नदिया सर्किट हाउस में देर रात हाई वोल्टेज ड्रामा, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को कमरा खाली करने का आदेश मिलने पर मचा बवाल पश्चिम बंगाल के नदिया स्थित कृष्णानगर सर्किट हाउस में ठहरीं टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को देर रात कमरा खाली करने का प्रशासनिक आदेश मिला, जिसके बाद उन्होंने प्रशासन पर प्रताड़ना और भीड़ द्वारा डराने-धमकाने का आरोप लगाया। पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में उस समय सियासी हलचल तेज हो गई जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा को कृष्णानगर सर्किट हाउस का अपना कमरा देर रात खाली करने का प्रशासनिक फरमान जारी कर दिया गया। शाम को सर्किट हाउस पहुंचने और अपने नियमित कमरे में खाना खाने के बाद सांसद को अचानक परिसर छोड़ने का निर्देश दिया गया। महुआ मोइत्रा ने इस आदेश का कड़ा विरोध करते हुए स्थानीय जिला प्रशासन पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया और सर्किट हाउस के बाहर जुटी भीड़ द्वारा डराने-धमकाने की बात कही। देर रात कमरा खाली करने का आदेश और घटनाक्रम पूरा मामला उस समय शुरू हुआ जब महुआ मोइत्रा शाम करीब 6:30 बजे (वीडियो बयान के अनुसार शाम लगभग 6:15 बजे) कृष्णानगर सर्किट हाउस पहुंचीं। चेक-इन करने के बाद उन्हें वही कमरा आवंटित किया गया जिसमें वह अपने संसदीय क्षेत्र के दौरों के दौरान आमतौर पर ठहरती हैं। शाम का समय सामान्य रहा और रात 9:20 बजे सर्किट हाउस के कर्मचारियों ने उन्हें भोजन परोसा। हालांकि, रात 9:47 बजे स्थिति अचानक बदल गई जब उन्हें फोन कर तुरंत कमरा खाली करने को कहा गया। शुरुआती फोन कॉल के बाद नदिया जिला प्रशासन की तरफ से रात लगभग 10:00 बजे से उन्हें लगातार फोन और मैसेज भेजे जाने लगे, जिनमें कमरा छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा था। इस अचानक आए आदेश के सामने झुकने से इनकार करते हुए सांसद ने रात करीब 11:00 बजे एक वीडियो संदेश रिकॉर्ड कर पूरी स्थिति से पर्दा उठाया। इसके कुछ ही देर बाद प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कमरा खाली करने का औपचारिक लिखित आदेश भी उन्हें थमा दिया गया। प्रशासनिक प्रताड़ना के आरोप और बाहर नारेबाजी सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो में महुआ मोइत्रा ने सर्किट हाउस के भीतर के माहौल और बाहर बन रही तनावपूर्ण स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि कृष्णानगर सर्किट हाउस के मुख्य द्वार के बाहर भारी भीड़ एकत्र हो गई थी। यह भीड़ उन्हें डराने और मानसिक दबाव बनाने के इरादे से 'जय श्री राम' के नारे लगा रही थी। प्रशासनिक कॉल और बाहर हो रही नारेबाजी के बावजूद मोइत्रा ने अपना सामान समेटने या कमरा छोड़ने से साफ इनकार कर दिया। महुआ मोइत्रा ने इस पूरे घटनाक्रम को जिला अधिकारियों द्वारा उन्हें परेशान करने की सोची-समझी कोशिश बताया। उनका कहना था कि जब कमरा पूरी तरह तैयार हालत में सौंपा गया था और वहां खाना भी परोसा जा चुका था, तो अचानक देर रात कमरा खाली कराने का कोई औचित्य नहीं बनता। जनप्रतिनिधि के रूप में क्षेत्र में काम करने के दौरान इस तरह के रुकावटों का सामना करना प्रशासनिक विफलता को दर्शाती है। अदालती आदेशों का हवाला और सुरक्षा पर सवाल सर्किट हाउस में बने रहने के अपने फैसले का बचाव करते हुए महुआ मोइत्रा ने अपनी सुरक्षा और सार्वजनिक कर्तव्यों से जुड़ी उच्च अदालतों की टिप्पणियों का जिक्र किया। उन्होंने भारत के सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी को याद दिलाया जिसमें टीएमसी नेताओं पर होने वाले हमलों, अंडे फेंकने की घटनाओं और भीड़तंत्र का सामना एक स्वतंत्रता सेनानी की तरह जमीनी स्तर पर करने को कहा गया था। मोइत्रा ने दोहराया कि वह शीर्ष अदालत के निर्देशों का पालन कर रही हैं और किसी भी डर के कारण पीछे नहीं हटेंगी। इसके साथ ही मोइत्रा ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश का भी हवाला दिया जिसमें नदिया जिला प्रशासन को उन्हें पूर्ण सुरक्षा प्रदान करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस जिला प्रशासन को उच्च न्यायालय ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी है, वही प्रशासन उन्हें देर रात कमरा खाली करने का नोटिस भेजकर प्रताड़ित कर रहा है। नदिया प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के विवरण महुआ मोइत्रा द्वारा सार्वजनिक किया गया लिखित आदेश नदिया जिले के नेज़रात डिप्टी कलेक्टर के हस्ताक्षर से जारी किया गया था। इस सरकारी आदेश में उल्लेख किया गया था कि सालाना रखरखाव, मरम्मत और साफ-सफाई के कार्यों को सुगम बनाने के उद्देश्य से कृष्णानगर स्थित नदिया सर्किट हाउस 14 अगस्त 2026 की शाम से अगले आदेश तक आम सेवाओं के लिए बंद रहेगा। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया था कि 13 अगस्त 2026 से पहले से स्वीकृत आरक्षण ही इस बंद के दायरे से बाहर रहेंगे। मोइत्रा ने इस नियम के लागू होने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जब उनका आरक्षण पहले से स्वीकृत था और वह कमरे में ठहरी हुई थीं, तो देर रात इस तरह का आदेश लागू कर उन्हें बेदखल करने की कोशिश पूरी तरह से अनुचित है। इसका आप पर असर भारत में: सरकारी विश्राम गृहों और सर्किट हाउसों के आवंटन नियमों तथा प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर नई बहस छिड़ सकती है। पश्चिम बंगाल में: नदिया और कृष्णानगर क्षेत्र में स्थानीय प्रशासन तथा राजनीतिक प्रतिनिधियों के बीच टकराव गहरा सकता है। सवाल-जवाब 1. महुआ मोइत्रा को कृष्णानगर सर्किट हाउस खाली करने के लिए क्यों कहा गया? जिला प्रशासन ने 14 अगस्त 2026 की शाम से वार्षिक रखरखाव और सफाई कार्य के लिए सर्किट हाउस बंद रहने के आदेश का हवाला दिया। 2. महुआ मोइत्रा को कमरा खाली करने का आदेश किस समय मिला? रात 9:20 बजे भोजन के बाद उन्हें 9:47 बजे फोन आया, जिसके बाद 10 बजे से मैसेज और रात 11 बजे औपचारिक लिखित आदेश मिला। 3. सर्किट हाउस के बाहर के माहौल को लेकर महुआ मोइत्रा ने क्या आरोप लगाए? उन्होंने आरोप लगाया कि सर्किट हाउस के बाहर जुटी भीड़ उन्हें डराने और मानसिक दबाव बनाने के इरादे से 'जय श्री राम' के नारे लगा रही थी। 4. सुरक्षा को लेकर महुआ मोइत्रा ने किन अदालती फैसलों का जिक्र किया? उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की जमीनी स्तर पर डटे रहने की टिप्पणी और कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश का जिक्र किया जिसमें नदिया प्रशासन को सुरक्षा देने का निर्देश था। 5. सर्किट हाउस बंद करने के सरकारी आदेश में क्या छूट दी गई थी? आदेश में उल्लेख था कि 13 अगस्त 2026 से पहले कन्फर्म हो चुके कमरों के आरक्षण इस बंद के दायरे से बाहर रहेंगे। https://trendkia.com/politics/nadia-circuit-house-men-dera-rata-hai-volteja-drama-tmc-sansada-mahua-moitra-ko-kamara-khali-karane-ka-adesha-milane-para-macha-ba-16887 TrendKia — Har trend, sabse pehle.