# लखनऊ में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामलीला कलाकारों को सौंपा 51-51 हजार रुपये का चढ़ावा

> लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अखिलेश यादव ने रामलीला में राम और हनुमान बने कलाकारों को 51-51 हजार रुपये की सम्मान राशि भेंट की। उन्होंने इसे राजनीतिक दान के बजाय ईश्वर का सीधा चढ़ावा बताया।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-08-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/lucknow-men-samajwadi-party-adhyaksha-akhilesh-yadav-ne-ramlila-kalakaron-ko-saunpa-51-51-hajara-rupaye-ka-charhava-13020 · **Language:** Hindi
**Tags:** अखिलेश यादव, समाजवादी पार्टी, लखनऊ, रामलीला कलाकार, उत्तर प्रदेश चुनाव 2027, सॉफ्ट हिंदुत्व

उत्तर प्रदेश के राजनीतिक वातावरण में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सांस्कृतिक गतिविधियों और धार्मिक प्रतीकों का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। रविवार, 2 अगस्त 2026 को राजधानी लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के प्रांतीय मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का एक नया राजनीतिक रूप सामने आया। अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के सम्मानित विधायकों तथा वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ मंच साझा करते हुए रामलीला आयोजनों में वर्षों से प्रभु श्री राम और हनुमान जी का रूप धारण करने वाले लोक कलाकारों को सम्मानित किया। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी और उसके सभी विधायकों की ओर से दोनों कलाकारों को 51-51 हजार रुपये की वित्तीय प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। सपा प्रमुख ने इस धनराशि को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता अथवा दान के बजाय भगवान के चरणों में समर्पित प्रत्यक्ष चढ़ावा घोषित किया।

## मंच पर राम-हनुमान स्वरूप कलाकारों का हुआ भव्य स्वागत
संवाददाता सम्मेलन के दौरान उस समय विशेष आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया जब मंच पर भगवान श्री राम और हनुमान जी की पोशाक धारण किए हुए लोक कलाकार उपस्थित हुए। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने न केवल इन कलाकारों को मुख्य मंच पर स्थान देकर उनका अभिनंदन किया, बल्कि पार्टी नेतृत्व एवं विधायकों की सामूहिक सहभागिता से 51-51 हजार रुपये की सम्मान राशि भेंट की। इस दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि हमारी पौराणिक संस्कृति, धार्मिक मान्यताओं और श्री रामचरितमानस की महान परंपराओं को पीढ़ियों से जीवंत रखने वाले इन साधक कलाकारों का अभिनंदन करना एक अत्यंत पवित्र अवसर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी प्रकार की सरकारी या निजी आर्थिक सहायता नहीं है, अपितु लोक कलाकारों के माध्यम से भगवान श्री राम और श्री हनुमान जी के प्रति समाजवादी पार्टी की अगाध निष्ठा का सीधा चढ़ावा है।

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## अयोध्या मंदिर चंदे और बिचौलियों पर अखिलेश यादव का तीखा हमला
सांस्कृतिक अभिनंदन के इस आयोजन के माध्यम से समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने सत्तारूढ़ दल पर रणनीतिक राजनीतिक प्रहार भी किए। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे की कथित अनियमितताओं और वित्तीय धांधली के मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी को लगातार घेरते आ रहे अखिलेश यादव ने इस अवसर का उपयोग सत्ता पक्ष पर निशाना साधने के लिए किया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह आर्थिक चढ़ावा किसी मध्यस्थ या ट्रस्ट के स्थान पर सीधे कलाकारों और प्रभु के चरणों में समर्पित किया जा रहा है। अखिलेश यादव ने आम जनता का आह्वान करते हुए कहा कि नागरिकों को अब धार्मिक कार्यों में सीधे चढ़ावा अर्पित करने की आदत विकसित करनी चाहिए, जिससे बीच में कोई भी व्यक्ति या संस्था दान की पवित्र राशि को चंपत न कर सके। इस वक्तव्य के माध्यम से उन्होंने धार्मिक पारदर्शिता और जनआस्था के संरक्षण का मुद्दा उठाया।

## सत्तारूढ़ दल पर कलाकारों के राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप
संवाददाता सम्मेलन के उपरांत जारी अपने संदेश में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी के हालिया कार्यक्रमों में लोक कलाकारों की स्थिति पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए निर्धन और असहाय कलाकारों की कला का अनुचित इस्तेमाल करना अत्यंत निंदनीय आचरण है। अखिलेश यादव ने एक घटना का उल्लेख करते हुए दावा किया कि हाल के दिनों में एक राजनीतिक प्रचार रथ के आगे भगवान हनुमान का स्वरूप धारण किए कलाकार को नचवाने का कार्य किया गया, जिससे संपूर्ण विश्व में फैले राम और हनुमान भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि इन निर्धन कलाकारों की कोई त्रुटि नहीं होती, बल्कि संपूर्ण दोष उस सत्ता व्यवस्था का है जो अपनी राजनीतिक शक्ति के अहंकार में धार्मिक प्रतीकों तथा कलाकारों का अपमान करती है।

## 2027 चुनाव के लिए 'पीडीए' के साथ सांस्कृतिक कार्ड की रणनीति
उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति के विश्लेषकों का मानना है कि समाजवादी पार्टी वर्ष 2027 के आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बहुआयामी चुनावी रणनीति पर तेजी से कार्य कर रही है। पार्टी द्वारा अब तक अपने मूल 'पीडीए' (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) समीकरण पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा था, परंतु अब इसके साथ ही सांस्कृतिक एवं धार्मिक प्रतीकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का कार्ड भी सामने लाया जा रहा है। रामलीला और रामायण के स्थानीय लोक कलाकारों को मंच प्रदान करना तथा उन्हें 51-51 हजार रुपये का नकद चढ़ावा देना भारतीय जनता पार्टी के पारंपरिक हिंदू मतदाता वर्ग में पैठ बनाने की कोशिश मानी जा रही है। इसके अतिरिक्त, चंदे में कथित गड़बड़ियों का विषय उठाकर समाजवादी पार्टी सत्तारूढ़ दल के भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और धार्मिक शुचिता के दावों पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही है, ताकि ग्रामीण और जमीनी स्तर के बड़े कलाकार वर्ग को अपने साथ जोड़ा जा सके।

## वाराणसी में एफआईआर और यूपी की बदलती चुनावी राजनीति
रविवार को एक ओर जहां वाराणसी में विपक्षी सांसदों राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर लखनऊ में अखिलेश यादव द्वारा राम-हनुमान बने कलाकारों के प्रति यह सम्मान प्रदर्शित किया गया। इन दोनों घटनाओं का एक ही दिन घटित होना यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश का आगामी चुनावी महासमर केवल जातिगत आंकड़ों अथवा विकास के दावों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रतीकों के उचित और अनुचित उपयोग पर भी गहन राजनीतिक बहस होगी। समाजवादी पार्टी द्वारा लोक कलाकारों को 51-51 हजार रुपये का यह समर्पित चढ़ावा देकर एक साथ कई राजनीतिक समीकरणों को साधने का प्रयास किया गया है, जो आने वाले समय में राज्य के चुनावी परिदृश्य को और अधिक दिलचस्प बनाएगा।

## इसका आप पर असर
उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले सांस्कृतिक और राजनीतिक घटनाक्रम का नागरिकों पर सीधा असर पड़ता है:

- **भारत में:** राजनीतिक दलों द्वारा सांस्कृतिक प्रतीकों और लोक कलाकारों के प्रति दिए जाने वाले सम्मान से देश भर में पारंपरिक कला पद्धतियों और लोक कलाकारों की सामाजिक स्थिति को बल मिलता है।
- **उत्तर प्रदेश में:** राज्य में 2027 के चुनावों से पूर्व धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से प्रशासनिक निर्णयों, जनसुविधाओं और स्थानीय चुनावी प्राथमिकताओं पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. अखिलेश यादव ने लखनऊ में रामलीला कलाकारों को कितनी सम्मान राशि दी?
अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी और अपने विधायकों की ओर से भगवान राम और हनुमान की भूमिका निभाने वाले दोनों कलाकारों को 51-51 हजार रुपये की नकद राशि सौंपी।

### 2. अखिलेश यादव ने इस वित्तीय सहायता को क्या नाम दिया?
सपा अध्यक्ष ने इस राशि को राजनीतिक दान या सहायता बताने के बजाय भगवान श्री राम और हनुमान जी के प्रति श्रद्धापूर्वक अर्पित किया गया सीधा चढ़ावा करार दिया।

### 3. अखिलेश यादव ने मंदिर चंदे के मुद्दे पर क्या आरोप लगाए?
अखिलेश यादव ने अयोध्या में राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जनता को सीधे चढ़ावा देना चाहिए ताकि बिचौलिए दान की राशि में हेराफेरी न कर सकें।

### 4. उत्तर प्रदेश में 2027 चुनाव से पहले सपा की क्या रणनीति दिखाई दे रही है?
समाजवादी पार्टी अपने पारंपरिक 'पीडीए' (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण के साथ-साथ लोक कलाकारों के सम्मान और सॉफ्ट हिंदुत्व के माध्यम से अपनी राजनीतिक पैठ बढ़ाने का प्रयास कर रही है।

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