नसीरुद्दीन शाह के बयान पर सियासी संग्राम, बीजेपी नेताओं ने साधा निशाना और उठाए गंभीर सवाल नसीरुद्दीन शाह द्वारा सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों के समर्थन में वीडियो जारी करने के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने उन पर तीखा हमला बोला है। बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह एक बार फिर अपने बयानों के चलते राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ चुके हैं। कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों के समर्थन में सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने उन पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी की तरफ से आरोप लगाया गया है कि अभिनेता के इस तरह के बयान देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को कमजोर करने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हैं। यह सारा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब संस्थान के छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और अभिनेता ने लोगों से उनके पक्ष में आगे आने की अपील की थी। सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों का मामला सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के परिसरों में कुछ समय पहले छात्रों और एक संगठन से जुड़े लोगों के बीच उपजे विवाद के बाद तनाव का माहौल बन गया था। छात्र लगातार संस्थान के प्रशासन के रवैये और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे थे। इस स्थिति के बीच नसीरुद्दीन शाह ने एक वीडियो संदेश जारी कर जागरूक नागरिकों से अपील की थी कि वे छात्रों की मांगों का समर्थन करें। उनके इस रुख के सामने आते ही मामला फौरन एक बड़ी राजनीतिक बहस में तब्दील हो गया और सत्ताधारी दल के नेताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। राहुल सिन्हा और रितेश तिवारी की तीखी प्रतिक्रियाएं बीजेपी के राज्यसभा सांसद राहुल सिन्हा ने नसीरुद्दीन शाह के बयान पर पलटवार करते हुए तीखा सवाल उठाया कि अभिनेता इतने लंबे समय तक खामोश क्यों बैठे थे और अचानक उनकी नींद कैसे खुली। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान विदेश से मिलने वाले इशारों और फंडिंग के आधार पर दिए जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ बीजेपी विधायक रितेश तिवारी ने भी अभिनेता पर निशाना साधते हुए कहा कि नसीरुद्दीन शाह की वैचारिक सोच हमेशा से ही पार्टी और संघ के विरोध में रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस तरह के लोग विदेशी पैसों के प्रभाव में आकर इस प्रकार की हरकतें करते हैं और देश की जनता सब कुछ बहुत गौर से देख रही है। नसीरुद्दीन शाह का वीडियो संदेश अपने वीडियो संदेश में नसीरुद्दीन शाह ने अपनी बात रखते हुए कहा कि बंगाल में धोखे से दर्ज की गई जीत के बाद से सत्तारूढ़ दल उन सभी लोगों से बदला लेने पर उतारू है जो उनकी मानसिकता पर विश्वास नहीं करते हैं। उन्होंने Instagram पर अपनी बात रखते हुए कहा कि इस रवैये के हालिया शिकार सत्यजीत रे इंस्टीट्यूट में पढ़ाई कर रहे उभरते हुए फिल्म निर्माता बन रहे हैं, जिन्हें अकाउंटेबिलिटी की मांग करने पर शो कॉज नोटिस थमाए गए हैं, सर्विलांस पर रखा गया है, धमकियां दी जा रही हैं और हॉस्टल खाली करने के लिए कहा जा रहा है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संस्थागत विवाद कोलकाता स्थित यह संस्थान देश के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म और टेलीविजन प्रशिक्षण केंद्रों में शुमार किया जाता है। हालिया विवाद तब और गहरा गया जब छात्रों की सहमति के बिना परिसर में एक कार्यक्रम आयोजित किए जाने का मामला सामने आया। विरोध प्रदर्शन के दौरान हालात काफी तनावपूर्ण हो गए थे और छात्रों ने प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। नसीरुद्दीन शाह के इस पूरे मामले में कूदने से एक बार फिर से यह बहस छिड़ गई है कि कलाकारों की सार्वजनिक मंचों पर क्या भूमिका होनी चाहिए और राजनीतिक आलोचना की सीमाएं कहां तक तय होती हैं। इसका आप पर असर इस राजनीतिक विवाद का असर आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर सीधा नहीं पड़ता है, लेकिन यह सांस्कृतिक संस्थानों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर चल रही बहसों को जरूर प्रभावित करता है। • देशभर में: यह घटना देश भर में कलाकारों की राजनीतिक टिप्पणियों और छात्र आंदोलनों के दायरे को लेकर तीखी बहसों को बढ़ावा देती है। इससे परिसरों में होने वाले विरोध प्रदर्शनों पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं तेज हो जाती हैं। • कोलकाता में: कोलकाता स्थित संस्थान के छात्रों और स्थानीय प्रशासन के बीच तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है, जिसका असर वहां के शैक्षणिक और प्रशासनिक माहौल पर पड़ रहा है। इससे छात्रों की दिनचर्या और संस्था की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। ऐसा क्यों हुआ यह पूरा विवाद सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के परिसर में छात्रों और एक संगठन से जुड़े लोगों के बीच हुए टकराव के बाद उपजे तनाव से शुरू हुआ। छात्रों द्वारा प्रशासन के रवैये और सुरक्षा पर सवाल उठाने के बाद अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के समर्थन ने इस मामले को राजनीतिक रंग दे दिया। • संस्थान का विवाद: परिसर में बिना सहमति के कार्यक्रम आयोजित किए जाने और उसके विरोध के दौरान बिगड़े हालातों ने छात्रों और प्रशासन के बीच तनाव को जन्म दिया। • राजनीतिक प्रतिक्रिया: अभिनेता द्वारा सत्ताधारी दल पर तीखा हमला बोलने के बाद बीजेपी नेताओं ने इसे देश के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने की कोशिश करार दिया। • वैचारिक मतभेद: सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने अभिनेता के बयानों को उनकी पुरानी वैचारिक विपक्षी सोच और कथित बाहरी फंडिंग से जोड़ते हुए इसकी तीखी आलोचना की। सवाल-जवाब 1. नसीरुद्दीन शाह ने किस संस्थान के छात्रों का समर्थन किया था? नसीरुद्दीन शाह ने कोलकाता स्थित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों का समर्थन किया था। 2. बीजेपी नेताओं ने नसीरुद्दीन शाह के बयान पर क्या आरोप लगाया? बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि उनके बयान देश के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने की कोशिश का हिस्सा हैं। 3. राहुल सिन्हा ने नसीरुद्दीन शाह के बारे में क्या कहा? राहुल सिन्हा ने सवाल उठाया कि अभिनेता इतने लंबे समय तक सोए हुए थे और उन्होंने आरोप लगाया कि यह बयान विदेश से मिले इशारों पर दिया गया है। 4. रितेश तिवारी ने नसीरुद्दीन शाह को लेकर क्या दावा किया? रितेश तिवारी ने दावा किया कि अभिनेता की विचारधारा हमेशा से पार्टी और संघ के विरोध में रही है और वे विदेशी पैसों के इशारे पर काम कर रहे हैं। 5. नसीरुद्दीन शाह ने अपने वीडियो में किन बातों का जिक्र किया था? उन्होंने जिक्र किया कि संस्थान के उभरते फिल्म निर्माताओं को शो कॉज नोटिस दिए जा रहे हैं, सर्विलांस पर रखा जा रहा है और हॉस्टल खाली करने के लिए कहा जा रहा है। https://trendkia.com/politics/nasiruddina-shaha-ke-bayana-para-siyasi-sngrama-bjp-netaon-ne-sadha-nishana-aura-uthae-gnbhira-savala-53009 TrendKia — Har trend, sabse pehle.