# महाराष्ट्र विधानसभा में भारी हंगामा: मंत्रियों और अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भड़के राहुल नार्वेकर

> महाराष्ट्र विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मंत्रियों और उच्च अधिकारियों के गायब रहने पर अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने नाराजगी जताई और मुख्य सचिव को तलब किया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जनता की सेवा के लिए वेतन लेने वाले अधिकारी सदन की गरिमा को नजरअंदाज नहीं कर सकते।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-07-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/maharashtra-vidhanasabha-men-bhari-hngama-mntriyon-aura-adhikariyon-ki-anupasthiti-para-bharake-rahul-narwekar-5948 · **Language:** Hindi
**Tags:** महाराष्ट्र विधानसभा, राहुल नार्वेकर, राजेश कुमार, विजय वडेट्टीवार, चंद्रकांत पाटिल, मुंबई

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में राज्य विधानसभा की कार्यवाही बुधवार को उस समय एक बड़े गतिरोध का गवाह बनी, जब विधानसभा अध्यक्ष **राहुल नार्वेकर** ने सरकारी मंत्रियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की सदन से नदारद मौजूदगी पर तीखा रुख अपनाया। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि विधानसभा का कामकाज अधिकारियों की व्यक्तिगत सुविधा के अनुसार नहीं चलाया जाएगा और इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त के बाहर है। नार्वेकर ने राज्य के मुख्य सचिव **राजेश कुमार** को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए उन्हें 30 मिनट के भीतर सदन में उपस्थित होने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में यह भी कहा कि यदि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई, तो पूरे दिन के लिए सदन की कार्यवाही को स्थगित करने में वह संकोच नहीं करेंगे।

## **मुख्य सचिव को दी गई सदन में उपस्थित होने की चेतावनी**
अध्यक्ष के इस कड़े रुख के बाद, राज्य के सबसे वरिष्ठ नौकरशाह और मुख्य सचिव **राजेश कुमार** विधानसभा पहुंचे और अधिकारियों की दीर्घा में अपनी जगह ली। यह सारा घटनाक्रम सदन में चर्चा के दौरान शुरू हुआ, जब विपक्षी सदस्यों ने बार-बार यह मुद्दा उठाया कि संबंधित विभागों के मंत्री और जिम्मेदार सचिव सदन में मौजूद नहीं हैं, जिससे जनहित के विषयों पर चर्चा बाधित हो रही है।

## **विपक्ष की कार्यवाही स्थगित करने की मांग**
कांग्रेस विधायक दल के नेता **विजय वडेट्टीवार** ने इस मामले को महाराष्ट्र की जनता के अपमान से जोड़ा। उन्होंने कहा कि मंत्रियों और सचिवों का सदन से गायब रहना न केवल अध्यक्ष की कुर्सी बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अनादर है। **विजय वडेट्टीवार** ने जोर देकर कहा कि जब तक संबंधित मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी सदन में हाजिर नहीं होते, तब तक सदन की कार्यवाही को रोक दिया जाना चाहिए। शोर-शराबे और हंगामे के बीच अध्यक्ष **राहुल नार्वेकर** ने सरकार से जवाब मांगा और मुख्य सचिव को आधे घंटे की समय सीमा के साथ तलब कर लिया।

## **सदन की कार्यवाही का स्थगन**
विपक्ष के भारी विरोध के कारण विधानसभा की कार्यवाही को कुल 10 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा। सदन के दोबारा शुरू होने पर मुख्य सचिव स्वयं दीर्घा में उपस्थित हुए। सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री **चंद्रकांत पाटिल** ने सफाई देते हुए कहा कि कुछ मंत्री और वरिष्ठ नौकरशाह अन्य आधिकारिक बैठकों में व्यस्त थे, जिसकी वजह से वे समय पर सदन में नहीं पहुंच सके।

## **अध्यक्ष की नाराजगी और वेतन पर सवाल**
इस घटनाक्रम पर अंतिम चेतावनी देते हुए **राहुल नार्वेकर** ने कहा कि राज्य सरकार के खजाने से भारी-भरकम वेतन लेने वाले सचिवों की कुल संख्या 110 है, लेकिन सदन में उनमें से 4 भी मौजूद नहीं थे। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विधानसभा की कार्यवाही से अधिक महत्वपूर्ण राज्य के लिए कोई अन्य सरकारी कार्य नहीं हो सकता। उन्होंने सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया कि भविष्य में हर चर्चा के दौरान संबंधित मंत्री को अपनी अनिवार्य उपस्थिति दर्ज करानी होगी, ताकि सदन में जन समस्याओं का उचित समाधान निकाला जा सके।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** यह घटना संदेश देती है कि लोकतांत्रिक जवाबदेही के लिए सदन में मंत्रियों की उपस्थिति अनिवार्य है।

**महाराष्ट्र में:** राज्य के निवासियों के लिए, इसका मतलब है कि विधानसभा में उनके मुद्दों पर चर्चा के दौरान मंत्रियों का जवाब देना अब अधिक सुनिश्चित होगा, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. राहुल नार्वेकर ने मुख्य सचिव को क्या निर्देश दिया?
राहुल नार्वेकर ने मुख्य सचिव राजेश कुमार को 30 मिनट के भीतर विधानसभा में उपस्थित होने का कड़ा निर्देश दिया।

### 2. विपक्ष ने कार्यवाही स्थगित करने की मांग क्यों की?
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार और अन्य विपक्षी सदस्यों ने मंत्रियों और सचिवों की गैरमौजूदगी को जनता का अपमान बताते हुए सदन को स्थगित करने की मांग की।

### 3. सरकार की ओर से मंत्रियों की अनुपस्थिति पर क्या सफाई दी गई?
संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि कुछ मंत्री और वरिष्ठ नौकरशाह अन्य महत्वपूर्ण सरकारी बैठकों में व्यस्त थे।

### 4. अध्यक्ष ने कुल कितने सचिवों का उल्लेख किया?
राहुल नार्वेकर ने कहा कि सरकार से वेतन पाने वाले 110 सचिव हैं, लेकिन सदन में उनमें से 4 भी मौजूद नहीं थे।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._