लोकसभा में लगातार 16वें दिन नहीं चला प्रश्नकाल, अयोध्या और छात्र प्रदर्शन पर विपक्ष के भारी हंगामे के बीच 4 विधेयक पेश संसद के मानसून सत्र के चौथे सप्ताह की शुरुआत में भी लोकसभा में गतिरोध बना रहा। अयोध्या मंदिर में चढ़ावे और दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के मुद्दे पर विपक्षी हंगामे के चलते कार्यवाही दो बार स्थगित हुई। लोकसभा में संसद के मानसून सत्र के चौथे सप्ताह के पहले दिन भी जमकर हंगामा देखने को मिला, जिससे लगातार 16वें दिन प्रश्नकाल संचालित नहीं किया जा सका। विपक्ष के सदस्यों ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और दिल्ली में आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों पर पुलिस की कार्रवाई जैसे संवेदनशील मुद्दों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। इस गतिरोध के चलते सदन की कार्यवाही पहले मिनट में ही दोपहर 12 बजे तक और बाद में दोपहर 12:14 बजे स्थगित करनी पड़ी। 11 बजे की शुरुआत और पहला स्थगन सोमवार सुबह 11 बजे जैसे ही निचले सदन की बैठक शुरू हुई, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेतृत्व में विपक्षी दलों के सांसद सभापति के समक्ष आकर हंगामा करने लगे। सामान्य तौर पर प्रश्नकाल के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पीठासीन होते हैं, लेकिन इस दौरान आरएसपी नेता एन के प्रेमचंद्रन आसन पर विराजमान थे। उन्होंने विपक्षी सांसदों से शांत रहने और प्रश्नकाल चलने देने की अपील की। हालांकि, शोर-शराबा नहीं थमने पर प्रेमचंद्रन को बैठक शुरू होने के एक मिनट के भीतर ही कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। हंगामे के बीच 4 प्रमुख विधेयक पेश दोपहर 12 बजे जब सदन की बैठक पुनः शुरू हुई, तो पीठासीन सभापति संध्या राय ने जरूरी दस्तावेज पटल पर रखवाए। विपक्ष की नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के बावजूद केंद्रीय मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों से जुड़े चार महत्वपूर्ण विधेयक संसद में पेश किए • न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026: इसे विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पटल पर रखा। • खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026: इस विधेयक को कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने प्रस्तुत किया। • केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इसे पेश किया। • राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026: इसे सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल द्वारा प्रस्तुत किया गया। गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर उठे सवाल और दूसरा स्थगन सदन की कार्यसूची के अनुसार केरल नाम परिवर्तन विधेयक और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नाम से सूचीबद्ध थे। लेकिन उनकी जगह राज्य मंत्रियों द्वारा विधेयक पेश किए जाने पर विपक्षी सांसदों ने ऐतराज जताया और गृह मंत्री कहां हैं के नारे लगाए। विपक्षी दल दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के मामले में गृह मंत्री से जवाब की मांग पर अड़े हुए थे। पीठासीन सभापति संध्या राय ने विधेयकों के विरोध में नोटिस देने वाले विपक्षी सदस्यों के नाम भी पुकारे, लेकिन लगातार जारी हंगामे के कारण दोपहर 12:14 बजे सदन की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। इसका आप पर असर • भारत में: संसद में लगातार जारी हंगामे से जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा और विधायी कामकाज प्रभावित होता है। • नागरिकों पर: नए विधेयकों और नीतिगत बदलावों पर पर्याप्त बहस न होने से सार्वजनिक नीतियों की पारदर्शिता पर असर पड़ता है। सवाल-जवाब 1. लोकसभा में विपक्षी सांसद क्यों हंगामा कर रहे थे? विपक्षी सांसद अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे थे। 2. मानसून सत्र में लगातार कितने दिन प्रश्नकाल नहीं हो सका? मानसून सत्र के चौथे सप्ताह के पहले दिन को मिलाकर लगातार 16वें दिन प्रश्नकाल संचालित नहीं हो पाया। 3. हंगामे के बीच कौन-कौन से 4 विधेयक पेश किए गए? सदन में न्यायाधिकरण सुधार विधेयक 2026, खान एवं खनिज संशोधन विधेयक 2026, केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक 2026 और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक 2026 पेश किए गए। 4. गृह मंत्री अमित शाह की गैरमौजूदगी पर विपक्ष ने क्या कहा? विधेयक गृह मंत्री के नाम से सूचीबद्ध होने के बावजूद राज्य मंत्रियों द्वारा पेश किए जाने पर विपक्ष ने ऐतराज जताया और गृह मंत्री कहां हैं के नारे लगाए। https://trendkia.com/politics/lokasabha-men-lagatara-16ven-dina-nahin-chala-prashnakala-ayodhya-aura-chhatra-pradarshana-para-vipaksha-ke-bhari-hngame-ke-bicha--15612 TrendKia — Har trend, sabse pehle.