जेन जी के बीच नरेंद्र मोदी की ताबड़तोड़ एंट्री, विपक्ष की रणनीति हुई फेल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं और जेन जी से जुड़ने की अपनी शैली से राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। विपक्ष के दांवों को दरकिनार करते हुए उन्होंने देश के विकास और अपनी सरकार की गति को युवाओं के सामने रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीतिक शैली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जब भी उनके सामने कोई नया राजनीतिक चैलेंज आता है, तो वह तुरंत अपनी कार्यशैली और रणनीति का गियर बदल लेते हैं। आज के समय में हर तरफ जेन जी को लेकर चर्चा हो रही है। विपक्षी गठबंधन इंडी को ऐसा लग रहा था कि वे जेन जी को नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक बड़े हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे खेल को ही पलट कर रख दिया और हालात के साथ-साथ लोगों के जज्बात भी बदल डाले। जेन जी के साथ नरेंद्र मोदी जिस तरह से जुड़ रहे हैं, उसकी कल्पना विपक्षी दल कभी कर भी नहीं सकते हैं। वह सिर्फ युवाओं से संवाद ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन्हें यह भी समझा रहे हैं कि देश के पुराने दौर की सरकारों में किस तरह से कामकाज होता था और मौजूदा समय में उनकी सरकार किस तेज स्पीड और बड़े स्केल पर काम कर रही है। इस तरह से वह युवा पीढ़ी के सामने ही पिछली सरकारों के कामकाज की पोल खोल रहे हैं। यह वही युवा पीढ़ी है जिसे यह याद दिलाना भी बहुत जरूरी है कि बीते समय में देश में क्या-क्या अनियमितताएं होती थीं, सरकारें कैसे चलती थीं और कैसे योजनाओं को लटकाने, भटकाने तथा अटकाने का दौर चलता था। युवाओं को साधने के नए तौर-तरीके राहुल गांधी हों, कांग्रेस पार्टी हो या फिर अन्य विपक्षी दल, हर कोई छात्रों की गूंज और जंतर मंतर जैसे प्रोटेस्ट के सहारे जेन जी को नरेंद्र मोदी के खिलाफ भड़काने की कोशिश में लगा हुआ है। पूरे देश में ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा था कि जैसे युवा पीढ़ी को पूरी तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ खड़ा कर दिया जाएगा। लेकिन नरेंद्र मोदी ने अपनी रणनीति का ऐसा गियर बदला कि ये तमाम विपक्षी नेता बस देखते ही रह गए। चाहे इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करके युवाओं से कनेक्ट करना हो, उनकी पसंद के अंदाज में बात करनी हो, उनकी वाइब्स से मेल खाते हुए कार्यक्रमों का आयोजन करना हो, या फिर कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में जाकर सीधे संवाद करना हो, नरेंद्र मोदी ने पिछले कुछ समय में ताबड़तोड़ ऐसे कई कदम उठाए हैं जिन्हें देश का युवा देख रहा है, समझ रहा है और खुद को उनसे जुड़ा हुआ भी महसूस कर रहा है। विपक्ष की प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया का रण युवाओं के बीच नरेंद्र मोदी की बढ़ती लोकप्रियता को देखकर विपक्षी खेमे में भारी खलबली मची हुई है। इंडी गठबंधन के नेता यह समझ ही नहीं पा रहे हैं कि युवा आखिर कैसे नरेंद्र मोदी से इतनी आसानी से जुड़ सकते हैं। कांग्रेस पार्टी तो काफी समय से राहुल गांधी को ही जेन जी का सबसे कूल नेता साबित करने में जुटी हुई थी, लेकिन अब युवाओं के बीच नरेंद्र मोदी की तस्वीरें सामने आने के बाद कांग्रेस यह दावा करने लगी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दरअसल राहुल गांधी की ही नकल कर रहे हैं। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर यह बात खूब फैलाई कि नरेंद्र मोदी का युवा केंद्रित कार्यक्रम राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम की नकल है। इस पर पलटवार करते हुए नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया कि झूठ की गूंज कभी नहीं टिकेगी, बल्कि हमेशा सच की हुंकार ही चलेगी और देश का युवा पूरी तरह से सच की हुंकार के साथ खड़ा है। वडोदरा और मुंबई के दौरे पर प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से खुद मोर्चा संभाला हुआ है, उससे विपक्ष की नींद उड़ी हुई है। विपक्षी नेता चाहे कुछ भी दावे करते रहें, लेकिन देश का जेन जी यह साफ देख रहा है कि नरेंद्र मोदी ने कैसे अपनी रणनीति बदली है और वे किस गति तथा पैमाने पर काम कर रहे हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री वडोदरा में युवाओं के बीच मौजूद थे। इसके बाद वह नवसारी में भारतीय जनता पार्टी के आम कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे और शाम के समय मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में शामिल हुए। वहां उन्होंने देश की आर्थिक तरक्की और देश की अर्थव्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की। ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया के मौजूदा हालात से सभी लोग अच्छी तरह वाकिफ हैं। पूरी दुनिया इस समय अनिश्चितताओं और संघर्षों के दौर से गुजर रही है। ऊर्जा और कमोडिटी की सप्लाई चेन पर भारी दबाव बना हुआ है, व्यापार को लेकर भी तनाव की स्थिति है और ऐसे हालात पिछले कई महीनों से लगातार बने हुए हैं। इसके बावजूद, अप्रैल से जून की तिमाही सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहने के बावजूद यदि भारत 7.8 प्रतिशत की दर से विकास करता है, तो यह पूरी दुनिया को एक नया भरोसा देता है। नाराज फूफा और विकास की रफ्तार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से पूरा गेम बदला है, उसका एक बड़ा उदाहरण उनकी सोशल मीडिया की नई टीम है, जो हर मोर्चे पर विपक्ष के नैरेटिव का करारा जवाब दे रही है। प्रधानमंत्री द्वारा अक्सर उल्लेख किए जाने वाले नाराज फूफा के कॉन्सेप्ट को भारतीय जनता पार्टी की सोशल मीडिया टीम ने जोरदार तरीके से आगे बढ़ाया है। वडोदरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भी प्रधानमंत्री ने 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं की शुरुआत करते हुए एक बार फिर नाराज फूफा का जिक्र करके विपक्ष पर तीखा हमला बोला। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई और वडोदरा के बीच चलाई गई डबल स्टैक कंटेनर मालगाड़ी का विशेष रूप से उल्लेख किया। यह एक ऐसी विशेष मालगाड़ी है जिसमें एक कंटेनर के ऊपर दूसरा कंटेनर लादकर ले जाया जाता है। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस मालगाड़ी के एक ही फेरे में उतना सारा सामान ले जाया गया, जितना सामान ले जाने के लिए 250 से भी अधिक ट्रकों की आवश्यकता पड़ती। प्रधानमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि यहीं पर नाराज फूफा की एंट्री होती है, जो तुरंत यह शिकायत लेकर खड़े हो जाएंगे कि ट्रक चालकों का क्या होगा और ट्रक कहां जाएंगे। प्रधानमंत्री ने वडोदरा के मंच से यह भी बताया कि इस मालगाड़ी के चलने से एक ही बार में 250 से ज्यादा ट्रकों के बराबर का माल मुंबई से वडोदरा पहुंच गया, और अब इन बातों को लेकर जो नाराज फूफाजी हैं, वे चिल्लाएंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा, ट्रक कहां जाएंगे और जिन्होंने ट्रक खरीदे हैं उनका क्या होगा। इस तरह से फूफाजी को एक बार फिर बात करने के लिए नया मुद्दा मिल गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे लोगों को नाराज फूफा की संज्ञा दे रहे हैं जिन्हें हर बात से परेशानी होती है और जो हर काम में कमियां ढूंढने की आदत रखते हैं। ऐसे लोग जो खुद अपने जीवन में कुछ सार्थक नहीं कर पाए और जब कोई दूसरा व्यक्ति कुछ बेहतर करने की कोशिश करता है, तो उसमें बेवजह रुकावटें पैदा करने लगते हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने पिछली सरकारों के कामकाज की धीमी रफ्तार की फाइलों को भी जनता के सामने खोल कर रख दिया है। इसका आप पर असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की युवा केंद्रित रणनीतियों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का सीधा असर देश के आर्थिक विकास और राजनीतिक माहौल पर पड़ रहा है। • भारत में: देश के युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए सरकार के डिजिटल और फिनटेक पहलों से नए अवसर पैदा हो रहे हैं। • वडोदरा और गुजरात में: 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं और मालगाड़ी परियोजनाओं से क्षेत्रीय व्यापार और परिवहन लागत में सुधार होगा। • अर्थव्यवस्था के स्तर पर: चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बीच 7.8 प्रतिशत की विकास दर देश के बाजारों और निवेशकों के लिए स्थिरता का संदेश देती है। • राजनीतिक स्तर पर: राजनीतिक दलों और युवाओं के बीच संवाद के तौर-तरीकों में बदलाव आ रहा है, जिससे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ गई है। ऐसा क्यों हुआ विपक्ष द्वारा युवाओं को सरकार के खिलाफ लामबंद करने के प्रयासों के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। • राजनीतिक ध्रुवीकरण: विपक्ष द्वारा छात्रों और युवा संगठनों के जरिए सरकार के खिलाफ माहौल बनाने के प्रयासों ने नई राजनीतिक रणनीतियों की मांग की। • आर्थिक चुनौतियां: वैश्विक स्तर पर ऊर्जा और कमोडिटी सप्लाई चेन पर दबाव के बीच भारत की मजबूत 7.8 प्रतिशत विकास दर ने सरकार को अपनी उपलब्धियां पेश करने का अवसर दिया। • लॉजिस्टिक्स का आधुनिकीकरण: परिवहन लागत और समय को कम करने के लिए डबल स्टैक कंटेनर जैसी आधुनिक मालगाड़ी प्रणालियों को लागू करना आवश्यक हो गया था। • सोशल मीडिया का प्रभाव: डिजिटल मंचों पर विपक्षी नैरेटिव का मुकाबला करने के लिए पार्टी ने एक नई सोशल मीडिया टीम और आक्रामक संवाद शैली को अपनाया। सवाल-जवाब 1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जेन जी को साधने के लिए कौन सा नया तरीका अपनाया है? प्रधानमंत्री मोदी ने इंस्टाग्राम वीडियो, कॉलेज के दौरों और युवाओं की पसंद के कार्यक्रमों के जरिए सीधा संवाद स्थापित किया है। 2. अप्रैल से जून की तिमाही में भारत की विकास दर कितनी रही है? चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद इस तिमाही में भारत की विकास दर 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई है। 3. वडोदरा दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने कितनी राशि की योजनाओं की शुरुआत की? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में 35 हजार करोड़ रुपये से जुड़ी विकास योजनाओं की शुरुआत की है। 4. मुंबई और वडोदरा के बीच चलाई गई मालगाड़ी की क्या विशेषता है? यह एक डबल स्टैक कंटेनर मालगाड़ी है जिसमें एक कंटेनर के ऊपर दूसरा कंटेनर रखा जाता है और यह एक बार में 250 से अधिक ट्रकों के बराबर सामान ले जा सकती है। 5. ग्लोबल फिनटेक फेस्ट का आयोजन कहां किया गया था? ग्लोबल फिनटेक फेस्ट का आयोजन मुंबई में किया गया था जहां प्रधानमंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था पर बात की। https://trendkia.com/politics/modi-shifts-gears-to-win-over-gen-z-leaving-opposition-stunned-29647 TrendKia — Har trend, sabse pehle.