मणिपुर में 2 सितंबर से शुरू हो रहे 3 दिवसीय विधानसभा सत्र पर विवाद, कांग्रेस ने मांगा लंबा बहस का समय मणिपुर में 2 सितंबर से 3 दिवसीय विधानसभा सत्र आयोजित होगा। विपक्षी कांग्रेस ने इस छोटे सत्र का विरोध करते हुए सार्थक चर्चा की मांग की है। मणिपुर की राजधानी इंफाल में राज्य विधानसभा का आगामी सत्र 2 सितंबर 2026 से शुरू होने जा रहा है, लेकिन इसके छोटे समय-चक्र को लेकर राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया है। संसदीय अधिकारियों द्वारा जारी की गई कार्यसूची के अनुसार यह सत्र केवल तीन बैठकों तक सीमित रहेगा। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस संक्षिप्त अवधि को नाकाफी बताते हुए इसका तीखा विरोध किया है। विपक्ष का कहना है कि तीन दिनों का समय राज्य के सामने मौजूद महत्वपूर्ण शासन संबंधी, वित्तीय और जनहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए पूरी तरह अपर्याप्त है। तीन बैठकों की विस्तृत विधायी कार्यसूची मणिपुर विधानसभा के सचिव रोहित सापम द्वारा जारी अनंतिम विधायी कैलेंडर के अनुसार, 2 सितंबर से 7 सितंबर 2026 के बीच कुल तीन कार्यदिवसों में सत्र आयोजित किया जाएगा। इस कैलेंडर में तीन दिनों के दौरान होने वाले सभी विधायी कार्यों और वित्तीय प्रस्तावों का पूरा ब्यौरा दिया गया है। सत्र के पहले दिन 2 सितंबर को सबसे पहले दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि देने के लिए शोक प्रस्ताव लाए जाएंगे। इसके बाद बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाएगी। वित्तीय प्रक्रियाओं की शुरुआत करते हुए सरकार इसी दिन वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुपूरक मांगों का पहला जत्था पेश करेगी और इसके साथ ही नए सरकारी विधेयकों को भी प्रस्तुत किया जाएगा। सत्र की दूसरी बैठक 3 सितंबर को निर्धारित की गई है। इस दिन सदन की कार्यवाही प्रश्नोत्तरी काल के साथ शुरू होगी, जिसमें विधायक सरकार के मंत्रियों से सवाल पूछ सकेंगे। इसके उपरांत वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुपूरक मांगों के प्रथम जत्थे पर सदस्यों के बीच सामान्य चर्चा आयोजित की जाएगी। एक अंतराल के बाद सत्र की तीसरी और अंतिम बैठक 7 सितंबर को होगी। इस दिन भी विधायकों के लिए प्रश्नोत्तर सत्र रखा जाएगा, जिसके बाद अनुपूरक मांगों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी और फिर मतदान कराया जाएगा। अंतिम दिन की विधायी कार्यसूची में विनियोग विधेयक पेश किया जाएगा और विभिन्न सरकारी विधेयकों पर विचार करने के उपरांत उन्हें पारित किया जाएगा। कांग्रेस ने असहमति पत्र के जरिए जताया विरोध विधानसभा सत्र को केवल तीन बैठकों तक सीमित रखने के फैसले पर विपक्षी कांग्रेस विधायक दल (CLP) ने कड़ा एतराज जताया है। कांग्रेस विधायक दल के नेता केशम मेघाचंद्र सिंह ने बताया कि पार्टी ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक के दौरान ही इस फैसले के खिलाफ औपचारिक रूप से एक असहमति पत्र (डिसेंट नोट) दर्ज कराया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर मेघाचंद्र सिंह ने जानकारी दी कि विपक्ष ने सत्र की अवधि घटाने के प्रस्ताव का समिति की बैठक में पुरजोर विरोध किया। उनका तर्क है कि इतने कम समय में विधायी कार्यों को समेटने से लोकतांत्रिक समीक्षा की प्रक्रिया कमजोर होती है और जनता की चिंताओं को उठाने का अवसर सीमित हो जाता है। सार्थक चर्चा और लोकतांत्रिक सिद्धांतों की रक्षा की मांग विपक्षी दल के रुख को स्पष्ट करते हुए मेघाचंद्र सिंह ने कहा कि एक पारदर्शी शासन व्यवस्था में संक्षिप्त औपचारिक बैठकों के बजाय दीर्घकालिक और गंभीर संसदीय बहस की आवश्यकता होती है। उन्होंने चिंता जताई कि इतने छोटे सत्र से जनप्रतिनिधियों को जनसमस्याएं उठाने और सरकार की जवाबदेही तय करने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाएगा। केशम मेघाचंद्र सिंह ने कहा, "मणिपुर की जनता एक सार्थक और महत्वपूर्ण विधानसभा सत्र की हकदार है जहाँ उनकी चिंताओं पर खुले तौर पर चर्चा की जाए।" उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए केवल औपचारिकता पूरी करने वाले सत्रों के बजाय एक प्रभावी और काम करने वाली विधायिका का होना अनिवार्य है। इसका आप पर असर • भारत में: यह घटनाक्रम इस बात को रेखांकित करता है कि राज्य विधानसभाओं में बजटीय आवंटन और नए कानूनों पर व्यापक चर्चा होना संसदीय लोकतंत्र के लिए कितना महत्वपूर्ण है। • मणिपुर में: विधानसभा सत्र की अवधि कम रहने से राज्य के ज्वलंत मुद्दों और स्थानीय विकास योजनाओं पर विधायकों को अपनी बात रखने का सीमित समय मिलेगा। सवाल-जवाब 1. मणिपुर विधानसभा का सत्र कब से शुरू हो रहा है? मणिपुर विधानसभा का सत्र 2 सितंबर 2026 से शुरू होने वाला है, जिसमें कुल तीन कार्यदिवस रखे गए हैं। 2. सत्र के पहले दिन क्या-क्या विधायी कार्य होंगे? 2 सितंबर को पहले दिन शोक प्रस्ताव, बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की रिपोर्ट, नए सरकारी विधेयक और वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुपूरक मांगों का पहला जत्था पेश किया जाएगा। 3. 3 सितंबर और 7 सितंबर को सदन में क्या कार्यवाही होगी? 3 सितंबर को प्रश्नोत्तर काल और अनुपूरक मांगों पर सामान्य चर्चा होगी। 7 सितंबर को अनुपूरक मांगों पर मतदान, विनियोग विधेयक पेश करने और सरकारी विधेयकों को पारित करने की कार्यवाही होगी। 4. कांग्रेस पार्टी इस सत्र का विरोध क्यों कर रही है? कांग्रेस विधायक दल के नेता केशम मेघाचंद्र सिंह ने असहमति पत्र सौंपकर कहा कि तीन दिन का समय राज्य के गंभीर मुद्दों पर चर्चा और सरकार की जवाबदेही तय करने के लिए नाकाफी है। 5. मणिपुर विधानसभा सत्र का अनंतिम कार्यसूची कैलेंडर किसने जारी किया? मणिपुर विधानसभा के सचिव रोहित सापम ने तीन बैठकों के विधायी कार्यों की रूपरेखा वाला अनंतिम कैलेंडर जारी किया। https://trendkia.com/politics/manipur-men-2-sitnbara-se-shuru-ho-rahe-3-divasiya-vidhanasabha-satra-para-vivada-congress-ne-manga-lnba-bahasa-ka-samaya-22285 TrendKia — Har trend, sabse pehle.