लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पेश, भारी हंगामे के बीच दो बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित सरकार ने परीक्षाओं में नकल और प्रश्नपत्र लीक रोकने के लिए लोकसभा में एक सख्त संशोधन विधेयक पेश किया है। हालांकि, विपक्षी दलों के लगातार हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। नई दिल्ली में संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में सरकार ने परीक्षाओं के दौरान होने वाले पेपर लीक और अन्य अनुचित गतिविधियों पर नकेल कसने के उद्देश्य से एक कड़ा संशोधन विधेयक सोमवार को पटल पर रखा। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विपक्षी दलों के भारी शोरगुल और विरोध के बीच लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण संशोधन विधेयक, 2026 को सदन में पेश किया। इस हंगामे की मुख्य वजह दिल्ली में बीती 20 जुलाई को प्रदर्शन कर रहे छात्रों के ऊपर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करना और गृह मंत्री अमित शाह से इस पर स्पष्टीकरण की मांग करना थी। विपक्ष का विरोध और सदन की कार्यवाही स्थगित सदन के भीतर विपक्षी सांसदों की नारेबाजी और हंगामा लगातार जारी रहा। इस स्थिति को संभालते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों से शांत होने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अहम विषय पर सभी को पर्याप्त समय दिया जाएगा और सदन की सहमति के आधार पर चर्चा का दायरा तय किया जाएगा। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण विधायी कार्य में सहयोग करें क्योंकि वे खुद लंबे समय से इस पर चर्चा की मांग कर रहे थे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि विधेयक के दायरे से बाहर के सुझावों पर भी सरकार विचार करेगी। स्पीकर ओम बिरला ने लोकतंत्र की दुहाई देते हुए कहा कि यही सच्ची लोकतांत्रिक व्यवस्था है जहां हर किसी के विचार सुने जाते हैं। उन्होंने सदस्यों से तख्तियां लहराने और नारेबाजी करने के बजाय सदन की गरिमा बनाए रखते हुए तार्किक चर्चा में भाग लेने की अपेक्षा जताई। हालांकि, उनके बार-बार समझाने के बावजूद विपक्षी सांसदों ने अपना विरोध बंद नहीं किया, जिसके चलते आखिरकार लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। कड़े दंड और जुर्माने के प्रावधान संसदीय सदस्यों को बांटे गए इस नए विधेयक के दस्तावेजों के मुताबिक, परीक्षाओं में पेपर लीक कराने या किसी भी तरह के अनुचित साधनों का उपयोग करने वाले दोषियों के लिए कड़े कारावास का प्रावधान किया गया है। इसमें कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल तक की जेल के साथ 50 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा तय की गई है। इसके अलावा, लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण अधिनियम, 2024 में किए जा रहे इन संशोधनों के तहत यदि कोई संगठित अपराध पाया जाता है, तो उसमें न्यूनतम सात साल की कैद और 10 करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। जांच और मुकदमों के लिए तय समयसीमा प्रस्तावित संशोधनों के तहत अब तमाम मामलों की जांच प्रक्रिया को दो महीने के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही विधेयक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष त्वरित अदालतों की स्थापना करने के निर्देश देने का भी प्रावधान शामिल किया गया है। ये विशेष अदालतें पुलिस द्वारा आरोपपत्र दाखिल किए जाने के ठीक तीन महीने के भीतर अदालती मुकदमे और सुनवाई की प्रक्रिया को पूरी करेंगी। गौर करने वाली बात यह है कि कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से जंतर मंतर पर नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में आयोजित प्रदर्शन और उसके बाद शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार यह कदम उठाने के लिए आगे आई है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की संपूर्ण परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लाने के खातिर एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति के गठन का ऐलान भी किया है। इसका आप पर असर भारत में: देश भर के छात्रों और युवाओं के लिए परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाम लगेगी।,नई दिल्ली में: राष्ट्रीय राजधानी और संसद के आसपास राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा। सवाल-जवाब 1. लोकसभा में कौन सा नया विधेयक पेश किया गया है? सरकार ने लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण संशोधन विधेयक, 2026 लोकसभा में पेश किया है। 2. विपक्ष द्वारा सदन में किस बात को लेकर हंगामा किया जा रहा था? विपक्षी सांसद दिल्ली में 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही और गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग कर रहे थे। 3. पेपर लीक और अनुचित साधनों के लिए अधिकतम सजा क्या तय की गई है? दोषियों को 10 साल तक की जेल और संगठित अपराध के मामलों में 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है। 4. प्रस्तावित संशोधनों के तहत जांच पूरी करने की समयसीमा क्या है? सभी जांच मामलों को दो महीने के भीतर पूरा करना अनिवार्य किया गया है। https://trendkia.com/politics/lok-sabha-mein-anti-paper-leak-sanshodhan-bill-pesh-10757 TrendKia — Har trend, sabse pehle.