पिता की रहस्यमय मौत के दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। https://trendkia.com/politics/kolkata-men-ashutosh-ranka-ki-baithaka-radda-cockroach-janta-party-ne-hola-malikon-para-lagaya-dabava-ka-aropa-18257 TrendKia — Har trend, sabse pehle.