# महाराष्ट्र सरकार ने मराठा-कुनबी जांच पैनल की अवधि 2027 तक बढ़ाई, मनोज जरांगे 29 अगस्त से भूख हड़ताल पर अड़े

> मनोज जरांगे के 29 अगस्त से प्रस्तावित अनशन से पहले महाराष्ट्र सरकार ने कुनबी रिकॉर्ड की जांच कर रही संदीप शिंदे समिति का कार्यकाल 30 जून 2027 तक बढ़ा दिया है।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-08-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/maharashtra-sarakara-ne-maratha-kunbi-jancha-painala-ki-avadhi-2027-taka-barhai-manoj-jarange-29-agasta-se-bhukha-haratala-para-ar-23158 · **Language:** Hindi
**Tags:** मराठा आरक्षण, मनोज जरांगे, संदीप शिंदे समिति, महाराष्ट्र सरकार, कुनबी प्रमाण पत्र, जालना अनशन

मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे के पूर्व-घोषित अनिश्चितकालीन अनशन से ठीक पहले महाराष्ट्र सरकार ने एक अहम प्रशासनिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने मराठा समुदाय के कुनबी रिकॉर्ड्स की जांच के लिए गठित विशेष समिति का कार्यकाल एक वर्ष के लिए आगे बढ़ा दिया है। अब यह समिति 30 जून 2027 तक अपना काम जारी रखेगी, ताकि पिछड़ा वर्ग (OBC) कोटे के तहत आरक्षण के लिए आवश्यक दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए जा सकें।

## सरकारी प्रस्ताव और समिति की समय-सीमा
महाराष्ट्र सरकार द्वारा 25 अगस्त को जारी किए गए आधिकारिक प्रस्ताव (GR) के अनुसार, बॉम्बे हाईकोर्ट के रिटायर जस्टिस संदीप शिंदे की अध्यक्षता वाली बहु-सदस्यीय समिति को यह सेवा विस्तार दिया गया है। वर्ष 2023 में गठित इस समिति की मूल कार्यावधि 30 जून 2026 को समाप्त हो रही थी। समिति का प्राथमिक उद्देश्य मराठा समुदाय के सदस्यों के कुनबी जाति संबंधी ऐतिहासिक अभिलेखों और वंशावली की गहन जांच करना है। इन रिकॉर्ड्स के आधार पर कुनबी जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया तय की जानी है, जिससे मराठा समाज को सरकारी नौकरियों तथा शिक्षण संस्थानों में OBC श्रेणी के अंतर्गत आरक्षण का लाभ मिल सके।

## मंत्रिमंडलीय उप-समिति की सिफारिश और वजह
कार्यकाल बढ़ाने का यह फैसला मराठा आरक्षण पर बनी मंत्रिमंडलीय उप-समिति की सिफारिशों पर आधारित है, जिसकी अगुआई वरिष्ठ मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल कर रहे हैं। सरकारी दस्तावेज में स्पष्ट किया गया है कि राज्य के कई जिलों में मराठा-कुनबी वंशावली की खोज और अभिलेखों के सत्यापन का कार्य अब भी अधूरा है। अभिलेखागारों से पुराने रिकॉर्ड जुटाने और उनकी जांच करने में लग रहे समय को देखते हुए उप-समिति ने यह निष्कर्ष निकाला कि जांच पैनल को अपना कार्य पूरी सटीकता से समाप्त करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाना अत्यंत आवश्यक था।

## अंतरवाली सराटी में अनशन पर अड़े मनोज जरांगे
दूसरी तरफ, आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे आगामी 29 अगस्त से शुरू होने वाली अपनी भूख हड़ताल के फैसले पर कायम हैं। वह जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने जा रहे हैं। जरांगे लगातार यह मांग उठा रहे हैं कि मराठा समुदाय को बिना किसी देरी के कुनबी जाति प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएं, ताकि वे ओबीसी कोटे के तहत मिलने वाली आरक्षण सुविधाओं का तुरंत लाभ उठा सकें। सरकार के इस प्रशासनिक फैसले के बावजूद आंदोलनकारी अपने विरोध प्रदर्शन की योजना में कोई बदलाव नहीं कर रहे हैं।

## इसका आप पर असर
इस फैसले से महाराष्ट्र में मराठा समुदाय को ओबीसी आरक्षण मिलने की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जिसका सीधा असर शिक्षा और नौकरियों पर पड़ेगा।

- **भारत भर में:** अन्य राज्यों में भी वर्ग-आधारित आरक्षण मांगों और वंशावली जांच की प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर इसका असर देखा जा सकता है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर आरक्षण नीति पर होने वाली बहसों को नया संदर्भ मिलेगा।
- **महाराष्ट्र में:** मराठा समुदाय के युवाओं को कुनबी जाति प्रमाण पत्र मिलने की प्रक्रिया में और समय लगेगा, जिससे आगामी सत्र की सरकारी नौकरियों और कॉलेज दाखिलों में ओबीसी कोटे का लाभ फिलहाल टल सकता है। 29 अगस्त से जालना में मनोज जरांगे का अनशन शुरू होने से राज्य के विभिन्न इलाकों में विरोध प्रदर्शन तेज हो सकते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. संदीप शिंदे समिति का कार्यकाल कब तक बढ़ाया गया है?
समिति का कार्यकाल 1 वर्ष बढ़ाकर 30 जून 2027 तक के लिए आगे बढ़ा दिया गया है।

### 2. मनोज जरांगे का अनशन कब और कहाँ प्रस्तावित है?
मनोज जरांगे 29 अगस्त से जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने वाले हैं।

### 3. शिंदे समिति का गठन किस उद्देश्य से किया गया था?
इस समिति का गठन 2023 में मराठा समुदाय के सदस्यों के कुनबी रिकॉर्ड तलाशने और उन्हें कुनबी जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया तय करने के लिए किया गया था।

### 4. कार्यकाल बढ़ाने की सिफारिश किसने की थी?
वरिष्ठ मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल की अध्यक्षता वाली मराठा आरक्षण संबंधी मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने कार्यकाल बढ़ाने की सिफारिश की थी।

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