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  "type": "article",
  "title": "मानसून सत्र से पहले NCPI की पहली संसदीय बैठक, वंदे मातरम् अपमान पर विधेयक लाएंगे अमित शाह",
  "summary": "मानसून सत्र शुरू होने से पहले एनसीपीआई ने पहली बार संसदीय दल की बैठक में हिस्सा लिया और सुदीप बंद्योपाध्याय ने एनडीए सरकार को समर्थन देने का संकेत दिया, वहीं अमित शाह वंदे मातरम् के अपमान पर विधेयक लाने वाले हैं।",
  "content": "संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले दो बड़ी खबरें सामने आईं, पहली बार एनसीपीआई ने संसदीय दल की बैठक में हिस्सा लिया और सुदीप बंद्योपाध्याय ने साफ किया कि उनकी पार्टी इस सत्र में एनडीए सरकार का साथ देगी।\n\nसोमवार से शुरू होगा मानसून सत्र\nसंसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और इसमें कई अहम विधेयक पेश किए जाने हैं। एनसीपीआई के संसदीय दल के तौर पर पहली बार शामिल होने के साथ ही इस सत्र में टीएमसी के बागी सांसदों को पार्टी से अलग सीटें दी जाएंगी, जो टीएमसी के भीतर मौजूद फूट को साफ दिखाता है।\n\nकार्य मंत्रणा समिति की बैठक\nसत्र शुरू होने से पहले लोकसभा अध्यक्ष ने कार्य मंत्रणा समिति की बैठक की अध्यक्षता की और सदन में रचनात्मक चर्चा की जरूरत पर जोर दिया। राज्यसभा में भी सोमवार को संसद भवन में इसी तरह की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक होनी है, जिसमें उच्च सदन के कामकाज को लेकर रणनीति तय होगी। भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने कहा कि \"सत्र शुरू होने से पहले सभी दलों का साथ बैठना परंपरा रही है,\" जो हर सत्र से पहले होने वाली सर्वदलीय बैठक की परिपाटी की ओर इशारा करता है।\n\nवंदे मातरम् के अपमान पर विधेयक\nकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह वंदे मातरम् के अपमान को अपराध घोषित करने वाला एक विधेयक संसद में पेश करने वाले हैं, जो इस सत्र के अहम एजेंडा में से एक होगा।\n\nपरिसीमन विधेयक पर डीएमके की मांग\nडीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने परिसीमन विधेयक को लेकर स्पष्टता मांगी है, यह प्रस्तावित कानून संसदीय सीटों की सीमाओं में बदलाव ला सकता है। उन्होंने महिला आरक्षण कानून को लेकर अपनी पार्टी के समर्थन को भी दोहराया।\n\nटीएमसी के बागी सांसदों की अलग बैठक\nइसी बीच टीएमसी के बागी सांसदों ने अपनी अलग संसदीय दल की बैठक की, जिसमें उन्होंने अपना सदन नेता और मुख्य सचेतक चुना। इससे मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही संसद के भीतर उनका एक अलग खेमे के तौर पर स्वरूप साफ हो गया।\n\nइसका आप पर असर\n• आम नागरिकों के लिए: वंदे मातरम् के अपमान को अपराध बनाने वाला विधेयक कानून बनने पर इससे जुड़े मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान आ सकता है।\n• मतदाताओं के लिए: परिसीमन विधेयक पर स्पष्टता आने से आने वाले समय में संसदीय सीटों की सीमाओं और प्रतिनिधित्व को लेकर दिशा तय होगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. एनसीपीआई ने पहली बार क्या किया?\nएनसीपीआई ने पहली बार संसदीय दल की बैठक में हिस्सा लिया।\n\n2. सुदीप बंद्योपाध्याय ने क्या संकेत दिया?\nसुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि उनकी पार्टी मानसून सत्र में एनडीए सरकार का समर्थन करेगी।\n\n3. मानसून सत्र कब शुरू हो रहा है?\nसंसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है।\n\n4. वंदे मातरम् से जुड़ा विधेयक कौन लाएगा?\nकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह वंदे मातरम् के अपमान को अपराध घोषित करने वाला विधेयक पेश करेंगे।\n\n5. परिसीमन विधेयक पर डीएमके का क्या कहना है?\nडीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने परिसीमन विधेयक पर स्पष्टता मांगी है और महिला आरक्षण कानून के समर्थन को दोहराया है।\n\n6. टीएमसी के बागी सांसदों ने क्या किया?\nटीएमसी के बागी सांसदों ने अपनी अलग बैठक में सदन नेता और मुख्य सचेतक चुना।",
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  "category": "राजनीति",
  "publishedAt": "2026-07-19",
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    "मानसून सत्र",
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