मध्यावधि चुनावों में दोनों सदनों में हार के डर से घिरी ट्रंप की टीम, सम्मन की बाढ़ से निपटने की कानूनी तैयारी मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले आई कमजोर रेटिंग और दोनों सदनों में बहुमत खोने की आशंका के बीच ट्रंप प्रशासन ने जांच और सम्मन से बचने के लिए कानूनी ढाल तैयार करनी शुरू कर दी है। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव करीब आते ही सत्ता के गलियारों में दोनों सदनों, प्रतिनिधि सभा और सीनेट, में बहुमत गंवाने की गंभीर आशंकाएं गहराने लगी हैं। निजी बातचीत में करीबी रणनीतिकार इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर सामने आ रहे चुनावी आंकड़े बेहद निराशाजनक हैं। साल 2024 के राष्ट्रपति चुनाव से कई हफ्ते पहले ही सभी अहम राज्यों में जीत का सटीक अनुमान लगाने वाले एक अनुभवी रणनीतिकार ने बेहद कड़े शब्दों में माना है कि इस बार चुनावी मुकाबले में भारी शिकस्त का सामना करना पड़ सकता है। इन बिगड़ते चुनावी समीकरणों के बीच प्रशासनिक तंत्र का पूरा ध्यान अब चुनाव के बाद आने वाले राजनीतिक और कानूनी संकटों की तैयारी पर टिक गया है। गिरती रेटिंग और मतदाताओं की घरेलू प्राथमिकताओं का दबाव सार्वजनिक समर्थन के मामले में स्थिति बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच गई है। वॉल स्ट्रीट जर्नल के एक ताजा सर्वेक्षण में अप्रूवल रेटिंग गिरकर 37 प्रतिशत पर आ गई है। वर्ष 1990 में इस तरह के सर्वेक्षण शुरू होने के बाद से किसी भी राष्ट्रपति के लिए मध्यावधि चुनाव से पहले दर्ज की गई यह सबसे निचली रेटिंग है। हालांकि, अलग-अलग प्रतिनिधि सभा सीटों पर आंतरिक सर्वेक्षणों के आंकड़ों का हवाला देकर कुछ राहत की उम्मीद जरूर जताई जा रही है, जहां पार्टी के उम्मीदवार राष्ट्रीय औसत की तुलना में कम अंतर से पीछे बताए जा रहे हैं। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता डेविस इंगल ने इस राजनीतिक माहौल पर अपनी बात रखते हुए कहा कि कोई भी इस सच्चाई को नकार नहीं सकता कि राष्ट्रपति ट्रंप ने एमएजीए आंदोलन के जरिए राजनीतिक इतिहास के सबसे मजबूत गठबंधनों में से एक बनाया है। इंगल के मुताबिक विकल्प पूरी तरह साफ है, जहां एक तरफ राष्ट्रपति का व्यावहारिक एजेंडा है तो दूसरी तरफ विपक्षी डेमोक्रेट्स की नीतियां और अड़ंगेबाजी है। चुनावी नुकसान की भरपाई के लिए पिछले महीने विदेश नीति के मोर्चे पर कुछ बड़ी उपलब्धियां दिखाने की पुरजोर कोशिश की गई थी, ताकि मूल समर्थक आधार को मतदान केंद्रों तक लाया जा सके। इसी रणनीति के तहत अमेरिका और डेनमार्क के बीच एक समझौते पर तेजी से दस्तखत किए गए, जिसके जरिए ग्रीनलैंड में और अधिक अमेरिकी सैन्य बलों की तैनाती का रास्ता साफ हुआ। हालांकि यह समझौता ग्रीनलैंड के पूर्ण अधिग्रहण तक नहीं पहुंच सका, जिसकी ख्वाहिश लंबे समय से जताई जा रही थी। इसके अलावा वेनेजुएला के साथ एक तेल समझौते का भी एलान किया गया। लेकिन इस तेल समझौते पर दोबारा बातचीत करने की नौबत आ सकती है, क्योंकि इसमें तेल उत्पादन पर 100 साल के विशेषाधिकार की बात कही गई है, जो वेनेजुएला के राष्ट्रीय हाइड्रोकार्बन कानून के सीधे खिलाफ है, जहां ऐसे समझौतों पर कानूनी रोक है। विदेश नीति को ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में पेश करने की कोशिशों के उलट आम मतदाता रोजमर्रा के घरेलू मुद्दों और महंगाई से परेशान हैं। किराने के सामान और ईंधन की बढ़ती कीमतों ने मतदाताओं का ध्यान अपनी तरफ खींच रखा है। ट्रिपल ए के आंकड़ों के मुताबिक इसी महीने डीजल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं, जबकि नियमित गैसोलीन की राष्ट्रीय औसत कीमत 4.43 डॉलर प्रति गैलन दर्ज की गई। इसके साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता नियमन और डेटा केंद्रों जैसे तकनीकी मुद्दों पर भी सरकारी रुख आम जनभावनाओं के विपरीत नजर आ रहा है। संसदीय सम्मन और दोहरी कानूनी ढाल की व्यूहरचना संसद के दोनों सदनों में बहुमत फिसलने के बढ़ते खतरे को देखते हुए अब भावी संसदीय जांचों और सम्मनों की बाढ़ से निपटने का खाका तैयार किया जा रहा है। अगर कांग्रेस के दोनों सदनों पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण हो जाता है, तो तुरंत भारी तादाद में सम्मन जारी होने की पूरी संभावना है। इससे निपटने के लिए वरिष्ठ सहयोगियों को बचाने के मकसद से एक्जीक्यूटिव प्रिविलेज और अटॉर्नी-क्लाइंट विशेषाधिकार का दोहरा सुरक्षा घेरा इस्तेमाल करने की योजना बनाई गई है। अटॉर्नी-क्लाइंट विशेषाधिकार वकीलों के साथ गोपनीय कानूनी बातचीत की रक्षा करने वाला बुनियादी कानूनी सिद्धांत है, जिसे सरकारी वकीलों के मामले में और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के 2024 के प्रेसिडेंशियल इम्यूनिटी फैसले में यह साफ व्यवस्था दी गई थी कि संघीय अदालतें भी राष्ट्रपति पद से जुड़े अहम विमर्श और चर्चाओं की पड़ताल के लिए पर्दा नहीं हटा सकती हैं। प्रशासन की एक बड़ी खासियत अपने निजी वकीलों को अहम सरकारी कानूनी पदों पर तैनात करना रहा है, जिससे राष्ट्रपति और उनके प्रमुख सलाहकारों के इर्द-गिर्द परस्पर जुड़े कानूनी सुरक्षा घेरे का एक मजबूत ढांचा तैयार हो चुका है। उदाहरण के तौर पर पूर्व निजी वकील टॉड ब्लैंच को अटॉर्नी जनरल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा न्याय विभाग में तीसरे नंबर के सबसे बड़े पद पर मौजूद स्टेनली वुडवर्ड पहले कई प्रमुख सहयोगियों के वकील रह चुके हैं और वे 2024 के चुनावी अभियान में भी कानूनी टीम का हिस्सा थे। वहीं पूर्व अपीलीय वकील विल शार्क को स्टाफ सेक्रेटरी के पद से हटाकर हाल ही में व्हाइट हाउस काउंसिल बनाया गया है, जहां उन्होंने पूर्व वकील डेविड वॉरिंगटन की जगह ली है। प्रशासनिक अधिकारियों को भरोसा है कि यह कानूनी रणनीति विपक्षी सांसदों की जांच को वर्षों तक उलझाए रखेगी। इसका एक ऐतिहासिक उदाहरण पहले कार्यकाल के व्हाइट हाउस काउंसिल डॉन मैकगैन का भी है, जिन्होंने मुलर जांच के सिलसिले में कांग्रेस के सामने अपनी गवाही तभी दर्ज कराई थी जब राष्ट्रपति का पहला कार्यकाल समाप्त हो चुका था। 3 नवंबर के बाद आम मतदाताओं के लिए भले ही मध्यावधि चुनाव खत्म हो जाएंगे, लेकिन व्हाइट हाउस के लिए कानूनी और राजनीतिक संघर्ष का असल दौर उसी दिन से शुरू होगा। इसका आप पर असर अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के संभावित नतीजों और ईंधन की रिकॉर्ड महंगाई का असर वैश्विक बाजार के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ना तय है। • ईंधन की कीमतें: अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल नीतियों और अमेरिकी ईंधन दरों में बदलाव का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर पड़ता है। भारत में आयातित कच्चे तेल की लागत बढ़ने पर घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की दरों पर दबाव बढ़ सकता है। • वैश्विक नीतियों में ठहराव: अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में सत्ता पक्ष का बहुमत खोने से बड़े विधायी फैसले और विदेश नीतियां संसद में अटक सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों और तकनीकी निवेशों को लेकर अनिश्चितता बढ़ सकती है जिसका असर बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर होगा। • तकनीकी नियमन पर असर: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नियमन और डेटा केंद्रों के विस्तार को लेकर अमेरिकी नीतियों में कड़ा टकराव देखने को मिल सकता है। वैश्विक टेक प्लेटफॉर्म्स और सॉफ्टवेयर सेवाओं पर नई निगरानी शर्तों का असर भारतीय तकनीकी कंपनियों पर भी पड़ सकता है। • संसदीय जांच और गतिरोध: वाशिंगटन में कानूनी लड़ाइयों और संसदीय सम्मनों के दौर से नीतिगत फैसले महीनों तक लटक सकते हैं। इससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बन सकता है जिसका प्रभाव विदेशी संस्थागत निवेश पर देखने को मिल सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह राजनीतिक और कानूनी संकट लगातार गिरती जनसमर्थन रेटिंग, रोजमर्रा की आर्थिक मुश्किलों और चुनाव के बाद संभावित संसदीय जवाबदेही के सीधे टकराव की वजह से पैदा हुआ है। • रिकॉर्ड निचली लोकप्रियता दर: वॉल स्ट्रीट जर्नल के ताजा सर्वेक्षण में राष्ट्रपति की रेटिंग घटकर 37 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो 1990 के बाद से मध्यावधि चुनाव से पहले किसी भी राष्ट्रपति की सबसे खराब रेटिंग है। इस व्यापक असंतोष की मुख्य वजह किराने के सामान की महंगाई, रिकॉर्ड डीजल दरें और 4.43 डॉलर प्रति गैलन पर पहुंची गैसोलीन है। • विदेश नीति में अधूरी सफलताएं: मतदाताओं का ध्यान खींचने के लिए किए गए त्वरित कूटनीतिक समझौतों ने अपेक्षित चुनावी फायदा नहीं दिया। डेनमार्क के साथ हुआ ग्रीनलैंड सैन्य समझौता और वेनेजुएला के साथ हुआ 100 साल का तेल समझौता कानूनी अड़चनों और स्थानीय हाइड्रोकार्बन कानूनों के उल्लंघन के चलते विवादों में आ गया। • संसदीय नियंत्रण खोने की आशंका: चुनाव बाद संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स का बहुमत होने पर प्रशासन के खिलाफ व्यापक जांच और सम्मनों की झड़ी लगने की पूरी संभावना है। इसी आशंका के चलते पूर्व वकीलों को अहम सरकारी पदों पर बिठाकर एक्जीक्यूटिव और अटॉर्नी-क्लाइंट प्रिविलेज की दोहरी कानूनी ढाल पहले से तैयार की जा रही है। सवाल-जवाब 1. मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग कितनी दर्ज की गई है? वॉल स्ट्रीट जर्नल के ताजा सर्वेक्षण के अनुसार उनकी अप्रूवल रेटिंग गिरकर 37 प्रतिशत पर आ गई है, जो 1990 के बाद से सबसे निचला स्तर है। 2. अमेरिका में इस समय पेट्रोल और डीजल की कीमतें किस स्तर पर हैं? ट्रिपल ए के अनुसार इस महीने डीजल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं और नियमित गैसोलीन का राष्ट्रीय औसत 4.43 डॉलर प्रति गैलन रहा। 3. वेनेजुएला के साथ हुए तेल समझौते में क्या कानूनी अड़चन आ रही है? इस समझौते में 100 साल के तेल उत्पादन विशेषाधिकार का दावा किया गया है, जो वेनेजुएला के राष्ट्रीय हाइड्रोकार्बन कानून का उल्लंघन करता है। 4. संसदीय सम्मनों से बचने के लिए व्हाइट हाउस की क्या योजना है? प्रशासन एक्जीक्यूटिव प्रिविलेज और सरकारी वकीलों के अटॉर्नी-क्लाइंट विशेषाधिकार की दोहरी कानूनी ढाल के जरिए जांच को रोकने की तैयारी कर रहा है। 5. कानूनी टीम में कौन-कौन से प्रमुख पूर्व निजी वकील शामिल किए गए हैं? टॉड ब्लैंच को अटॉर्नी जनरल बनाया गया है, स्टेनली वुडवर्ड न्याय विभाग में तीसरे नंबर पर हैं और विल शार्क को व्हाइट हाउस काउंसिल नियुक्त किया गया है। https://trendkia.com/politics/madhyavadhi-chunavon-men-donon-sadanon-men-hara-ke-dara-se-ghiri-trump-ki-tima-sammana-ki-barha-se-nipatane-ki-kanuni-taiyari-40835 TrendKia — Har trend, sabse pehle.