ममता बनर्जी पर हमले को रिजु दत्ता ने बताया 15 साल के जनआक्रोश का नतीजा, सीआईडी जांच पर भी दिया बयान पूर्व टीएमसी प्रवक्ता रिजु दत्ता ने ममता बनर्जी पर हुए हमले को 15 वर्षों के जनता के गुस्से का परिणाम बताया है। साथ ही उन्होंने अभिषेक बनर्जी के पूर्व पीए सुमित रॉय के खिलाफ सीआईडी जांच पर भी अपनी बात रखी। तृणमूल कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता रिजु दत्ता ने ममता बनर्जी पर हुए हालिया हमले को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस घटना की निंदा करने के साथ ही इसे पिछले 15 वर्षों के दौरान जनता के भीतर जमा हुए भारी आक्रोश का परिणाम करार दिया। रिजु दत्ता ने स्पष्ट कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी शीर्ष नेता के खिलाफ हिंसा की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने राज्य प्रशासन से आग्रह किया कि राजनैतिक मतभेदों से इतर पूर्व महिला मुख्यमंत्री को आवश्यक और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई जानी चाहिए। सुरक्षा में चूक और 15 साल के जनआक्रोश पर रिजु दत्ता की प्रतिक्रिया समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए रिजु दत्ता ने सुरक्षा तंत्र की जिम्मेदारियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकीं नेता जब जनता के बीच जाती हैं, तो उनके सुरक्षा इंतजामों की पूरी जवाबदेही सरकार और पुलिस प्रशासन की होती है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के बयान का हवाला देते हुए बताया कि ममता बनर्जी को ज़ेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। इस स्तर की सुरक्षा व्यवस्था में कहीं भी जाने से पूर्व स्थानीय पुलिस को सूचित करना अनिवार्य नियम है, परंतु बिना जानकारी दिए निकलने के कारण यह अप्रिय घटना घटी। दत्ता ने जोर देकर कहा कि 15 वर्षों के जनआक्रोश के बावजूद एक पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन का बुनियादी कर्तव्य है। विपक्षी नेताओं पर हुए पिछले हमलों की याद दिलाते हुए कर्म का उल्लेख रिजु दत्ता ने ममता बनर्जी के शासनकाल में हुई राजनीतिक हिंसा की प्रमुख घटनाओं का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि अतीत में बोए गए बीजों का फल समय के साथ सामने आता है। उन्होंने याद दिलाया कि किस प्रकार भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर पत्थरबाजी कर उनकी जान लेने का प्रयास किया गया था। इसके साथ ही उन्होंने वर्तमान मंत्री दिलीप घोष पर हुए हमले और कूचबिहार में मौजूदा मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को जिंदा जलाने की रची गई साजिश का जिक्र किया। इन सभी उदाहरणों का हवाला देते हुए उन्होंने टिप्पणी की, "हमेशा कर्म लौटकर आता है।" अभिषेक बनर्जी के पूर्व पीए सुमित रॉय पर सीआईडी जांच का दायरा बातचीत के दौरान रिजु दत्ता ने अभिषेक बनर्जी के पूर्व व्यक्तिगत सहायक सुमित रॉय के खिलाफ चल रही सीआईडी जांच पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि सुमित रॉय पर जबरन वसूली, सरकारी जमीनों की अवैध बिक्री, नौकरियों की अवैध खरीद-फरोख्त और धमकियां देकर पैसे ऐंठने जैसे गंभीर आरोपों में कई अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज हैं। रिजु दत्ता ने स्पष्ट किया कि यह पूरी जांच प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के तहत संचालित हो रही है, जिसके तहत पुलिस का समन मिलने पर सुमित रॉय को जांच अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होना ही पड़ेगा। अपने वक्तव्य के समापन में रिजु दत्ता ने कहा कि सुमित रॉय इस पूरी जांच के सबसे महत्वपूर्ण सूत्रधार हैं। उनके अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के 15 वर्षों के शासन के दौरान उत्तर में दार्जिलिंग से लेकर दक्षिण में डायमंड हारबर तक हुए तमाम कथित भ्रष्टाचार का पूरा लेखा-जोखा और दस्तावेज सुमित रॉय के पास मौजूद है। इसका आप पर असर • भारत में: यह घटना राजनीतिक कार्यक्रमों में वीआईपी और वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कड़े नियमों और दिशानिर्देशों के महत्व को रेखांकित करती है। • पश्चिम बंगाल में: राज्य में जारी राजनीतिक खींचतान और विभिन्न मामलों में सीआईडी जांच के चलते प्रशासनिक व राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सवाल-जवाब 1. रिजु दत्ता ने ममता बनर्जी पर हुए हमले के बारे में क्या कहा? रिजु दत्ता ने कहा कि यह हमला पिछले 15 सालों से लोगों के अंदर भरे गुस्से का नतीजा है, हालांकि उन्होंने एक पूर्व मुख्यमंत्री पर हमले की निंदा भी की। 2. रिजु दत्ता ने अतीत की किन हिंसक घटनाओं का उल्लेख किया? उन्होंने जेपी नड्डा के काफिले पर पथराव, दिलीप घोष पर हमला और कूचबिहार में सुवेंदु अधिकारी को जिंदा जलाने की साजिश की घटनाओं का उल्लेख किया। 3. बयानों के अनुसार ममता बनर्जी की सुरक्षा में चूक क्यों हुई? ममता बनर्जी के पास ज़ेड प्लस सुरक्षा उपलब्ध है, लेकिन वे पुलिस को पूर्व सूचना दिए बिना बाहर चली गईं, जिससे यह घटना घटी। 4. अभिषेक बनर्जी के पूर्व पीए सुमित रॉय पर क्या आरोप हैं? सुमित रॉय पर जबरन वसूली, सरकारी जमीन और नौकरियां बेचने तथा लोगों से पैसे ऐंठने के गंभीर आरोपों के तहत कई प्राथमिकी दर्ज हैं। 5. सुमित रॉय के खिलाफ सीआईडी जांच किसके निर्देश पर हो रही है? यह सीआईडी जांच सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के तहत संचालित की जा रही है। https://trendkia.com/politics/mamata-banerjee-para-hamale-ko-riju-dutta-ne-bataya-15-sala-ke-janaakrosha-ka-natija-siaidi-jancha-para-bhi-diya-bayana-15624 TrendKia — Har trend, sabse pehle.