महाराष्ट्र की सियासत में 'ऑपरेशन टाइगर' की हलचल तेज, शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं उद्धव खेमे के कई सांसद महाराष्ट्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं क्योंकि शिवसेना (UBT) के कई सांसदों के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की अटकलें हैं, जिसके बाद आदित्य ठाकरे ने तीखा हमला बोला है और उद्धव ठाकरे ने विधायकों की आपात बैठक बुलाई है। महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में एक बार फिर बड़ा भूचाल देखने को मिल रहा है क्योंकि 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर अटकलें बेहद तेज हो गई हैं। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना (UBT) गुट को एक और बड़ा झटका लगने की संभावना है, जहां कई सांसदों के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खेमे में जाने की खबरें आ रही हैं। TrendKia के सूत्रों के अनुसार, इस तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच उद्धव ठाकरे ने अपने सभी विधायकों की एक आपात बैठक बुलाई है, वहीं दूसरी तरफ उनके बेटे आदित्य ठाकरे ने पाला बदलने वाले नेताओं पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष के नेता भी इस पूरे घटनाक्रम को लोकतंत्र के लिए एक बड़ा संकट बता रहे हैं। सांसदों की संख्या और शिंदे गुट का बड़ा दावा महाराष्ट्र सरकार में मंत्री प्रताप सरनाइक ने दावा किया है कि उद्धव ठाकरे गुट को बहुत बड़ा झटका लगने वाला है। सरनाइक के अनुसार, सोमवार को 6 सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो रहे हैं, जिसके बाद उनके सांसदों की कुल संख्या 13 हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इन सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र सौंपकर खुद को शिंदे गुट के साथ विलय कर लिया है। दोपहर 3:00 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी। इसके अलावा, सरनाइक ने दावा किया कि आने वाले दिनों में UBT गुट के बाकी बचे 3 सांसद भी उनके साथ आ सकते हैं। उन्होंने संजय राउत पर तंज कसते हुए कहा कि उनके कारण ही पहले सारे विधायक आए और अब 6 सांसद भी आ रहे हैं। TrendKia के सूत्रों की मानें तो बागी सांसद सोमवार शाम 4:00 बजे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हो सकते हैं। एकनाथ शिंदे का 'फूलप्रूफ' ऑपरेशन का इशारा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर बड़ा बयान दिया है और जल्द ही किसी "ब्रेकिंग न्यूज" के सामने आने का संकेत दिया है। मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए शिंदे ने कहा, "हम कोई भी ऑपरेशन आधा नहीं छोड़ते। ऑपरेशन टाइगर पूरी तरह से फूलप्रूफ है। इसका अनुभव आप लोग पहले भी कर चुके हैं। जल्द ही आप सबको एक अच्छी खबर मिलेगी।" उन्होंने ऑपरेशन टाइगर को लेकर चल रही तमाम अटकलों और अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया। आदित्य ठाकरे और विपक्षी नेताओं का तीखा पलटवार इस सियासी हलचल पर शिवसेना (UBT) और उसके सहयोगियों ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट लिखकर दल बदलने वाले सांसदों पर करारा हमला किया। उन्होंने लिखा कि इन सांसदों ने साबित कर दिया है कि उनकी वफादारी और साख बेशर्मी से बिकने के लिए तैयार है। आदित्य ने आरोप लगाया कि ये सांसद MVA और INDIA गठबंधन के साझा मंच से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे, जिनके लिए शिवसेना (UBT), कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रचार किया था और मतदाताओं ने उन्हें NDA के खिलाफ वोट दिया था। उन्होंने कहा कि विचारधारा या गठबंधन बदलने के बहाने अब नहीं चलेंगे, क्योंकि सच्चाई यह है कि केवल लालच के चलते उन्होंने अपने वोटरों के जनादेश के साथ धोखा किया है। इस मुद्दे पर RJD सांसद मनोज झा ने कहा, "इन्हें बागी कैसे कहा जा सकता है? इन्होंने शिवसेना (UBT) के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ा था। जब शिवसेना (UBT) या TMC जैसी पार्टियों में इस प्रकार की इंजीनियरिंग की जाती है, तो यह केवल उनका संकट नहीं है, बल्कि लोकतंत्र का संकट है। यह उद्धव ठाकरे के साथ नहीं, बल्कि उन मतदाताओं के साथ विश्वासघात है जिन्होंने एक विकल्प देखकर उन्हें वोट दिया था। क्या आप उनके साथ अन्याय नहीं कर रहे हैं?" वहीं, कांग्रेस नेता भाई जगताप ने भी 'ऑपरेशन टाइगर' पर सवाल उठाते हुए कहा, "क्या यह वाकई लोकतंत्र है? जिस संविधान के तहत हमारा निर्वाचन होता है और जिस चुनाव चिह्न पर हम लड़ते हैं, उसे छोड़कर बाहुबल, धनबल और अन्य हथकंडे अपनाकर इस तरह की तोड़-जोड़ करना लोकतांत्रिक कैसे हो सकता है? साल 2014 से इस देश और प्रदेश में जो राजनीति चल रही है, वह पूरी तरह असंवैधानिक है।" उद्धव ठाकरे की बैठक और बीजेपी पर तीखा हमला अपनी पार्टी को बिखरने से बचाने के लिए उद्धव ठाकरे ने सोमवार दोपहर 2:30 बजे शिवसेना कार्यालय में अपने सभी 20 विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिसके लिए उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सभी विधायकों से संपर्क किया है। इस बीच, मुंबई में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने दावा किया कि उनके नेतृत्व वाली पार्टी ही असली शिवसेना है। उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके पिता बाल ठाकरे द्वारा स्थापित शिवसेना ने 30 साल तक कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई लड़ी, लेकिन कांग्रेस ने कभी भी उनकी पार्टी को खत्म करने या हड़पने की कोशिश नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सत्ता और अपनी संगठनात्मक ताकत का गलत इस्तेमाल कर शिवसेना को पूरी तरह तबाह करने की साजिश रच रही है। निंबालकर मामले पर एकनाथ शिंदे का निशाना इस राजनीतिक जंग में व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने UBT गुट पर निशाना साधते हुए उमराजे निंबालकर के पिता की हत्या के मामले का जिक्र किया। शिंदे ने आरोप लगाया कि अदालती फैसले के बाद जब निंबालकर का परिवार दुख में था, तब UBT के लोग उन्हें गालियां दे रहे थे। उन्होंने तंज कसा कि दिन में उनका अपमान करने वाले यही लोग रात के अंधेरे में उनके घर जाकर पैर छूते हैं। इसका आप पर असर • भारत में: निर्वाचित प्रतिनिधियों का इस तरह पाला बदलना दलबदल विरोधी कानूनों की प्रभावशीलता और देश में गठबंधन की राजनीति की स्थिरता को लेकर चिंता पैदा करता है। • महाराष्ट्र में: बार-बार बदलते राजनीतिक समीकरणों का सीधा असर राज्य के शासन, नागरिक सुविधाओं और आगामी चुनावों की तैयारियों पर पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. महाराष्ट्र की राजनीति में 'ऑपरेशन टाइगर' क्या है? 'ऑपरेशन टाइगर' उस राजनीतिक रणनीति को कहा जा रहा है जिसके तहत उद्धव ठाकरे गुट के बागी सांसदों और विधायकों को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल कराने की योजना है। 2. प्रताप सरनाइक के दावे के अनुसार कितने सांसद एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हो सकते हैं? प्रताप सरनाइक का दावा है कि UBT गुट के 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल होंगे, जिससे उनके सांसदों की कुल संख्या 13 हो जाएगी। 3. उद्धव ठाकरे ने अपने विधायकों की बैठक कब बुलाई थी? उद्धव ठाकरे ने सोमवार दोपहर 2:30 बजे अपने सभी 20 विधायकों की एक आपात बैठक बुलाई थी। 4. संभावित दलबदल पर आदित्य ठाकरे की क्या प्रतिक्रिया रही? आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पाला बदलने वाले सांसदों की वफादारी बेशर्मी से बिकाऊ है और उन्होंने मतदाताओं के जनादेश के साथ धोखा किया है। 5. उद्धव ठाकरे ने बीजेपी और कांग्रेस के बीच क्या तुलना की? उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना ने कांग्रेस के खिलाफ 30 साल तक राजनीतिक लड़ाई लड़ी लेकिन कांग्रेस ने कभी उनकी पार्टी को खत्म करने की कोशिश नहीं की, जबकि बीजेपी सत्ता का इस्तेमाल कर शिवसेना को खत्म करना चाहती है। https://trendkia.com/politics/maharashtra-ki-siyasata-men-pareshana-taigara-ki-halachala-teja-shinde-guta-men-shamila-ho-sakate-hain-uddhav-kheme-ke-kai-sansada-2299 TrendKia — Har trend, sabse pehle.