{
  "type": "article",
  "title": "मातोश्री में जुटेंगे शिवसेना (यूबीटी) के सभी 9 सांसद, 'ऑपरेशन टाइगर' की अटकलों ने बढ़ाई उद्धव ठाकरे की मुश्किलें",
  "summary": "शिवसेना (यूबीटी) के 7 सांसदों के एकनाथ शिंदे के संपर्क में होने की चर्चाओं के बीच उद्धव ठाकरे ने रविवार को अपने सभी 9 सांसदों को मातोश्री बुलाया है। 'ऑपरेशन टाइगर' की अटकलों ने महाराष्ट्र की सियासत में हलचल मचा दी है।",
  "content": "महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है और इस बार नजरें मातोश्री पर टिकी हैं। पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस को लेकर चल रही अटकलों के बाद अब चर्चा का रुख शिवसेना (यूबीटी) की ओर मुड़ गया है। पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को अपने सभी 9 सांसदों को मातोश्री में हाजिर होने का निर्देश दिया है, और इसी बैठक को 'ऑपरेशन टाइगर' नाम से चल रही सियासी अटकलों से जोड़कर देखा जा रहा है।\n\nनियमित बैठक या संकट की आहट?\nऊपरी तौर पर भले ही यह संगठन की एक सामान्य समीक्षा बैठक लगे, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे पार्टी के भीतर पनप रही बेचैनी और संभावित टूट से जोड़कर पढ़ा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो शिवसेना (यूबीटी) के 7 सांसदों के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में होने की खबरों ने नेतृत्व की धड़कनें बढ़ा दी हैं। यही वजह है कि उद्धव ठाकरे ने एक भी सांसद को छोड़े बिना सभी को मातोश्री बुला लिया है। जो सांसद किसी वजह से व्यक्तिगत रूप से नहीं पहुंच पाएंगे, उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक से जोड़ा जाएगा।\n\nइस घटनाक्रम की गंभीरता को 2022 की पृष्ठभूमि से समझा जा सकता है, जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना दो फाड़ हो गई थी। उस बड़े उलटफेर के बाद से उद्धव ठाकरे के सामने संगठन को एकजुट रखने की लगातार चुनौती बनी हुई है। ऐसे माहौल में अगर सांसद स्तर पर भी असंतोष या दूसरे खेमे से संपर्क की बातें सतह पर आती हैं, तो उनका सियासी मतलब और भी गहरा हो जाता है।\n\nसंजय राउत ने अटकलों को नकारा\nपार्टी नेतृत्व इन कयासों को सार्वजनिक रूप से सिरे से खारिज कर रहा है। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इसे पार्टी की रोजमर्रा की प्रक्रिया का हिस्सा बताया। उनका कहना है कि जैसे समय-समय पर विधायकों के साथ बैठकें होती रहती हैं, ठीक वैसे ही सांसदों के साथ भी संगठनात्मक मुद्दों पर बातचीत होना स्वाभाविक है। राउत ने तंज कसते हुए कहा कि पिछले दो साल से 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चा हो रही है, मगर हकीकत में ऐसा कोई अभियान आज तक जमीन पर नहीं उतरा।\n\nहालांकि इन सफाइयों के बावजूद सियासी गलियारों में यह सवाल तैर रहा है कि अगर सब कुछ सामान्य ही है, तो अचानक सभी सांसदों को एक साथ तलब करने की नौबत क्यों आ गई। राजनीतिक विश्लेषकों की राय में यह जमावड़ा महज हाजिरी दर्ज कराने का आयोजन नहीं, बल्कि सांसदों की वफादारी और संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को परखने का मौका भी साबित हो सकता है।\n\nशिंदे खेमे का रुख\nदूसरी तरफ एकनाथ शिंदे की पार्टी ने किसी भी 'ऑपरेशन' से साफ इनकार किया है, लेकिन साथ ही यह दावा भी किया है कि उद्धव गुट के कई नेता उसके संपर्क में बने हुए हैं। शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि उनकी ओर से कोई 'ऑपरेशन टाइगर' नहीं चलाया जा रहा, मगर शिवसेना (यूबीटी) के कई नेता और सांसद विकास कार्यों तथा दूसरे मसलों को लेकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं। शिरसाट ने यह भी दो टूक कहा कि आगे चलकर अगर किसी नेता या सांसद के पार्टी में शामिल होने का सवाल उठता है, तो उस पर आखिरी मुहर पार्टी प्रमुख एकनाथ शिंदे ही लगाएंगे।\n\nउद्धव के नेतृत्व की अग्निपरीक्षा\nइस पूरे घटनाक्रम पर शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने भाजपा और महायुति सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि 'ऑपरेशन टाइगर' की बातें 2024 से सुनी जा रही हैं और सवाल किया कि जब सरकार के पास पूर्ण बहुमत है, तो उसे विपक्षी दलों को तोड़ने की जरूरत आखिर क्यों पड़ रही है।\n\nबीते कुछ वर्षों में महाराष्ट्र की राजनीति ने जिस तरह के उलटफेर देखे हैं, उसे देखते हुए किसी भी अटकल को हल्के में नहीं लिया जा सकता। यही कारण है कि मातोश्री की यह बैठक सिर्फ एक संगठनात्मक कार्यक्रम भर नहीं रह गई है, बल्कि उद्धव ठाकरे की नेतृत्व पर पकड़ और सांसदों की एकजुटता की परीक्षा के तौर पर देखी जा रही है। आने वाले दिनों में ही साफ होगा कि 'ऑपरेशन टाइगर' महज एक सियासी अफवाह है या फिर महाराष्ट्र की राजनीति में किसी नए समीकरण की भूमिका।",
  "url": "https://trendkia.com/politics/matoshri-men-jutenge-shivasena-yubiti-ke-sabhi-9-sansada-pareshana-taigara-ki-at-749",
  "category": "राजनीति",
  "publishedAt": "2026-06-14",
  "tags": [
    "शिवसेना यूबीटी",
    "उद्धव ठाकरे",
    "ऑपरेशन टाइगर",
    "एकनाथ शिंदे",
    "महाराष्ट्र की राजनीति",
    "मातोश्री बैठक",
    "संजय राउत"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}