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  "title": "बांग्लादेश के साथ संबंधों पर विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान, शेख हसीना के प्रत्यर्पण और ईंधन मांग पर रखी अपनी बात",
  "summary": "भारत ने बांग्लादेश के साथ संबंधों, शेख हसीना के प्रत्यर्पण और 8000 लीटर ईंधन की मांग पर अपना स्पष्ट रुख रखा है। साथ ही पीओके के हालात और आतंकवाद के मुद्दों पर भी देश का पक्ष सामने आया है।",
  "content": "भारत सरकार ने अपने पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश के साथ कूटनीतिक रिश्तों की दिशा, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण से जुड़े मामलों और ईंधन आपूर्ति की अपीलों पर स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट कर दी है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दोनों राष्ट्रों के बीच आपसी भविष्य की रूपरेखा पर बात करते हुए कहा कि भारत हमेशा से साझा हितों और पारस्परिक सम्मान के दायरे में रहकर एक रचनात्मक और प्रगतिशील साझेदारी चाहता है। इसके साथ ही, हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और बयानों के बीच देश ने अपने पुराने रुख को भी कायम रखा है।\n\nशेख हसीना के प्रत्यर्पण और कानूनी प्रक्रिया पर स्थिति स्पष्ट\nबांग्लादेश की तरफ से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को वापस भेजने को लेकर जो बातें कही जा रही हैं और जो कानूनी कागजात भेजे गए हैं, उस पर विदेश मंत्रालय ने नपा-तुला और कानूनी दायरे में रहने वाला रुख अपनाया है। प्रवक्ता ने जानकारी दी कि पड़ोसी देश से मिलने वाले किसी भी प्रत्यर्पण संबंधी कागजात या अपील की कानूनी और प्रशासनिक पड़ताल देश के मौजूदा नियमों के मुताबिक ही की जाएगी। साथ ही यह भी साफ किया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री के बयानों और मीडिया वार्ताओं को लेकर भारत की जो नीति पहले दिन से थी, उसे बार-बार दोहराने की कोई दरकार नहीं है।\n\nआठ हजार लीटर अतिरिक्त ईंधन की मांग पर विचार\nपड़ोसी मुल्क की ओर से भारत के सामने आठ हजार लीटर अतिरिक्त पेट्रोल और डीजल भेजने की जो अपील रखी गई है, उस पर फिलहाल विचार चल रहा है। विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में बताया कि इस तरह की किसी भी मांग पर फैसला लेते वक्त देश अपनी घरेलू जरूरतों, अपनी रिफाइनरी इकाइयों की क्षमता और कुल उपलब्ध ईंधन के भंडार का पूरा आकलन करेगा। भारत अपने पड़ोसी को सहयोग देने के लिए हमेशा तैयार रहता है, लेकिन यह मदद देश के अपने संसाधनों और रणनीतिक प्राथमिकताओं को परखने के बाद ही आगे बढ़ाई जाएगी।\n\nपारस्परिकता और साझा हितों पर जोर\nढाका में मचे सियासी घटनाक्रम के बीच भारत ने यह बात मजबूती से रखी है कि वह बांग्लादेश के साथ एक मजबूत और स्थिर रिश्ता बनाए रखना चाहता है। विदेश मंत्रालय ने इस बात पर खास जोर दिया कि दोनों पड़ोसी देशों के दरमियान रिश्ते केवल तभी आगे बढ़ सकते हैं जब दोनों तरफ से आपसी हितों का सम्मान और पारस्परिकता का भाव हो। भारत चाहता है कि एक ऐसा सकारात्मक माहौल बने जिससे दोनों तरफ के नागरिकों का भला हो सके, लेकिन इसके लिए ढाका की हुकूमत से भी वैसे ही सकारात्मक रवैये की उम्मीद की जाती है।\n\nपीओके में मानवाधिकारों की स्थिति पर गंभीर चिंता\nपाक अधिकृत कश्मीर यानी पीओके के भीतर आम जनता पर पाकिस्तानी फौज और वहां के सुरक्षा तंत्र द्वारा ढाए जा रहे जुल्मों पर भारत ने गहरी फिक्र जताई है। वहां सुरक्षा बलों की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों पर हुई हिंसा की वजह से कई बेकसूर लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और बहुतेरे जख्मी भी हुए हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि इलाके में जरूरी सामानों और रोजमर्रा की चीजों की आवाजाही पर भी कड़े पहरे बिठा दिए गए हैं। विदेश मंत्रालय का कहना है कि वहां के हालात बेहद दयनीय हैं और ऐसे में वहां के आम बाशिंदे पूरी दुनिया से पूरी हमदर्दी और समर्थन पाने के हकदार हैं।\n\nआतंकवाद और सीमा पार नेटवर्क के खिलाफ कड़ा संदेश\nपाकिस्तान की तरफ से शहजाद भट्टी के आतंकी नेटवर्क से पल्ला झाड़ने और मुंबई के छब्बीस ग्यारह हमलों के मामलों में ढीला रवैया अपनाने को लेकर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि भारत आतंकवाद और सरहद पार से होने वाली घुसपैठ के नापाक मंसूबों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अडिग है। वैश्विक मंचों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद के इस नासूर की गंभीरता को अब समझ लेना चाहिए। भारत ने एक बार फिर दोहराया है कि देश की सुरक्षा और अपने नागरिकों की हिफाजत के खातिर वह आतंकवाद के इस साये को पूरी तरह मिटाने के लिए हर मुमकिन कदम उठाता रहेगा।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: सीमा सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति और पड़ोसी देशों के साथ कूटनीतिक संतुलन का असर देश की सुरक्षा और विदेश नीति पर सीधा पड़ता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. भारत और बांग्लादेश के संबंधों पर विदेश मंत्रालय का क्या रुख है?\nभारत आपसी हितों और पारस्परिकता के आधार पर बांग्लादेश के साथ सकारात्मक, रचनात्मक और दूरदर्शी संबंध बनाना चाहता है।\n\n2. शेख हसीना के प्रत्यर्पण के मामले पर भारत क्या कर रहा है?\nविदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश से मिलने वाले किसी भी प्रत्यर्पण अनुरोध की जांच स्थापित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के तहत की जाएगी।\n\n3. बांग्लादेश द्वारा कितनी अतिरिक्त ईंधन की मांग की गई है?\nबांग्लादेश की ओर से 8,000 लीटर अतिरिक्त ईंधन आपूर्ति का अनुरोध आया है जिस पर भारत अपनी घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखकर विचार कर रहा है।\n\n4. पीओके के हालात पर भारत ने क्या चिंता व्यक्त की है?\nभारत ने पीओके में स्थानीय आबादी पर पाकिस्तानी सेना की बर्बरता, हिंसा में हुई मौतों और आवश्यक वस्तुओं पर प्रतिबंधों पर गहरी चिंता व्यक्त की है।",
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  "category": "राजनीति",
  "publishedAt": "2026-08-18",
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    "शेख हसीना",
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    "द्विपक्षीय संबंध"
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