नीतीश कुमार और दुलारचंद यादव की वायरल तस्वीर का सच: लालू यादव के साथ क्या है कनेक्शन? सोशल मीडिया पर बिहार की राजनीति की एक पुरानी तस्वीर चर्चा में है, जिसमें नीतीश कुमार और दुलारचंद यादव दिखाई दे रहे हैं। जानिए इस तस्वीर से जुड़ी पूरी कहानी और लालू प्रसाद यादव की भूमिका। बिहार की सियासी गलियारों की एक पुरानी तस्वीर इस समय सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा की जा रही है, जो लोगों के बीच काफी उत्सुकता पैदा कर रही है। इस तस्वीर में एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव बैठे हुए हैं, जबकि उनके सामने हाथ जोड़े नीतीश कुमार नजर आते हैं। तस्वीर का तीसरा अहम किरदार दुलारचंद यादव है, जो उस समय नीतीश कुमार को पगड़ी पहनाते हुए दिख रहे हैं। इंटरनेट पर यह दावा किया जा रहा है कि यह दृश्य उस दौरान का है जब नीतीश कुमार बाढ़ लोकसभा सीट से अपनी किस्मत आजमा रहे थे, और लालू प्रसाद यादव ने इन दोनों नेताओं के बीच उपजे कड़वे मतभेदों को सुलझाने का काम किया था। चुनाव प्रचार और सियासी विवाद की कहानी इस तस्वीर के पीछे का किस्सा काफी दिलचस्प बताया जाता है। माना जाता है कि यह वाकया एक चुनावी सभा के दौरान का है, जब मोकामा और उसके आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह से बदले हुए थे। खबरों के अनुसार, चुनाव प्रचार की गहमागहमी के बीच स्थानीय वर्चस्व को लेकर नीतीश कुमार और दुलारचंद यादव के बीच विवाद गहरा गया था। सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों की मानें तो मतदान से करीब एक सप्ताह पहले दुलारचंद यादव ने गुस्से में आकर नीतीश कुमार को थप्पड़ मार दिया था, जिसके बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी। लालू यादव की मध्यस्थता का प्रभाव विवाद के तूल पकड़ने पर उस समय के मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप किया। बताया जाता है कि उन्होंने दोनों नेताओं को साथ बैठाकर बातचीत की पहल की। सुलह का नतीजा यह निकला कि एक चुनावी मंच पर नीतीश कुमार ने सबके सामने दुलारचंद यादव से माफी मांग ली। इसके बदले में दुलारचंद यादव ने उन्हें पगड़ी पहनाकर सार्वजनिक रूप से अपना समर्थन घोषित किया। कहा जाता है कि इस कदम से दोनों के बीच पुरानी रंजिश खत्म हुई और चुनावी मैदान में नीतीश कुमार को इसका सीधा लाभ मिला। हालांकि, इस कहानी को लेकर अलग-अलग राजनीतिक मत प्रचलित हैं। हालांकि सार्वजनिक रिकॉर्ड में इस घटनाक्रम की पूरी तरह से पुष्टि नहीं मिलती, फिर भी यह तस्वीर बिहार के राजनीतिक इतिहास के पन्नों में एक चर्चित संदर्भ बनी हुई है। कौन थे दुलारचंद यादव? दुलारचंद यादव मोकामा क्षेत्र के एक कद्दावर और प्रभावशाली नेता माने जाते थे। लालू प्रसाद यादव के बेहद करीबी रहने वाले दुलारचंद पहले राष्ट्रीय जनता दल यानी RJD का हिस्सा थे। उनके जीवन का अंत काफी दुखद रहा। साल 2025 में जब वह प्रशांत किशोर के जन सुराज दल के लिए प्रचार कर रहे थे, उसी दौरान चुनावी रंजिश में 30 अक्टूबर 2025 को उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मोकामा के विधायक अनंत सिंह पर हत्या का मुख्य आरोपी होने का आरोप लगा था। सवाल-जवाब 1. यह तस्वीर किस समय की बताई जा रही है? दावा है कि यह तस्वीर उस दौर की है जब नीतीश कुमार बाढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे थे। 2. नीतीश कुमार और दुलारचंद यादव के बीच विवाद क्यों हुआ था? विवाद मोकामा और आसपास के इलाकों में स्थानीय राजनीतिक समीकरणों और वर्चस्व को लेकर हुआ था। 3. दुलारचंद यादव ने नीतीश कुमार को पगड़ी क्यों पहनाई थी? लालू प्रसाद यादव द्वारा सुलह कराने के बाद, नीतीश कुमार द्वारा माफी मांगने पर दुलारचंद यादव ने उन्हें पगड़ी पहनाकर समर्थन दिया था। 4. दुलारचंद यादव की हत्या कब हुई थी? दुलारचंद यादव की हत्या 30 अक्टूबर 2025 को हुई थी। https://trendkia.com/politics/nitisha-kumara-aura-dularchand-yadav-ki-vayarala-tasvira-ka-sacha-lalu-prasad-yadav-ke-satha-kya-hai-kanekshana-6774 TrendKia — Har trend, sabse pehle.