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  "title": "डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया, भारतीय चुनाव प्रणाली की विश्वसनीयता वैश्विक स्तर पर स्थापित",
  "summary": "अमेरिका में चुनावी सुधारों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय चुनाव आयोग के मॉडल की तारीफ किए जाने पर विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय चुनाव प्रणाली की मजबूती पूरी दुनिया में एक स्थापित तथ्य है।",
  "content": "अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका के चुनावी सुधारों के संदर्भ में भारत के मतदान ढांचे का उदाहरण दिए जाने के बाद विदेश मंत्रालय का आधिकारिक रुख सामने आ गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय चुनाव मशीनरी और इसकी पूरी संचालन प्रक्रिया की विश्वसनीयता तथा मजबूती पूरी दुनिया भर में एक स्थापित तथ्य है। जब पत्रकारों ने डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणी पर प्रतिक्रिया मांगी, तो प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इन बयानों पर उन्हें अलग से कोई विशेष टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की चुनाव व्यवस्था की साख वैश्विक स्तर पर स्वीकृत है।\n\nडोनाल्ड ट्रंप ने क्यों की भारतीय चुनाव प्रणाली की सराहना\nसंयुक्त राष्ट्र अमेरिका में चुनावी प्रक्रिया को अधिक कठोर और पारदर्शी स्वरूप देने के उद्देश्य से राष्ट्रपति डोनाल्ड इसी सिलसिले में अपनी बात को बल देते हुए उन्होंने भारतीय निर्वाचन मॉडल की खुलकर प्रशंसा की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अपने विचार साझा करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ हुई अपनी बातचीत का विशेष रूप से उल्लेख किया। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि इस महीने की शुरुआत में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उनके प्रशासन से एक सवाल पूछा था कि अमेरिका में बिना किसी उचित और वैध फोटो पहचान पत्र के चुनाव का संचालन कैसे संभव हो सकता है।\n\n64 करोड़ से अधिक मतदाताओं का दिया विशाल उदाहरण\nअपने संबोधन और सोशल मीडिया संदेशों में डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के विशाल लोकतंत्र और इसकी जटिल चुनाव प्रक्रिया का हवाला दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत के पिछले आम चुनाव में 64.6 करोड़ से अधिक नागरिकों ने मताधिकार का प्रयोग किया था। इतनी विशाल आबादी के मतदान में भाग लेने के बावजूद एक प्रतिशत से भी कम लोगों ने डाक के माध्यम से अपना वोट डाला था और सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि प्रत्येक मतदाता के पास अपनी एक वैध फोटो पहचान पत्र अनिवार्य रूप से मौजूद था। इसी अचूक व्यवस्था की मिसाल पेश करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सांसदों से पुरजोर अपील की है कि अमेरिका में भी बिना किसी देरी के सेव अमेरिका एक्ट को तुरंत पारित किया जाना चाहिए।\n\nभारतीय राजनीति में स्मार्ट चुनाव प्रणाली पर उठते रहे हैं सवाल\nएक तरफ जहां वैश्विक मंचों पर भारतीय चुनावी मॉडल की प्रशंसा हो रही है, वहीं दूसरी तरफ देश के भीतर भारतीय विपक्ष इसी स्मार्ट चुनाव प्रणाली को लेकर कई तरह के सवाल खड़े करता रहा है। विपक्षी दलों की आपत्तियों के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं।\n\n• इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन बनाम बैलेट पेपर: भारतीय विपक्ष जिसमें कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे दल प्रमुख हैं, मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की कार्यप्रणाली, उसके भीतर इस्तेमाल होने वाली चिप और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल की शत प्रतिशत पर्चियों की गिनती की मांग को लेकर लगातार सवाल खड़े करता रहा है।\n• मतदाता सूची सुधार पर आपत्तियां: भारतीय विपक्ष लगातार इस बात पर भी निशाना साधता रहा है कि चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची में सुधार के लिए जो कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, उनमें खामियां हैं। विपक्षी पार्टियों का ऐसा मानना है कि जानबूझकर उन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं जिनकी राजनीतिक विचारधारा सरकार की विचारधारा के साथ मेल नहीं खाती है।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: यह बयान भारत की प्रशासनिक और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की वैश्विक मजबूती को रेखांकित करता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की साख मजबूत होती है।\n\nअमेरिका में: इस चर्चा से अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में चुनावी पहचान पत्र और कड़े सुधार कानूनों पर बहस तेज हो सकती है, जिसका असर भविष्य की मतदान प्रक्रियाओं पर पड़ सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. डोनाल्ड ट्रंप ने किस भारतीय अधिकारी के साथ बातचीत का हवाला दिया?\nडोनाल्ड ट्रंप ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ हुई बातचीत का हवाला दिया है।\n\n2. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भारतीय चुनाव प्रणाली के बारे में क्या कहा?\nविदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारतीय चुनाव प्रणाली की विश्वसनीयता और मजबूती पूरी दुनिया में एक स्थापित तथ्य है।\n\n3. डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका में कौन सा कानून पास कराना चाहते हैं?\nडोनाल्ड ट्रंप अमेरिका में चुनावी प्रक्रिया को सख्त बनाने के लिए सेव अमेरिका एक्ट पास कराने की मांग कर रहे हैं।\n\n4. भारत के पिछले आम चुनाव में कितने मतदाताओं ने मतदान किया था?\nभारत के पिछले आम चुनाव में 64.6 करोड़ से अधिक लोगों ने मतदान किया था।\n\n5. भारतीय विपक्ष स्मार्ट चुनाव प्रणाली को लेकर किन मुद्दों पर सवाल उठाता है?\nभारतीय विपक्ष मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की कार्यप्रणाली, चिप, वीवीपैट पर्चियों की गिनती और मतदाता सूची सुधार कार्यक्रमों पर सवाल उठाता है।",
  "url": "https://trendkia.com/politics/mea-reacts-to-donald-trump-praising-indian-election-system-as-global-benchmark-18137",
  "category": "राजनीति",
  "publishedAt": "2026-08-18",
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