कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के दफ्तर पर बागी विधायकों की धावा, अरूप रॉय को बताया नया अध्यक्ष टीएमसी के बागी विधायकों ने पार्टी मुख्यालय पर कब्जा कर ताला जड़ दिया और अरूप रॉय को चेयरमैन बताते हुए पोस्टर लगा दिया, जिसके बाद कुनाल घोष और मदन मित्रा ने इसे गैरकानूनी बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद ममता बनर्जी की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायकों ने पार्टी के मुख्यालय पर ही अपना दावा ठोक दिया है। दफ्तर के बाहर लगाए गए पोस्टर में अरूप रॉय को पार्टी अध्यक्ष और ममता बनर्जी को महज सलाहकार बताया गया है। ऋतब्रत बनर्जी गुट के नेताओं का कहना है कि असली तृणमूल कांग्रेस वही हैं और पार्टी दफ्तर पर उनका ही हक है। कॉन्फ्रेंस रूम में फोटो, फिर बाहर से ताला तृणमूल कांग्रेस का मुख्यालय कोलकाता की मेट्रोपॉलिटन बाइपास रोड पर स्थित है। यही वह इमारत है जिसमें अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी भी बैठते हैं। पांच से छह मंजिला इस इमारत में शाम करीब साढ़े छह से सात बजे के बीच अरूप रॉय, ऋतब्रत बनर्जी और फरीद हाकिम समेत कई बागी विधायक अचानक पहुंच गए। ये सभी नेता पहले दफ्तर के अंदर दाखिल हुए और सीधे मुख्य कॉन्फ्रेंस रूम में जा बैठे। वहां बाकायदा फोटो खिंचवाई गई। इसके बाद ये नेता बाहर निकले और दफ्तर के गेट पर ताला जड़ दिया। ताला लगाने के बाद यहां एक पोस्टर भी चस्पा कर दिया गया, जिसमें अरूप रॉय को ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का चेयरमैन घोषित किया गया है। एक ही दीवार पर दो अलग-अलग दावे दफ्तर के बाहर अब दो पोस्टर आमने-सामने लगे नजर आ रहे हैं, एक तरफ ममता बनर्जी की तस्वीर वाला पोस्टर है तो दूसरी तरफ अरूप रॉय का। ऋतब्रत बनर्जी के समर्थक दो ताले जड़ने के बाद मौके से निकल गए। इसके फौरन बाद कुनाल घोष दफ्तर पहुंचे और कुछ ही देर में पुलिसकर्मी भी वहां पहुंच गए। कुनाल घोष और मदन मित्रा ने मीडिया के सामने कहा कि उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज करा दी है। उनका आरोप है कि बीजेपी के इशारे पर बागी नेताओं ने किराए के इस पार्टी दफ्तर में घुसकर ताला जड़ दिया, जो पूरी तरह से गैरकानूनी है। दोनों नेताओं ने बताया कि प्रगति मैदान पुलिस स्टेशन में उनकी लीज एक्सटेंशन से जुड़े दस्तावेज पहले से ही जमा हैं। उन्होंने पुलिस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस बागियों की टीम की तरह काम कर रही है, इसीलिए उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है और इस पर कार्रवाई की मांग की है। कुनाल घोष और मदन मित्रा ने साफ कहा कि बागी नेता ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को हथियाना चाहते हैं, लेकिन ऐसा हो पाना मुमकिन नहीं है। उनका कहना है कि जब यह मामला जनता के बीच जाएगा, तो जनता ही इन्हें असली जवाब देगी। बिल्डिंग पर अगस्त 2027 तक का समझौता तृणमूल कांग्रेस का दफ्तर इस इमारत की पहली और दूसरी मंजिल पर अभी भी सामान्य रूप से चल रहा है। यहां आईटी सेल, यूथ विंग और पार्टी के अन्य विंग से जुड़े कार्यकर्ता बैठते हैं और ये सभी ममता बनर्जी के खेमे से जुड़े हैं। हफ्ते में सिर्फ दो दिन, यानी मंगलवार और शनिवार को यहां सुबह से शाम तक कामकाज होता है, बाकी दिनों में दूसरे कार्यकर्ता यहां बैठते हैं। ममता बनर्जी के खेमे का कहना है कि इस बिल्डिंग को लेकर उनके पास अगस्त 2027 तक का वैध एग्रीमेंट है और इसी एग्रीमेंट के तहत दफ्तर पर उनका ही अधिकार बनता है। बताया जा रहा है कि इमारत की सफेदी यानी व्हाइट वॉश के नाम पर ही बिल्डिंग की पहली, दूसरी मंजिल और नीचे का कॉन्फ्रेंस रूम ममता खेमे को सौंपा गया था। मौजूदा समय में कानूनी तौर पर यह दफ्तर ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के ही नाम है, यही वजह है कि अब तक इमारत खाली नहीं कराई गई है। ममता खेमे के नेताओं का आरोप है कि अरूप रॉय के गुट के लोग इसी लीज और एग्रीमेंट का गलत फायदा उठाकर दफ्तर पर ताला जड़ बैठे हैं। सवाल-जवाब 1. टीएमसी हेडक्वार्टर पर कब्जा किसने किया? अरूप रॉय, ऋतब्रत बनर्जी और फरीद हाकिम समेत कई बागी विधायकों ने दफ्तर पर ताला जड़कर कब्जा किया। 2. टीएमसी का हेडक्वार्टर कहां स्थित है? यह कोलकाता की मेट्रोपॉलिटन बाइपास रोड पर है, जहां अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी भी बैठते हैं। 3. पोस्टर में क्या दावा किया गया है? पोस्टर में अरूप रॉय को ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का चेयरमैन बताया गया है, जबकि ममता बनर्जी को सिर्फ सलाहकार दर्शाया गया है। 4. टीएमसी नेतृत्व ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी? कुनाल घोष और मदन मित्रा ने इसे बीजेपी के इशारे पर किया गया गैरकानूनी कब्जा बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 5. बिल्डिंग को लेकर ममता खेमे का कानूनी दावा क्या है? ममता बनर्जी के खेमे का कहना है कि उनके पास इस बिल्डिंग के लिए अगस्त 2027 तक का वैध एग्रीमेंट है। 6. इमारत की पहली और दूसरी मंजिल पर कौन बैठता है? यहां आईटी सेल, यूथ विंग और ममता बनर्जी के खेमे से जुड़े अन्य कार्यकर्ता हफ्ते में मंगलवार और शनिवार को बैठते हैं। 7. पुलिस को लेकर टीएमसी नेताओं ने क्या आरोप लगाया? कुनाल घोष और मदन मित्रा ने आरोप लगाया कि पुलिस बागी नेताओं की बी टीम की तरह काम कर रही है। https://trendkia.com/politics/kolkata-men-trinamool-congress-ke-daphtara-para-bagi-vidhayakon-ki-dhava-arup-roy-ko-bataya-naya-adhyaksha-4437 TrendKia — Har trend, sabse pehle.