# मानसून सत्र से पहले लोकसभा अध्यक्ष ने मंजूर किया शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों का शिंदे गुट में विलय

> लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने मानसून सत्र से पहले शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों का एकनाथ शिंदे की शिवसेना में विलय मंजूर कर लिया, वहीं इसी दौरान विपक्ष ने सर्वदलीय बैठक से वॉकआउट भी किया।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-07-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/manasuna-satra-se-pahale-lok-sabha-speaker-ne-mnjura-kiya-shiv-sena-ubt-ke-chhaha-sansadon-ka-shinde-guta-men-vilaya-8737 · **Language:** Hindi
**Tags:** शिवसेना यूबीटी, एकनाथ शिंदे, लोकसभा अध्यक्ष, मानसून सत्र, दल-बदल कानून, तृणमूल कांग्रेस

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों का एकनाथ शिंदे की शिवसेना में विलय मंजूर कर लिया है। मानसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले आया यह फैसला महीनों से लटके एक विवाद पर विराम लगाता है।

## अध्यक्ष का फैसला
बताया जा रहा है कि अध्यक्ष कार्यालय ने मंजूरी देने से पहले विलय के तकनीकी पहलुओं को बारीकी से परखा, क्योंकि किसी सांसद के एक पार्टी से दूसरी पार्टी में विलय का सीधा असर सदन में दलों की ताकत और दल-बदल कानून के तहत होने वाली कार्रवाई पर पड़ता है। अब जब आदेश जारी हो चुका है, तो जो छह सांसद पहले शिंदे खेमे में शामिल हुए थे, वे आधिकारिक तौर पर शिवसेना (यूबीटी) की बजाय शिवसेना के सदस्य माने जाएंगे। इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस के कुछ बागी सांसदों का किसी दूसरी पार्टी में विलय नहीं होगा, उन्हें लोकसभा में अलग बैठाया जाएगा।

## हफ्तों तक चला खींचतान
यह मामला हफ्तों से लटका हुआ था। 24 जून को शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों ने अध्यक्ष से मुलाकात कर मांग की थी कि शिंदे खेमे में गए नेताओं ने विलय के लिए जो पत्र जमा किया था, उसकी प्रति उन्हें दिखाई जाए। 14 जुलाई तक भी अध्यक्ष की ओर से विलय को मान्यता देने वाला कोई आदेश नहीं आया था, जिसके बाद शिवसेना (यूबीटी) ने पाला बदलने वाले सांसदों को नोटिस भेज दिया। आखिरकार 18 जुलाई को अध्यक्ष का आदेश आया और छह सांसदों के शिंदे गुट वाली शिवसेना में विलय को मंजूरी मिल गई।

## सत्र से पहले विपक्ष का वॉकआउट
19 जुलाई को मानसून सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक से शिवसेना (यूबीटी) और तृणमूल कांग्रेस ने वॉकआउट कर दिया। दोनों दलों की आपत्ति सरकार द्वारा बैठक में 20 बागी सांसदों को दिए गए न्योते को लेकर थी। इनका कहना था कि बागी सांसदों को बुलाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन है। बैठक से पहले केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा था कि सरकार विपक्ष की बात सुनने को तैयार है और उम्मीद करती है कि विपक्ष भी बदले में वैसा ही रवैया अपनाए।

## यह फैसला मायने क्यों रखता है
अध्यक्ष से मंजूर विलय संबंधित सांसदों को दल-बदल कानून के तहत अयोग्यता की कार्रवाई से बचाता है और कागजों पर यह भी तय कर देता है कि वे लोकसभा में एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ हैं या उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के साथ। मानसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले आया यह फैसला सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच पहले से तनी सियासी रस्साकशी में एक और मोर्चा खोल देता है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** इस फैसले से एकनाथ शिंदे की शिवसेना की लोकसभा में ताकत आधिकारिक तौर पर बढ़ गई है, जिसका असर आगे दूसरे दलों में हुई टूट के मामलों की सुनवाई पर भी पड़ सकता है।
- **महाराष्ट्र में:** इस विलय से उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) की संसद में ताकत और घट गई है, जिससे राज्य की दोनों शिवसेना गुटों के बीच सियासी टकराव और तेज हो सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. शिवसेना (यूबीटी) के कितने सांसदों का विलय शिंदे गुट में मंजूर हुआ है?
छह सांसदों का विलय मंजूर हुआ है।

### 2. यह मंजूरी किसने दी?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने यह मंजूरी दी है।

### 3. तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों के साथ क्या होगा?
उनका किसी दूसरी पार्टी में विलय नहीं होगा, उन्हें लोकसभा में अलग बैठाया जाएगा।

### 4. सर्वदलीय बैठक से वॉकआउट क्यों हुआ?
सरकार द्वारा 20 बागी सांसदों को बैठक में बुलाए जाने पर शिवसेना (यूबीटी) और तृणमूल कांग्रेस ने लोकतांत्रिक मर्यादाओं के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए वॉकआउट किया।

### 5. यूबीटी सांसदों ने अध्यक्ष से पहले क्या मांग की थी?
24 जून को उन्होंने अध्यक्ष से मुलाकात कर शिंदे खेमे में शामिल हुए नेताओं द्वारा जमा कराए गए पत्र की प्रति मांगी थी।

### 6. सरकार का इस मुद्दे पर क्या कहना है?
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार विपक्ष की बात सुनने को तैयार है और उम्मीद करती है कि विपक्ष भी वैसा ही रुख अपनाए।

### 7. यह मंजूरी मानसून सत्र से पहले क्यों अहम है?
क्योंकि इससे लोकसभा में शिवसेना के दोनों गुटों की स्थिति स्पष्ट हो गई है और सत्र शुरू होने से पहले सियासी माहौल गरमा गया है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._