एमएलसी चुनाव के नतीजों के बाद अमित शाह का कांग्रेस पर तंज, बोले- बैलट बॉक्स इस्तीफा दो हालिया विधान परिषद चुनावों में कांग्रेस पार्टी को मिली करारी हार पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया के जरिए कड़ा तंज कसा है। विधान परिषद के हालिया चुनावी परिणामों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा सियासी हमला बोला है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से कांग्रेस पार्टी पर जमकर चुटकी ली है। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि 28 सीटों में से कितनी सीटें जीतीं और उसके आगे शून्य का जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने तंज कसते हुए यह भी लिखा कि बैलट बॉक्स इस्तीफा दो। अमित शाह ने जिन 28 विधान परिषद सीटों पर चुनाव हुए थे और उनमें कांग्रेस का जो निराशाजनक प्रदर्शन रहा, उसे लेकर यह बयान दिया है। इन सभी सीटों के लिए हुए मतदान में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक जैसे प्रमुख राज्य शामिल थे। खास बात यह है कि इन सभी क्षेत्रों में हुए चुनावों के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बजाय बैलट पेपर का इस्तेमाल किया गया था, जिसकी मांग अक्सर विपक्षी दल करते रहे हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा था। उन्होंने भी सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में संपन्न हुई इन 28 सीटों की चुनावी प्रक्रिया का हवाला दिया था। प्रधानमंत्री ने जनता के सामने यह सवाल उठाया था कि पारंपरिक मतपत्रों के जरिए हुए इस मतदान में आखिरकार कांग्रेस पार्टी के हिस्से में कुल कितनी सीटें आईं। कर्नाटक में कांग्रेस की बड़ी विफलता इन तमाम चुनावी मुकाबलों में सबसे खास बात यह रही कि कांग्रेस पार्टी को एक भी सीट पर सफलता हासिल नहीं हुई। कर्नाटक में पार्टी चारों सीटें हार गई। राज्य की विधान परिषद की चार सीटों के लिए आए नतीजों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने सभी स्थानों पर अपना कब्जा जमा लिया। इस मुकाबले में तीन मौजूदा सदस्य अपनी किस्मत आजमा रहे थे, जिनमें भारतीय जनता पार्टी के दोनों सिटिंग विधायक अपनी सीटें बचाने में पूरी तरह कामयाब रहे। दूसरी तरफ, विधान परिषद में पार्टी के उपनेता और पांच बार के विधायक रहे पुट्टना की हार ने संगठन को अंदर से हिलाकर रख दिया है। इन चार राज्यों की कुल 28 विधान परिषद सीटों पर नियत कार्यक्रम के मुताबिक 23 अक्टूबर को वोट डाले गए थे। उत्तर प्रदेश के भीतर शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में मतदान संपन्न हुआ था। इसके साथ ही बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक के चुनिंदा हिस्सों में भी सदस्यों के चुनाव के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ मतदान कराया गया था। मतपत्र प्रणाली पर फिर गरमाई सियासत विपक्षी दलों और विशेषकर कांग्रेस की तरफ से लंबे समय से यह मांग उठाई जाती रही है कि देश के चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बजाय पारंपरिक मतपत्रों के माध्यम से कराए जाने चाहिए। विपक्ष का हमेशा से यह तर्क रहा है कि पर्ची प्रणाली अपनाने से पूरी चुनावी व्यवस्था पर आम जनता का भरोसा काफी हद तक मजबूत हो सकता है। अब जब इन्हीं मतपत्रों से हुए चुनावों में कांग्रेस को भारी असफलता का सामना करना पड़ा है, तो सत्ताधारी दल ने इस मुद्दे को लेकर विपक्ष को घेरना शुरू कर दिया है। इस चुनाव प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में रोचक मुकाबले देखने को मिले। गोरखपुर में कांटे की टक्कर में भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल की, हालांकि समाजवादी पार्टी ने प्रक्रिया में गड़बड़ी होने के गंभीर आरोप लगाए और यह भी कहा कि उनका उम्मीदवार बदलना भी उनके लिए मददगार साबित नहीं हुआ। इसके विपरीत, वाराणसी की दोनों स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों पर कड़े संघर्ष के बाद समाजवादी पार्टी को जीत मिली। इसका आप पर असर हालिया विधान परिषद चुनाव परिणामों का राजनीतिक परिदृश्य और दलीय रणनीतियों पर सीधा असर पड़ा है। • राष्ट्रीय स्तर पर: इस चुनावी परिणाम से विपक्ष की उस मांग को करारा झटका लगा है जिसमें वे लगातार बैलेट पेपर से चुनाव कराने की वकालत करते रहे हैं। मतपत्रों से हुए चुनाव में शून्य सीटें मिलने से कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व पर नैतिक दबाव बढ़ गया है। • कर्नाटक में: राज्य में पार्टी की सभी चार सीटों पर हार और पांच बार के विधायक पुट्टना की पराजय से स्थानीय संगठन का मनोबल कमजोर हुआ है। इससे आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में क्षेत्रीय नेतृत्व को अपनी रणनीति में बड़े बदलाव करने होंगे। ऐसा क्यों हुआ यह राजनीतिक घटनाक्रम हाल ही में संपन्न हुए विधान परिषद चुनावों के परिणामों और बैलेट पेपर के इस्तेमाल को लेकर उपजे विवाद के कारण सामने आया है। • चुनावी तरीका: इन 28 सीटों पर मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बजाय पारंपरिक बैलेट पेपर के जरिए कराया गया था, जिसकी वकालत विपक्षी दल लंबे समय से कर रहे थे। • कमजोर प्रदर्शन: चुनाव परिणामों में कांग्रेस पार्टी सभी सीटों पर पराजित हो गई, जिससे सत्ताधारी दल को विपक्षी तर्कों पर सवाल उठाने का अवसर मिल गया। • पार्टी प्रतिक्रिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह दोनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से विपक्षी दल के इस खराब प्रदर्शन पर सार्वजनिक रूप से कटाक्ष किया। सवाल-जवाब 1. हाल ही में कितने राज्यों में विधान परिषद की सीटों पर चुनाव हुए थे? उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में विधान परिषद की सीटों के लिए चुनाव हुए थे। 2. कुल कितनी MLC सीटों के लिए मतदान कराया गया था? चारों राज्यों की कुल 28 विधान परिषद सीटों के लिए मतदान संपन्न हुआ था। 3. इन चुनावों में किस माध्यम से वोट डाले गए थे? इन सभी सीटों के चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के स्थान पर बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया गया था। 4. अमित शाह ने सोशल मीडिया पर क्या कहकर तंज कसा? अमित शाह ने कांग्रेस की सीटों की संख्या शून्य बताते हुए बैलट बॉक्स से इस्तीफा देने की बात कही। 5. कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में बीजेपी और एनडीए का क्या प्रदर्शन रहा? एनडीए ने कर्नाटक की चारों विधान परिषद सीटों पर शानदार जीत दर्ज की। https://trendkia.com/politics/mlc-chunav-ke-natijon-ke-baad-amit-shah-ka-congress-par-tanj-bole-ballot-box-istifa-do-52731 TrendKia — Har trend, sabse pehle.