नरेंद्र भाई कहकर बुलाती थीं लता मंगेशकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ऐसा था सुरीली गायिका का अनूठा रिश्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर उनके और भारत रत्न लता मंगेशकर के बीच के खास रिश्ते की चर्चा फिर से तेज हो गई है। दोनों के बीच भाई-बहन जैसा स्नेह था और वह उन्हें हमेशा 'नरेंद्र भाई' कहकर संबोधित करती थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को अपना 76वां जन्मदिन मनाएंगे। इस विशेष अवसर पर उनके जीवन से जुड़े कई संस्मरण और अनसुने किस्से एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। इनमें भारत रत्न से सम्मानित दिवंगत गायिका लता मंगेशकर के साथ उनके आत्मीय संबंधों का किस्सा भी बेहद खास है। लता मंगेशकर उन्हें हमेशा ‘नरेंद्र भाई’ कहकर पुकारती थीं। दोनों के बीच एक अनूठा भाई-बहन का रिश्ता था और मशहूर गायिका हर साल रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उन्हें राखी भी प्रेषित करती थीं। लता मंगेशकर ने अपने एक लेख में खुलकर इस बात का जिक्र किया था कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्य करने की शैली और उनके दृढ़ संकल्प से बेहद प्रभावित थीं। किताब की प्रस्तावना में साझा किए थे विचार लता मंगेशकर ने ‘मोदी एट 20: ड्रीम्स मीट डिलीवरी’ नामक पुस्तक की प्रस्तावना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व को लेकर अपने विचार कलमबद्ध किए थे। उन्होंने उसमें लिखा था कि वह उन्हें लंबे समय से जानती थीं और आम जनता के उत्थान के लिए किए जा रहे उनके कार्यों को बहुत ही गौर से देखती थीं। उनकी प्राथमिकताएं अन्य राजनेताओं से अलग नजर आती थीं और उनकी बातचीत से यह स्पष्ट रूप से आभास होता था कि उनका मुख्य ध्यान कुर्सी या सत्ता हासिल करने के बजाय जनता की सेवा करने पर केंद्रित था। विकास यात्रा को बताया था जन आंदोलन लता मंगेशकर ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का हवाला देते हुए अपने लेख में कहा था कि जिस प्रकार गांधीजी ने स्वतंत्रता संग्राम को एक विशाल जन आंदोलन का रूप दिया और देश के आम नागरिकों को उसके साथ जोड़ा, ठीक उसी तरह नरेंद्र भाई भी देश की प्रगति और विकास यात्रा को एक जन आंदोलन बनाने का पुरजोर प्रयास कर रहे थे। उनके इस दृष्टिकोण और राजनीतिक आकलन को उक्त पुस्तक की प्रस्तावना में प्रमुखता से दर्ज किया गया था, जो उनके आपसी जुड़ाव को भी दर्शाता है। पारिवारिक अपनापन और गुजराती व्यंजनों का प्रेम लता मंगेशकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सहोदर भाई मानती थीं और वह भी उन्हें अपनी बड़ी बहन का दर्जा देते थे। लता मंगेशकर के भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने एक बार साझा किया था कि उनकी बहन और प्रधानमंत्री के बीच कई दशकों से गहरा सम्मान और आपसी अपनापन बना हुआ था। लता दीदी हर रक्षाबंधन पर उनके लिए राखी भेजती थीं और प्रधानमंत्री भी फोन कॉल या पत्र लिखकर उसका जवाब अवश्य देते थे। जब भी प्रधानमंत्री उनसे मिलने जाते थे, तो लता मंगेशकर अपने हाथों से बनाकर उन्हें विशेष तौर पर गुजराती खाना खिलाती थीं। व्यस्तताओं के बावजूद फोन पर होती थी बातचीत वर्ष 2019 में लता मंगेशकर के 90वें जन्मदिन के खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका की यात्रा पर रवाना होने से ठीक पहले उन्हें फोन करके जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं दी थीं। उस संवाद के दौरान लता मंगेशकर ने देश में तेजी से हो रहे सकारात्मक बदलावों को लेकर अपनी गहरी प्रसन्नता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें ऐसा महसूस होता है कि देश का स्वरूप बदल रहा है और यह बात उन्हें बेहद संतुष्टि देती है। इस प्यारी बातचीत के अंशों को बाद में लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के माध्यम से देश की जनता के साथ भी साझा किया गया था। प्रधानमंत्री बनने से पहले की थी कामना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के सर्वोच्च पद पर आसीन होने से बहुत पहले ही लता मंगेशकर ने उनके देश की कमान संभालने की अपनी प्रबल इच्छा सार्वजनिक रूप से व्यक्त कर दी थी। नवंबर 2013 में पुणे स्थित दीनानाथ मंगेशकर सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल के उद्घाटन समारोह के दौरान, जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे और भारतीय जनता पार्टी की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित किए गए थे, तब लता ने स्पष्ट कहा था कि वह उन्हें देश के प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती हैं। निधन पर प्रधानमंत्री ने व्यक्त किया था गहरा शोक वर्ष 2022 में लता मंगेशकर के देवलोकगमन पर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में लिखा था कि वह अपने इस असीम दुख को शब्दों में बयां करने में असमर्थ हैं। उन्होंने लिखा था कि अत्यंत दयालु और सबका ध्यान रखने वाली लता दीदी हमें सदा के लिए छोड़कर चली गई हैं। उनके जाने से देश में एक ऐसा रिक्त स्थान बन गया है जिसे कभी भरा नहीं जा सकता। आने वाली पीढ़ियां उन्हें भारतीय संस्कृति के एक ऐसे महान स्तंभ के रूप में हमेशा याद रखेंगी जिनकी जादुई और सुरीली आवाज में पूरे देश को मंत्रमुग्ध करने की अद्भुत क्षमता थी। सवाल-जवाब 1. लता मंगेशकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्या कहकर बुलाती थीं? लता मंगेशकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'नरेंद्र भाई' कहकर संबोधित करती थीं और दोनों के बीच भाई-बहन जैसा स्नेह था। 2. लता मंगेशकर ने प्रधानमंत्री मोदी के बारे में अपने विचार किस किताब में लिखे थे? उन्होंने अपने विचार ‘मोदी एट 20: ड्रीम्स मीट डिलीवरी’ नामक पुस्तक की प्रस्तावना में लिखे थे। 3. लता मंगेशकर प्रधानमंत्री मोदी को हर साल क्या भेजती थीं? लता मंगेशकर हर साल रक्षाबंधन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राखी भेजती थीं। 4. लता मंगेशकर ने प्रधानमंत्री मोदी को देश का प्रधानमंत्री देखने की इच्छा कब सार्वजनिक रूप से जताई थी? उन्होंने नवंबर 2013 में पुणे में एक अस्पताल के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान यह इच्छा जताई थी। https://trendkia.com/politics/lata-mangeshkar-called-him-narendrabhai-exploring-the-unique-bond-and-affectionate-ties-with-prime-minister-narendra-modi-32802 TrendKia — Har trend, sabse pehle.