मायावती ने फिर पलटा दांव, आकाश आनंद की जगह ईशान संभालेंगे बसपा के 15 राज्यों की कमान बसपा में मायावती के भतीजे आकाश आनंद के पास फिलहाल कोई संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं बची है, जबकि उनके छोटे भाई ईशान आनंद को पार्टी का मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाकर करीब 15 राज्यों की कमान सौंपी गई है। इस बदलाव के बाद पार्टी में यह चर्चा तेज है कि क्या मायावती अब उत्तराधिकार को लेकर नया रुख अपना रही हैं। बहुजन समाज पार्टी में एक बार फिर पारिवारिक जिम्मेदारियों की अदला-बदली सुर्खियों में है। मायावती के भतीजे आकाश आनंद, जिन्हें कभी पार्टी का राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाया गया था, फिलहाल उनके पास संगठन का कोई कामकाज नहीं बचा है। वहीं उनके छोटे भाई ईशान आनंद को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है, उन्हें बसपा में मुख्य सेक्टर प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है, जिसके तहत वे देश के करीब 15 राज्यों में पार्टी इकाइयों के कामकाज पर नजर रखेंगे और उसकी समीक्षा करेंगे। ईशान आनंद को मिली बड़ी जिम्मेदारी इस भूमिका में ईशान आनंद को राज्य इकाइयों से रिपोर्ट लेने और संगठन के कामकाज को परखने का जिम्मा मिला है। जिन राज्यों की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है, वहां के पदाधिकारियों से सीधे तालमेल बिठाना उनकी भूमिका का अहम हिस्सा होगा। सक्रिय राजनीति में चर्चा में आने के बाद यह उनकी अब तक की सबसे बड़ी जिम्मेदारी मानी जा रही है। आकाश आनंद का सियासी सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा बसपा में आकाश आनंद की स्थिति पिछले कुछ बरसों में कई बार बदली है। मायावती का उत्तराधिकारी बनाए जाने के बाद उनकी जिम्मेदारियां एक से ज्यादा बार सीमित की गईं, और खबरों के मुताबिक मार्च 2025 में उन्हें दूसरी बार पद से हटाया गया था। साल 2025 से लेकर सितंबर 2026 तक आई खबरों में बार-बार यही बात सामने आई है कि मायावती हर बार जिम्मेदारी सौंपने के बाद आकाश आनंद पर उतना भरोसा बनाए नहीं रख पातीं, और उनका पद लगभग हर बार छिन जाता है। परिवार में एक और उठापटक यह ताजा बदलाव फरवरी 2025 की उस घटना के बाद आया है, जब मायावती ने अपने एक और भतीजे अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से ही बाहर कर दिया था। उस वक्त इसे भी पारिवारिक अंतर्कलह से जोड़कर देखा गया था। क्या 2027 चुनाव से पहले तैयार हो रहा नया चेहरा? इस पूरे घटनाक्रम ने बसपा में एक पुराना सवाल फिर खड़ा कर दिया है, क्या मायावती अब आकाश आनंद के विकल्प के तौर पर ईशान आनंद को आगे बढ़ा रही हैं, या यह उनकी उसी पुरानी रणनीति का हिस्सा है जिसमें किसी चेहरे को तेजी से जिम्मेदारी देकर बाद में उसकी भूमिका सीमित कर दी जाती है। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ यह साफ होना बाकी है कि पार्टी का नेतृत्व ढांचा आखिरकार किस दिशा में स्थिर होगा। इसका आप पर असर यह बदलाव सीधे तौर पर किसी की जेब या रोजमर्रा की जिंदगी को नहीं छूता, लेकिन उत्तर प्रदेश की सियासत और बहुजन राजनीति की दिशा पर इसका असर पड़ सकता है। • भारत में: बसपा जैसी राष्ट्रीय पार्टी के नेतृत्व ढांचे में बदलाव देश की विपक्षी राजनीति के समीकरण बदल सकता है। ईशान आनंद के पास अब करीब 15 राज्यों के संगठन की समीक्षा की जिम्मेदारी है, जिससे कई राज्यों में पार्टी के कामकाज और उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। • उत्तर प्रदेश में: 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह घटनाक्रम बसपा के यूपी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के लिए अहम है। नेतृत्व को लेकर अस्थिरता का सीधा असर पार्टी की चुनावी रणनीति, टिकट बंटवारे और जमीनी संगठन पर पड़ सकता है। • पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए: जिन राज्यों की समीक्षा ईशान आनंद करेंगे, वहां के बसपा पदाधिकारियों को अब नई कमान के हिसाब से रिपोर्टिंग और तालमेल बिठाना होगा। इससे संगठन के भीतर जवाबदेही की नई व्यवस्था बन सकती है। • मतदाताओं के लिए: पार्टी के भावी चेहरे को लेकर स्पष्टता न होने से आगामी चुनावों में बसपा समर्थकों के बीच नेतृत्व को लेकर असमंजस बना रह सकता है। सवाल-जवाब 1. ईशान आनंद को बसपा में क्या नई जिम्मेदारी मिली है? उन्हें पार्टी का मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाया गया है और करीब 15 राज्यों में संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। 2. आकाश आनंद के पास अभी बसपा में क्या पद है? फिलहाल उनके पास पार्टी का कोई कामकाज नहीं है, जबकि पहले उन्हें मायावती का राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाया गया था। 3. ईशान आनंद कौन हैं? ईशान आनंद मायावती के भतीजे और आकाश आनंद के छोटे भाई हैं, जिनकी सियासत में सक्रियता की चर्चा जनवरी 2025 से चल रही है। 4. क्या आकाश आनंद को पहले भी जिम्मेदारियों से हटाया गया है? हां, खबरों के मुताबिक मार्च 2025 में भी मायावती ने आकाश आनंद को जिम्मेदारियों से हटाया था, इससे पहले भी उनकी भूमिका को लेकर बदलाव होते रहे हैं। 5. क्या परिवार में और भी उठापटक हुई है? फरवरी 2025 में मायावती ने अपने भतीजे अशोक सिद्धार्थ को भी पार्टी से निकाल दिया था, जिसे पारिवारिक खींचतान से जोड़कर देखा गया। 6. क्या ईशान आनंद अब आकाश आनंद के विकल्प के तौर पर उभर रहे हैं? यही सवाल अभी बसपा की सियासत में सबसे बड़ी चर्चा का विषय है, हालांकि पार्टी की ओर से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। https://trendkia.com/politics/mayawati-ne-phira-palata-danva-akash-anand-ki-jagaha-ishaan-snbhalenge-bsp-ke-15-rajyon-ki-kamana-28970 TrendKia — Har trend, sabse pehle.