मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस ने भाजपा पर भगवान राम को धोखा देने का आरोप लगाया मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने रामजन्मभूमि ट्रस्ट चंदा विवाद, परीक्षा पेपर लीक और परिसीमन जैसे मुद्दे उठाने का ऐलान किया, वहीं कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भाजपा पर भगवान राम को धोखा देने का आरोप लगाया। संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले रविवार, 19 जुलाई को नई दिल्ली में सर्वदलीय बैठक शुरू हुई, जिसमें सरकार सत्र के दौरान अपने विधायी एजेंडे की रूपरेखा पेश करेगी, जबकि विपक्षी दलों ने साफ कर दिया है कि वे सदन में शिकायतों की लंबी फेहरिस्त उठाने वाले हैं। विपक्षी नेताओं का एजेंडा बैठक से पहले विपक्षी नेताओं ने कहा कि संसद शुरू होते ही वे कई विवादास्पद मुद्दे उठाएंगे, जिनमें कथित श्री रामजन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट चंदा घोटाला, विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक होने का मामला, परिसीमन को लेकर चल रही बहस और लोकसभा अध्यक्ष के कामकाज से जुड़े सवाल शामिल हैं। आमतौर पर ऐसी सर्वदलीय बैठक के बाद कार्य मंत्रणा समिति में चर्चा होती है, जहां अलग अलग दलों के सदन के नेता और सरकार मिलकर तय करते हैं कि सत्र कितने दिन चलेगा और किन मुद्दों पर कितना समय दिया जाएगा। रामजन्मभूमि ट्रस्ट के चंदे पर कांग्रेस का हमला सत्र में कांग्रेस किन मुद्दों को उठाएगी, इस पर पत्रकारों से बात करते हुए राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने भाजपा और उसकी सरकार पर भगवान राम को धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने सिर्फ चंदे की रकम में गड़बड़ी नहीं की, बल्कि यह लोगों की आस्था के साथ की गई डकैती है। तिवारी ने कहा कि सत्र शुरू होते ही कांग्रेस यही मुद्दा सबसे पहले उठाएगी, क्योंकि उनके मुताबिक यह सिर्फ पैसों का मामला नहीं बल्कि भरोसे का मामला है। तिवारी ने इस चंदा विवाद को पार्टी की बाकी शिकायतों से भी जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट सहित 70 से ज्यादा परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं और यह सब जानबूझकर रची गई साजिश का नतीजा है। उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोल में मिलाया जा रहा एथेनॉल वाहनों के इंजन को नुकसान पहुंचा रहा है और यह चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए रची गई बड़ी साजिश है। तिवारी ने बताया कि पार्टी सत्र में जमीन घोटालों के आरोप भी अलग से उठाएगी। सरकार के संसदीय आंकड़ों पर तिवारी ने कहा, "भाजपा या एनडीए सरकार के पास न कभी दो तिहाई बहुमत था, न है और न कभी होगा।" इस बयान के जरिए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि सत्तापक्ष विपक्ष की चिंताओं को नजरअंदाज करके मनमाने तरीके से कानून पारित नहीं कर सकता। नए बैनर तले पहुंचे तृणमूल के बागी सांसद तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय, जो अपनी पार्टी से बगावत कर चुके हैं, रविवार की बैठक में तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधि के तौर पर नहीं बल्कि नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी ऑफ इंडिया यानी एनसीपीआई के नेता के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पिछले 15 साल तक वे तृणमूल कांग्रेस के संसदीय दल के नेता रहे, लेकिन अब वे अपनी नई पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे और नई पार्टी की नीति पुरानी जैसी ही है, यानी सदन विपक्ष का होता है और यह सोच संसद के कामकाज में झलकनी चाहिए। बंद्योपाध्याय ने कहा कि वे और उनकी नई पार्टी धर्मनिरपेक्षता, सांप्रदायिक सद्भाव और देश की एकता में पूरी तरह विश्वास रखते हैं और यही रुख वे सर्वदलीय बैठक और आगे भी बनाए रखेंगे। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बागी विधायकों को चुनौती देते हुए कहा था कि अगर वे पार्टी में लौट आएं तो वे खुद अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। इस पर पूछे जाने पर बंद्योपाध्याय ने कहा, "उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर अपील की है। सांसद या विधायक अपना फैसला खुद लेंगे।" उनके जवाब से साफ था कि वे इस चुनौती पर जल्दबाजी में कोई प्रतिक्रिया देने के मूड में नहीं हैं। राजनाथ सिंह ने संभाली बैठक की कमान सर्वदलीय बैठक को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संबोधित किया। हर संसद सत्र से पहले आमतौर पर वही अलग अलग दलों के सदन के नेताओं से संपर्क साधने और विधायी कामकाज पर आम सहमति बनाने की कोशिश की अगुआई करते हैं। विपक्षी दलों ने पहले ही रामजन्मभूमि ट्रस्ट के चंदे का मुद्दा, परीक्षा पेपर लीक, परिसीमन और लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका को टकराव के बिंदु के तौर पर गिना दिया है, ऐसे में आने वाला मानसून सत्र पहला विधेयक पेश होने से पहले ही हंगामेदार शुरुआत की ओर बढ़ता दिख रहा है। इसका आप पर असर • संसद पर नजर रखने वालों के लिए: मानसून सत्र की हंगामेदार शुरुआत का मतलब है कि सदन में विधेयकों, योजनाओं और बजट से जुड़े कामकाज के लिए कम समय मिल सकता है, जिसका असर आम नागरिकों पर पड़ता है। • परीक्षार्थियों के लिए: नीट सहित 70 से ज्यादा परीक्षाओं के पेपर लीक होने के आरोपों पर विपक्ष के दबाव से सरकार पर परीक्षा सुरक्षा को लेकर कदम उठाने का दबाव बढ़ सकता है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अहम है। • वाहन मालिकों के लिए: पेट्रोल में एथेनॉल मिलाए जाने से इंजन को नुकसान पहुंचने के आरोप अगर संसद में उठते हैं, तो इससे ईंधन मिलावट नीति को लेकर स्पष्टता या जांच बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर आम वाहन मालिकों पर पड़ता है। सवाल-जवाब 1. सर्वदलीय बैठक कब और कहां हुई? यह बैठक रविवार, 19 जुलाई को नई दिल्ली में मानसून सत्र से पहले शुरू हुई। 2. कांग्रेस सत्र में सबसे पहले कौन सा मुद्दा उठाएगी? राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी के मुताबिक कांग्रेस सबसे पहले श्री रामजन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के कथित चंदा घोटाले का मुद्दा उठाएगी। 3. प्रमोद तिवारी ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया? तिवारी ने भाजपा और उसकी सरकार पर भगवान राम को धोखा देने और लोगों की आस्था के साथ डकैती करने का आरोप लगाया। 4. तिवारी ने परीक्षा पेपर लीक को लेकर क्या दावा किया? उन्होंने कहा कि नीट सहित 70 से ज्यादा परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं और यह जानबूझकर रची गई साजिश है। 5. सुदीप बंद्योपाध्याय किस पार्टी के नेता के तौर पर बैठक में शामिल हुए? तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय इस बैठक में नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी ऑफ इंडिया यानी एनसीपीआई के नेता के तौर पर शामिल हुए। 6. अभिषेक बनर्जी की चुनौती पर बंद्योपाध्याय ने क्या जवाब दिया? बंद्योपाध्याय ने कहा कि बनर्जी ने व्यक्तिगत तौर पर अपील की है और सांसद या विधायक अपना फैसला खुद लेंगे। 7. सर्वदलीय बैठक को किसने संबोधित किया? सर्वदलीय बैठक को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संबोधित किया। https://trendkia.com/politics/manasuna-satra-se-pahale-sarvadaliya-baithaka-men-congress-ne-bjp-para-bhagavana-rama-ko-dhokha-dene-ka-aropa-lagaya-8725 TrendKia — Har trend, sabse pehle.