# नरेंद्र मोदी का कांग्रेस पर हमला, बोले- श्रीहरिकोटा से इतनी लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...

> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अपने नेता की बार-बार विफल लॉन्चिंग के चक्कर में देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रही है।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-10-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/narendra-modi-ka-kangresa-para-hamala-bole-sriharikota-se-itani-lonchinga-nahin-hoti-jitani-50682 · **Language:** Hindi
**Tags:** नरेंद्र मोदी, कांग्रेस, श्रीहरिकोटा, राहुल गांधी, एनडीटीवी वर्ल्ड समिट, राजनीति, संसद

**नई दिल्ली:** प्रधानमंत्री नेंद्र मोदी ने एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पार्टी पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि आज जब वैश्विक स्तर पर नए समीकरण और व्यवस्थाएं बन रही हैं, तब कुछ राजनीतिक तत्व देश के भीतर अव्यवस्था और अस्थिरता देखने की इच्छा रखते हैं। एनडीटीवी वर्ल्ड समिट के मंच से बोलते हुए उन्होंने यह बात कही। प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वे लगातार अपने नेता को स्थापित करने के प्रयास में जुटे रहते हैं, जिसके कारण देश की उपलब्धियों और साख को आघात पहुंचता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र श्रीहरिकोटा से साल भर में उतने रॉकेट या उपग्रह प्रक्षेपित नहीं किए जाते, जितनी बार कांग्रेस अपने नेता को राजनीतिक मंच पर उतारने की असफल कोशिश करती है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दल विदेशों में जाकर देश की छवि धूमिल करते हैं और बाहरी ताकतों से मामलों में हस्तक्षेप करने की अपील करते हैं।

## वैश्विक स्तर पर बदलाव और देश के भीतर असंतोष

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए कहा कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया एक नए स्वरूप की ओर बढ़ रही है, लेकिन देश के भीतर कुछ लोग ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं जहां नियमों की धज्जियां उड़ें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय पटल पर आ रही उथल-पुथल के बीच एक मजबूत और स्थिर भारत का चेहरा दुनिया के सामने आना आवश्यक है, परंतु कुछ लोग इसके विपरीत देश की प्रतिष्ठा को मिट्टी में मिलाने की जिद पर अड़े हैं। प्रधानमंत्री के इस बयान को स्पष्ट तौर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की राजनीतिक यात्राओं और असफल प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने परोक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए कहा कि समझ नहीं आता कि पार्टी कब तक अपने एक ऐसे उत्पाद को बार-बार जनता के सामने लाने की जिद करती रहेगी जो अपनी उपयोगिता साबित करने में बार-बार विफल हो चुका है।

## पारिवारिक आधिपत्य और पार्टी की आंतरिक स्थिति

प्रधानमंत्री ने दल के नेतृत्व पर कड़े सवाल उठाते हुए कहा कि आज की स्थिति यह है कि एक ही परिवार पार्टी के लिए बोझ बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि संगठन से जुड़े कई अनुभवी और वरिष्ठ नेता भी इस यथार्थ को भली-भांति समझते हैं और निजी बातचीत में इस बात को स्वीकार भी करते हैं, लेकिन राजनीतिक विवशता और अपमान के भय से वे सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं बोल पाते और चुपचाप सब सहने को विवश हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि अपनी पार्टी की लगातार हो रही पराजय और दयनीय हालत के लिए वह स्वयं उत्तरदायी हैं, परंतु परिवार के राजनीतिक भविष्य को बचाने के लिए वे देश की प्रगति और हर अच्छी उपलब्धि को कटघरे में खड़ा करने से भी नहीं हिचकिचाते। उन्होंने पुराने मुहावरे का उपयोग करते हुए कहा कि जब अंगूर हाथ नहीं आते तो उन्हें खट्टा बताकर उनकी बेल को ही नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।

## संसद की कार्यवाही और युवा सांसदों की अनदेखी

प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि कांग्रेस के इस प्रकार के आचरण और निरंतर हंगामे के कारण उन लोगों की आवाज भी दब जाती है जो सरकार की निष्पक्ष और वास्तविक आलोचना करना चाहते हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रणाली के लिए एक बड़ा संकट बताया। उनके अनुसार, जो लोग तार्किक तरीके से कमियों को उजागर करना चाहते हैं, वे इस शोरगुल में पीछे छूट जाते हैं। प्रधानमंत्री का कहना था कि सदन के भीतर कई ऊर्जावान और प्रतिभावान युवा सांसद मौजूद हैं जो राष्ट्रहित के मुद्दों पर गंभीरता से अपनी बात रखना चाहते हैं, लेकिन मुख्य विपक्षी दल की रणनीति के चलते संसद को बार-बार बाधित किया जाता है ताकि किसी अन्य नेता को चमकने का अवसर न मिल सके।

## नक्सली सोच और परजीवी संस्कृति का आरोप

सरकार की आलोचना और विरोध के तौर-तरीकों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में ऐसे आंदोलनों का स्वागत है जो जनहित में कमियों को सामने लाएं, लेकिन कांग्रेस ऐसे हर रचनात्मक प्रयास को भी हानि पहुंचाती है। उन्होंने दल को एक परजीवी करार देते हुए कहा कि यह अपने सिवा किसी को पनपने नहीं देना चाहती। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि अब इस पार्टी की वैचारिक प्रक्रिया पर कुछ ऐसी ताकतों ने कब्जा कर लिया है जिन्हें उन्होंने 'दिमागी नक्सली' की संज्ञा दी। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि जो तत्व पहले जंगलों में रहकर विनाशकारी गतिविधियों को अंजाम देते थे, वे अब इस राजनीतिक दल के भीतर घुसपैठ कर चुके हैं और देश के ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं।

## इसका आप पर असर
प्रधानमंत्री के बयानों और राजनीतिक बयानों का असर देश की नीतिगत प्राथमिकताओं और संसदीय कामकाज पर पड़ सकता है।

- **भारत में:** राजनीतिक बयानबाजी तेज होने से आगामी संसद सत्रों में गतिरोध बढ़ सकता है और विधाई कार्यों में देरी हो सकती है।

- **आम जनता पर:** राजनीतिक दलों के टकराव के कारण जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर विधाई चर्चाओं का समय प्रभावित होता है।

- **युवा नेताओं पर:** संसद में हंगामे के कारण विभिन्न दलों के युवा सांसदों को अपनी बात रखने के अवसर सीमित हो जाते हैं।

- **अंतरराष्ट्रीय छवि:** नेताओं के बयानों से देश की घरेलू राजनीतिक स्थिति और वैश्विक छवि पर जनता के बीच अलग संदेश जाता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में विभिन्न राजनीतिक दल आगामी चुनावों और वैचारिक मुद्दों को लेकर आमने-सामने हैं। इस तरह की बयानबाजी के पीछे राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति काम करती है।

- **वैश्विक मंच का उपयोग:** प्रधानमंत्री ने एनडीटीवी वर्ल्ड समिट जैसे बड़े मंच का उपयोग करके विपक्षी नेतृत्व की रणनीतियों पर खुलकर सवाल उठाए।

- **नेतृत्व पर सवाल:** कांग्रेस पार्टी के भीतर आंतरिक कलह और परिवारवाद को लेकर सत्ता पक्ष अक्सर हमलावर रहता है, जिससे यह बयान जुड़ा है।

- **संसदीय व्यवधान:** संसद के सत्रों में लगातार होने वाले हंगामे और कार्यवाही के बार-बार स्थगित होने से सरकार को विपक्ष पर हमला करने का मौका मिलता है।

- **वैचारिक ध्रुवीकरण:** देश में राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक दूरियां बढ़ने के कारण इस तरह के तीखे हमले चुनावी माहौल में और तेज हो जाते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बयान कहां दिया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बयान एनडीटीवी वर्ल्ड समिट के दौरान दिया।

### 2. प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर क्या मुख्य आरोप लगाया?
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने नेता की बार-बार विफल लॉन्चिंग के चक्कर में देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रही है।

### 3. श्रीहरिकोटा का जिक्र प्रधानमंत्री ने किस संदर्भ में किया?
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि श्रीहरिकोटा से साल भर में उतनी लॉन्चिंग नहीं होती, जितनी कांग्रेस अपने नेता को लॉन्च करने की कोशिश करती है।

### 4. प्रधानमंत्री ने संसद की कार्यवाही को लेकर क्या कहा?
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी संसद नहीं चलने देती ताकि अन्य युवा सांसदों को अपनी बात रखने का मौका न मिल सके।

### 5. कांग्रेस की सोच को लेकर प्रधानमंत्री ने कौन सा नया शब्द इस्तेमाल किया?
प्रधानमंत्री ने कहा कि 'दिमागी नक्सलियों' ने कांग्रेस की सोच पर कब्जा कर लिया है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._