# कर्नाटक लोक सेवा आयोग भर्ती में पेपर लीक का पर्दाफाश, 40 लाख तक बिका पर्चा

> कर्नाटक लोक सेवा आयोग की परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक कर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये ऐंठने और रिसॉर्ट में उत्तर रटवाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस पूरे प्रकरण में बिचौलियों और मुख्य आरोपियों की भूमिका पर केंद्रीय जांच एजेंसियों और विशेष जांच दल की नजर है।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-10-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/kpsc-bharti-men-pepara-lika-ka-pardaphasha-40-lakha-taka-bika-parcha-41486 · **Language:** Hindi
**Tags:** कर्नाटक लोक सेवा आयोग, पेपर लीक, संबित पात्रा, प्रवर्तन निदेशालय, एसआईटी जांच, भर्ती घोटाला

कर्नाटक लोक सेवा आयोग की प्रतियोगी परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक करने और अभ्यर्थियों से भारी रकम वसूलने का एक बड़ा मामला गरमा गया है। परीक्षा आयोजन से ठीक पहले प्रश्नपत्र लीक कराकर उसे 30 लाख से 40 लाख रुपये तक में बेचने का नेटवर्क सक्रिय था। इस पूरे खेल में राज्य सरकार के मंत्रियों और सत्तारूढ़ दल के वरिष्ठ नेताओं की मिलीभगत का दावा किया गया है। दूसरी ओर, यह भी कहा जा रहा है कि राजनीतिक विवादों और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर हमलों के जरिए इस गंभीर भर्ती घोटाले से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास चल रहा है। संबित पात्रा ने इस पूरे मामले को लेकर प्रेस के सामने विस्तृत ब्योरा रखा और सरकार की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए।

## स्टिंग ऑपरेशन और पेन ड्राइव से लीक हुआ पर्चा
इस पूरे घोटाले की पृष्ठभूमि इसी वर्ष 8 और 9 जनवरी को आयोजित हुई परीक्षा से जुड़ी है। परीक्षा शुरू होने से ठीक एक दिन पहले ही प्रश्नपत्र लीक कर दिया गया था। एस. मंजूनाथ नामक व्यक्ति द्वारा किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से इस अनुचित गतिविधि के पुख्ता प्रमाण जुटाए गए। छानबीन में सामने आया कि ज्ञानेंद्र कुमार ने परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों को एक पेन ड्राइव में सुरक्षित कर बाहर निकाला था। इसके बाद बसवराज कन्नाले नाम के बिचौलिए को ऐसे अभ्यर्थियों की तलाश का जिम्मा दिया गया जो परीक्षा में बैठने वाले थे। बिचौलिए ने शुरू में प्रत्येक अभ्यर्थी से 80 लाख रुपये की भारी मांग रखी थी, लेकिन बाद में यह सौदा प्रति अभ्यर्थी 30 से 40 लाख रुपये के बीच तय हुआ।

## रिजॉर्ट में ठहराव और करोड़ों के लेनदेन का खुलासा
शुरुआती दौर में 11 अभ्यर्थियों से कुल मिलाकर 1 करोड़ 52 लाख रुपये की नकद राशि वसूली गई। बाकी बची रकम की गारंटी के तौर पर उनसे पोस्ट डेटेड चेक ले लिए गए थे। एकत्र की गई इस कुल राशि में से 1 करोड़ 30 लाख रुपये सीधे ज्ञानेंद्र कुमार को सौंपे गए। रिश्वत के तौर पर मिले इसी धन से ज्ञानेंद्र कुमार ने महंगी ज्वेलरी खरीदी, जिसमें 22 लाख रुपये की कीमत का एक डायमंड नेकलेस भी बरामद हुआ है। परीक्षा से ठीक पहले बसवराज ने बेंगलुरु शहर के बाहर एक निजी रिजॉर्ट बुक कराया, जहां इन सभी अभ्यर्थियों को ठहराया गया था। रिजॉर्ट के भीतर परीक्षार्थियों को लीक हुए प्रश्न और उनके सटीक उत्तर रटवाए गए। इसके बाद जब 17 जुलाई को आयोग ने नतीजे घोषित किए, तो इस गिरोह के संपर्क में आए सभी अभ्यर्थियों का चयन हो चुका था। मामले में गड़बड़ी उजागर होने के बाद कर्नाटक सरकार ने मामले की प्रारंभिक जांच सीआईडी को सौंपी थी।

## ईडी की छापेमारी और विशेष जांच दल का गठन
प्रकरण में वित्तीय हेराफेरी का पहलू सामने आते ही प्रवर्तन निदेशालय ने भी दखल दिया और छापेमारी की कार्रवाई की। ईडी की इस तलाशी कार्रवाई के दौरान कई निर्णायक दस्तावेज और साक्ष्य बरामद किए गए। घूस देकर परीक्षा पास करने वाले 11 अभ्यर्थियों में से 10 लड़के सरकारी गवाह बन गए हैं, जिससे जांच एजेंसियों के हाथ मजबूत हुए हैं। मामले की गंभीरता और व्यापकता को देखते हुए उच्च न्यायालय ने अब एक एसआईटी का गठन कर निष्पक्ष जांच का आदेश दिया है। संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि राज्य प्रशासन युवाओं के भविष्य का खुलेआम सौदा कर रहा है और पूरे सिस्टम को रिश्वतखोरी का केंद्र बना दिया गया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सत्ता से जुड़े प्रभावशालियों के नाम सामने आने के डर से मामले की लीपापोती करने की कोशिशें की जा रही हैं।

## इसका आप पर असर
इस भर्ती घोटाले की जांच और खुलासे से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के चयन और आगामी प्रक्रियाओं पर सीधा असर पड़ेगा।

- **पूरे भारत में:** राज्य स्तरीय लोक सेवा आयोगों में पेपर लीक के मामले सामने आने से सरकारी भर्ती परीक्षाओं की साख पर गहरा असर पड़ता है। देश भर के प्रतियोगी छात्र चयन प्रक्रियाओं में फुलप्रूफ डिजिटल सुरक्षा और सख्त निगरानी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
- **कर्नाटक में:** 8 और 9 जनवरी को आयोजित परीक्षा से जुड़े संदिग्ध चयनों की न्यायिक समीक्षा होने से ईमानदार अभ्यर्थियों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। एसआईटी की जांच आगे बढ़ने तक भर्ती प्रक्रिया के अगले चरणों और नियुक्तियों में देरी का सामना करना पड़ सकता है।
- **अभ्यर्थियों पर असर:** मेरिट के आधार पर तैयारी करने वाले वास्तविक छात्रों की सीटें रिश्वतखोर गिरोह छीन लेते हैं। जांच के बाद अयोग्य अभ्यर्थियों के बाहर होने से प्रतीक्षा सूची में शामिल योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिल सकता है।
- **कानूनी कार्रवाई:** 10 छात्रों के सरकारी गवाह बनने से रिश्वत देने और लेने वाले पूरे तंत्र पर शिकंजा कसना तय हो गया है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियां मनी लॉन्ड्रिंग और आपराधिक साजिश के तहत नई गिरफ्तारियां कर सकती हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना परीक्षा संचालन से जुड़ी गोपनीय व्यवस्था में गंभीर सुरक्षा चूक और भर्ती रैकेट के सुनियोजित भ्रष्टाचार के कारण संभव हुई।

- **सीधा कारण:** परीक्षा शुरू होने से पूर्व ही प्रश्नों को पेन ड्राइव में अवैध रूप से कॉपी कर लिया गया था, जिससे परीक्षा की गोपनीयता पूरी तरह भंग हो गई।
- **बिचौलियों का नेटवर्क:** दलालों ने अभ्यर्थियों को एकजुट कर एक निजी रिजॉर्ट में रुकवाया और परीक्षा से पहले लीक हुए उत्तरों की तैयारी कराई।
- **वित्तीय जांच में पुष्टि:** अवैध वसूली की रकम से 22 लाख रुपये का डायमंड नेकलेस खरीदने और 1 करोड़ 52 लाख रुपये के लेन-देन के पुख्ता प्रमाण ईडी की तलाशी में हाथ लगे।
- **न्यायिक हस्तक्षेप:** सीआईडी जांच के बाद मामले के वृहद राजनीतिक और आर्थिक पहलुओं को देखते हुए उच्च न्यायालय ने निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठित की है।

## सवाल-जवाब

### 1. कर्नाटक लोक सेवा आयोग का पेपर किस तारीख को लीक हुआ था?
परीक्षा का आयोजन इसी वर्ष 8 और 9 जनवरी को होना था, लेकिन प्रश्नपत्र परीक्षा से एक दिन पहले ही लीक कर दिया गया था।

### 2. लीक हुआ पेपर अभ्यर्थियों को कितने रुपये में बेचा गया?
बिचौलियों ने शुरू में 80 लाख रुपये मांगे थे, लेकिन अंतिम सौदा 30 से 40 लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी के हिसाब से तय हुआ।

### 3. प्रश्नों को परीक्षा केंद्र से बाहर कैसे निकाला गया था?
ज्ञानेंद्र कुमार ने परीक्षा में आने वाले प्रश्नों को एक पेन ड्राइव में सुरक्षित कर बाहर निकाला और दलालों तक पहुंचाया था।

### 4. परीक्षार्थियों को प्रश्नों के उत्तर कहां रटवाए गए?
बिचौलिए बसवराज कन्नाले ने बेंगलुरु के बाहर एक निजी रिजॉर्ट बुक किया था, जहां अभ्यर्थियों को ठहराकर उत्तर याद कराए गए।

### 5. घूस की रकम से क्या सामान खरीदा गया था?
रिश्वत के पैसों में से 1 करोड़ 30 लाख रुपये ज्ञानेंद्र कुमार को मिले थे, जिससे उसने ज्वेलरी खरीदी जिसमें 22 लाख रुपये का एक डायमंड नेकलेस शामिल था।

### 6. इस मामले की जांच वर्तमान में कौन कर रहा है?
राज्य सीआईडी और ईडी की जांच के बाद अब उच्च न्यायालय के आदेश पर गठित विशेष जांच दल यानी एसआईटी इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

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