पीएम नरेंद्र मोदी के कड़े रुख से विपक्ष असहज, वाराणसी और भुवनेश्वर में विकास कार्यों का शंखनाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ साजिशों के बीच वाराणसी और भुवनेश्वर में बड़े विकास कार्यों का उद्घाटन किया गया। वहीं पटना में विपक्षी बयानों और राजनीतिक बयानबाजी पर तीखा सियासी संग्राम छिड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ राजनीतिक सत्ता परिवर्तन की साजिश रचने वाले तत्व अब बैकफुट पर आ गए हैं, हालांकि इस तरह के एजेंडे और उसकी सुगबुगाहट के सबूत लगातार सामने आ रहे हैं। राजनीतिक गलियारों से लेकर विरोध प्रदर्शनों तक में जिस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल हो रहा है, उसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चुनाव आयोग के बहाने निशाना साधने और पड़ोसी देशों के घटनाक्रमों के उदाहरण देने की बातें भी खुलेआम की जा रही हैं। इस पूरे परिदृश्य को लेकर हाल ही में कई बड़े खुलासे सामने आए हैं, जिनसे यह समझने में मदद मिलती है कि इस प्रकार के माहौल को तैयार करने के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं और उनका नेटवर्क कितना फैला हुआ है। नरेंद्र मोदी द्वारा इन तमाम रणनीतियों और विरोध के तौर-तरीकों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किए जाने के बाद से विरोधियों के सुर और तेवर दोनों बदल चुके हैं। राजनीतिक विरोध के नाम पर जिस तरह की अमर्यादित भाषा का सहारा लिया जा रहा है, उसने देश के सियासी तापमान को काफी बढ़ा दिया है। एक तरफ जहां सरकार देश को आर्थिक और ढांचागत रूप से मजबूत करने में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ सियासी मैदान में तीखी बयानबाजी का दौर जारी है। इसी सिलसिले में उत्तर प्रदेश के वाराणसी से लेकर ओडिशा के भुवनेश्वर तक हाल ही में कई बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिन्होंने देश के विकास एजेंडे को एक नई दिशा देने का काम किया है। वाराणसी में वायुसेना का एयर शो और औद्योगिक इकाइयों का उद्घाटन वाराणसी के नमो घाट पर आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ कार्यक्रम के दौरान भारतीय वायुसेना के 100 विमानों ने आसमान में अपना पराक्रम दिखाया। इस भव्य एयर शो में राफेल और सुखोई जैसे 52 उन्नत लड़ाकू विमानों ने भी हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ इस एयर शो का लुत्फ उठाया। आसमान में भारतीय वायुसेना की ताकत प्रदर्शित होने से ठीक पहले, प्रधानमंत्री ने काशी में रोजगार और औद्योगिक विकास से जुड़ी एक नई पहल का श्रीगणेश किया। वाराणसी के मिर्जामुराद इलाके के खोचवां में अरविंद लिमिटेड की नई गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की शुरुआत की गई। इस उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। फैक्ट्री के निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री ने वहां कार्यरत महिला कर्मचारियों से सीधे संवाद किया और कामकाज की प्रक्रिया को समझा। इस नई यूनिट में अत्याधुनिक तकनीक के जरिए कपड़ों का निर्माण किया जाएगा, जिसमें महिलाओं के रोजगार को विशेष प्राथमिकता दी गई है। चूंकि इस कंपनी के वैश्विक स्तर पर ग्राहक मौजूद हैं, इसलिए यहां बनने वाले वस्त्रों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की पुख्ता योजना है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने काशी की सड़कों पर फूलों से सजी गाड़ी में रोड शो भी किया, जहां उन्होंने सनरूफ से हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन स्वीकार किया और इस दौरान हर-हर महादेव के गूंजते नारे सुनाई दिए। काशी के इन कार्यक्रमों ने एक साथ तीन अलग-अलग संदेश दिए, जिसमें रोजगार सृजन, जनता के साथ सीधा जुड़ाव और वायुसेना की अदम्य क्षमता का प्रदर्शन शामिल था। भुवनेश्वर में आरबीआई के डेटा सेंटर का लोकार्पण वाराणसी में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कपड़ा फैक्ट्री यूनिट का लोकार्पण करने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भुवनेश्वर का रुख किया। वहां उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक के 169 करोड़ रुपये की लागत से बने अत्याधुनिक डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के साथ-साथ ओडिशा के राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहे। करीब 19 एकड़ के विशाल भूभाग में फैले इस आरबीआई डेटा सेंटर के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता देश का सर्वांगीण विकास है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि विकास का वास्तविक अर्थ भारत का संतुलित विकास है, जिसके तहत गांवों और छोटे शहरों दोनों को समान रूप से आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। उनका मुख्य लक्ष्य देश के सबसे दूरदराज के क्षेत्रों तक भी बेहतर कनेक्टिविटी और संसाधन पहुंचाना है। एक तरफ जहां सरकार देश के वित्तीय बुनियादी ढांचे को तकनीक और सुरक्षा के लिहाज से सुदृढ़ कर रही थी, वहीं दूसरी तरफ देश के दूसरे हिस्से में राजनीतिक मंचों से भाषा की गरिमा तार-तार की जा रही थी। विकास और आर्थिक मोर्चे पर मजबूत नींव रखे जाने के समानांतर चल रही सियासी बयानबाजी ने देश की राजनीति में एक बार फिर उबाल ला दिया है। पटना में राजनीतिक सभा के दौरान तीखा विवाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और तकनीकी प्रगति की आधारशिला रख रहे थे, ठीक उसी समय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पटना में आयोजित एक सभा को संबोधित कर रहे थे। इस सभा के दौरान उन्होंने मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए अपनी राजनीतिक बयानबाजी की सीमा लांघ दी। सभा में जब खरगे सरकार के खिलाफ माहौल तैयार कर रहे थे, तभी वहां मौजूद भीड़ में से एक व्यक्ति ने खड़े होकर विरोध जताया और कहा कि मोदी सरकार इतनी आसानी से जाने वाली नहीं है और जब तक देश में बड़ा विद्रोह नहीं होगा, तब तक सरकार नहीं हटेगी। उस व्यक्ति की इस दो टूक टिप्पणी से कांग्रेस अध्यक्ष अपना आपा खो बैठे और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता तक के लिए बेहद अमर्यादित और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग कर डाला। मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किए जाने के बाद सभा स्थल पर भारी हंगामा मच गया। वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उस व्यक्ति की पिटाई कर दी, जिसने सरकार के खिलाफ आसानी से हार ना मानने की बात कही थी। इस घटना के तूल पकड़ते ही भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह आक्रामक हो गई और उसने सोशल मीडिया के माध्यम से कांग्रेस पार्टी पर तीखे हमले किए। पार्टी की ओर से जारी बयानों में कहा गया कि जिस भाषा का प्रयोग कभी असामाजिक तत्वों द्वारा किया जाता था, आज देश की सबसे पुरानी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उसी स्तर पर उतर आए हैं। बीजेपी ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी अब एक राजनीतिक दल की तरह नहीं बल्कि किसी माफिया गिरोह की तरह कार्य कर रही है, जिसके नेता आए दिन अमर्यादित आचरण का प्रदर्शन करते हैं। बीजेपी का पलटवार और सियासी बयानबाजी कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए बीजेपी ने अपने आधिकारिक बयानों में पुरानी घटनाओं का भी जिक्र किया। पार्टी ने कहा कि खरगे के बयानों में झलकने वाले राजनीतिक सपनों को पूरा करने के लिए अतीत में हरसंभव पैंतरे अपनाए गए थे, लेकिन जनता ने उन्हें सिरे से खारिज कर दिया। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पटना में कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा देश के प्रधानमंत्री के प्रति जिस प्रकार की असंसदीय और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया गया है, वह उस पार्टी के वैचारिक दिवालियापन को साफ तौर पर उजागर करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीतिक असहमति और विरोध की भी एक तय मर्यादा होती है, जिसे सार्वजनिक मंच से तार-तार किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इसका आप पर असर इस राजनीतिक घटनाक्रम और विकास परियोजनाओं का देश के आम नागरिकों और प्रशासनिक व्यवस्था पर सीधा प्रभाव पड़ता है। • देशभर में: बुनियादी ढांचे और तकनीकी डेटा केंद्रों के विस्तार से वित्तीय सेवाओं और डिजिटल सुरक्षा को मजबूती मिलती है। इससे आम नागरिकों को अधिक सुरक्षित बैंकिंग और डिजिटल सेवाएं मिलने की उम्मीद बढ़ती है। • वाराणसी में: नई गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। विशेष रूप से महिलाओं के लिए रोजगार के द्वार खुलने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। • भुवनेश्वर में: आरबीआई के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान से पूर्वी भारत में तकनीकी और वित्तीय प्रशिक्षण का दायरा बढ़ेगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए साइबर सुरक्षा और डेटा प्रबंधन के क्षेत्र में करियर के नए विकल्प तैयार होंगे। • राजनीतिक स्तर पर: बढ़ते सियासी टकराव और तीखी बयानबाजी के कारण नीतिगत बहसों का स्तर प्रभावित होता है। इससे आम जनता से जुड़े असली मुद्दों पर से ध्यान भटकने की संभावना बनी रहती है। ऐसा क्यों हुआ वाराणसी और भुवनेश्वर में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन देश के आर्थिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के दीर्घकालिक एजेंडे का हिस्सा है। दूसरी ओर, राजनीतिक मंचों पर बढ़ती बयानबाजी और विरोध के तरीके राजनीतिक ध्रुवीकरण और आगामी चुनावी रणनीतियों से प्रेरित हैं। • औद्योगिक विस्तार: सरकार द्वारा टियर-2 और टियर-3 शहरों में मैन्युफैक्चरिंग और वित्तीय इकाइयों को बढ़ावा देने से क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने में मदद मिलती है। • सुरक्षा और डिजिटलीकरण: वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर खतरों से निपटने के लिए आरबीआई जैसी संस्थाओं द्वारा आधुनिक डेटा केंद्रों की स्थापना अनिवार्य हो गई है। • राजनीतिक बयानबाजी: चुनावी माहौल और वैचारिक मतभेदों के चलते राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी और व्यक्तिगत टिप्पणियों का दौर तेज हो जाता है। सवाल-जवाब 1. वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किस एयर शो का अवलोकन किया? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के नमो घाट पर 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो का अवलोकन किया। 2. वाराणसी में उद्घाटन की गई गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट किस कंपनी की है? यह नई गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट अरविंद लिमिटेड की है, जो वाराणसी के मिर्जामुराद क्षेत्र के खोचवां में शुरू की गई है। 3. भुवनेश्वर में आरबीआई के किस संस्थान का उद्घाटन किया गया? भुवनेश्वर में 169 करोड़ रुपये की लागत से बने आरबीआई के डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया गया। 4. आरबीआई का यह नया डेटा सेंटर कितने क्षेत्र में फैला है? आरबीआई का यह डेटा सेंटर करीब 19 एकड़ के भूभाग में बना है। 5. पटना में आयोजित सभा के दौरान किस कांग्रेस नेता ने बयान दिया? पटना में आयोजित सभा के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संबोधन दिया था। 6. वाराणसी के एयर शो में भारतीय वायुसेना के कितने विमानों ने हिस्सा लिया? वाराणसी के एयर शो में भारतीय वायुसेना के 100 विमानों ने हिस्सा लिया, जिसमें 52 लड़ाकू विमान शामिल थे। https://trendkia.com/politics/opposition-cornered-over-pm-modi-stance-as-development-projects-unveiled-in-varanasi-and-bhubaneswar-51639 TrendKia — Har trend, sabse pehle.