पाली और बीकानेर निकाय चुनाव का नया शेड्यूल जारी, त्योहारों और मेलों के चलते बदला वोटिंग का दिन राजस्थान के पाली और बीकानेर जिलों में नगरीय निकाय चुनावों की मतदान तारीखों में प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। स्थानीय धार्मिक पर्वों और मेलों को ध्यान में रखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने नया संशोधित चुनावी शेड्यूल जारी कर दिया है। राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के दो प्रमुख जिलों, पाली और बीकानेर में आयोजित होने जा रहे नगरीय निकाय चुनावों की मतदान तारीखों में महत्वपूर्ण बदलाव करने की घोषणा की है। स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाले पारंपरिक धार्मिक पर्वों, मेलों, तीज-त्योहारों और धार्मिक यात्राओं के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने तथा आम जनता को सहूलियत प्रदान करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। नए चुनावी कार्यक्रम के अनुसार, पाली नगर निगम क्षेत्र के अलावा बीकानेर नगर निगम तथा वहां की छह विभिन्न नगर पालिकाओं के मतदान की तिथियों में संशोधन किया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा स्थानीय परिस्थितियों का गहन आंकलन करने के पश्चात भेजी गई सिफारिशों के आधार पर राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संशोधित चुनावी समय-सारणी पर अपनी आधिकारिक मुहर लगा दी है। पाली नगर निगम में प्रयुषण पर्व के कारण दो दिन बाद डाले जाएंगे वोट पाली जिले में चुनावी कार्यक्रम में किया गया यह संशोधन मुख्य रूप से स्थानीय जैन समाज की मांग और उनकी धार्मिक मान्यताओं के सम्मान में लिया गया है। पाली नगर निगम क्षेत्र में पूर्व में निर्धारित कार्यक्रम के तहत आगामी 9 सितंबर को मतदान कराया जाना प्रस्तावित था। हालांकि, इस तय तारीख के दौरान ही जैन समुदाय का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण प्रयुषण पर्व मनाया जा रहा है। प्रयुषण पर्व के दौरान जैन समाज के लोग विशेष पूजा-अर्चना, उपवास, जप और धार्मिक आयोजनों में लीन रहते हैं। ऐसे पावन समय में चुनाव संपन्न कराने से श्रद्धालुओं की धार्मिक दिनचर्या में व्यवधान पड़ने तथा मतदान प्रतिशत पर प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना जताई जा रही थी। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए जैन समाज के प्रबुद्ध जनों और विभिन्न संगठनों की ओर से पाली में मतदान की तारीख को आगे बढ़ाने की पुरजोर मांग की गई थी। समाज की इस वाजिब मांग को गंभीरता से लेते हुए पाली के जिला निर्वाचन अधिकारी रविंद्र गोस्वामी ने पूरे मामले की प्रशासनिक समीक्षा की। समीक्षा के उपरांत जिला निर्वाचन अधिकारी रविंद्र गोस्वामी ने राज्य निर्वाचन आयोग को एक पत्र प्रेषित कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपी और वोटिंग की तारीख में फेरबदल करने की स्पष्ट सिफारिश की। राज्य निर्वाचन आयोग ने जनभावनाओं और जिला प्रशासन की रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए पाली नगर निगम में मतदान की तारीख 9 सितंबर के स्थान पर 11 सितंबर तय कर दी है। इसके परिणामस्वरूप पाली के मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए पूर्व निर्धारित तिथि से दो दिन का अतिरिक्त समय मिलेगा। बीकानेर नगर निगम और छह नगर पालिकाओं की तारीखों में परस्पर अदला-बदली दूसरी तरफ, बीकानेर जिले में चुनावी कार्यक्रम में किया गया फेरबदल पाली की तुलना में थोड़ा अलग और परस्पर अदला-बदली वाला है। बीकानेर नगर निगम क्षेत्र में पहले 11 सितंबर को मतदान होना प्रस्तावित था, परंतु नई अधिसूचना के अनुसार अब वहां दो दिन पहले यानी 9 सितंबर को ही वोट डाले जाएंगे। नगर निगम क्षेत्र की मतदान तिथि को दो दिन पूर्व स्थानांतरित करने के साथ ही, बीकानेर जिले के अंतर्गत आने वाली छह प्रमुख नगर पालिकाओं के वोटिंग शेड्यूल को आगे बढ़ा दिया गया है। बीकानेर जिले की जिन छह नगर पालिकाओं की मतदान तिथियों में बदलाव किया गया है, उनमें नोखा, श्रीडूंगरगढ़, देशनोक, खाजूवाला, लूणकरणसर और नापासर शामिल हैं। प्रशासनिक योजना के अनुसार इन सभी छह नगर पालिकाओं में पूर्व में 9 सितंबर को ही मतदान कराया जाना तय किया गया था। हालांकि, राज्य निर्वाचन आयोग के संशोधित आदेश के लागू होने के बाद अब नोखा, श्रीडूंगरगढ़, देशनोक, खाजूवाला, लूणकरणसर और नापासर के मतदाता 11 सितंबर को अपने-अपने मतदान केंद्र पहुंचकर अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे। इस तरह बीकानेर नगर निगम और जिले की इन छह नगर पालिकाओं की वोटिंग तारीखों को आपस में बदल दिया गया है ताकि संपूर्ण जिले में निर्वाचन प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके। धार्मिक मेलों और सांस्कृतिक आयोजनों को देखते हुए प्रशासनिक कदम राज्य निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पाली और बीकानेर दोनों जिलों में मतदान तिथियों को संशोधित करने के पीछे मुख्य उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, धार्मिक आस्थाओं और कानून-व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। बीकानेर जिले में इस समयावधि के दौरान कई बड़े पारंपरिक मेले, तीज-त्योहार और विशाल धार्मिक यात्राएं आयोजित होती हैं। इन आयोजनों के कारण जिले में श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की भारी आवाजाही रहती है, जिससे स्थानीय सड़कों पर यातायात का दबाव अत्यधिक बढ़ जाता है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना था कि यदि मेलों और धार्मिक यात्राओं के दौरान ही मतदान कराया जाता तो पुलिस बल की तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था और मतदान केंद्रों तक पोलिंग पार्टियों व मतदाताओं की पहुंच में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता था। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता तथा शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन अधिकारी की सिफारिश पर आयोग ने तारीखों में फेरबदल किया। इसी तरह पाली में भी प्रयुषण पर्व के चलते जैन समाज की धार्मिक भावनाओं को प्राथमिकता देते हुए 9 सितंबर की जगह 11 सितंबर की नई तारीख मुकर्रर की गई है। उम्मीदवारों की चुनावी रणनीति और मतदाताओं की तैयारियों पर असर चुनाव की तारीखों में अचानक हुए इस बदलाव के कारण अब पाली और बीकानेर दोनों जिलों में चुनावी माहौल में नया मोड़ आ गया है। इस फैसले का सीधा प्रभाव चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे राजनीतिक प्रत्याशियों और वोट देने वाले आम नागरिकों दोनों पर पड़ेगा। पाली नगर निगम और बीकानेर की छह नगर पालिकाओं में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को अब अपने चुनाव प्रचार, जनसंपर्क अभियानों और बैठकों के लिए दो दिन का अतिरिक्त समय मिल गया है, जिसका उपयोग वे अपनी रणनीति को मजबूत करने में करेंगे। इसके विपरीत, बीकानेर नगर निगम के प्रत्याशियों को अपनी प्रचार गतिविधियों को दो दिन पहले ही समेटना होगा और तेजी से डोर-टू-डोर कैंपेन पूरा करना होगा। जिला निर्वाचन अधिकारियों ने आम जनता और मतदाताओं से अपील की है कि वे अपनी-अपनी नगर पालिका और नगर निगम की संशोधित मतदान तिथियों को ध्यानपूर्वक नोट कर लें ताकि मतदान वाले दिन किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बने। संक्षेप में, पाली नगर निगम में अब 11 सितंबर को मतदान होगा, बीकानेर नगर निगम में वोटिंग 9 सितंबर को होगी, जबकि नोखा, श्रीडूंगरगढ़, देशनोक, खाजूवाला, लूणकरणसर और नापासर नगर पालिकाओं में 11 सितंबर को वोट डाले जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग तथा संबंधित जिला प्रशासन ने अब इसी नए और संशोधित कार्यक्रम के अनुरूप निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसका आप पर असर भारत में: स्थानीय त्योहारों और सांस्कृतिक आयोजनों के समय मतदान की तारीखें बदलना लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने का उदाहरण प्रस्तुत करता है। राजस्थान में (पाली और बीकानेर): पाली और बीकानेर के मतदाताओं को अपने निकाय क्षेत्र की नई मतदान तिथियों को ध्यान में रखना होगा; पाली निगम व बीकानेर की छह पालिकाओं में 11 सितंबर तथा बीकानेर निगम में 9 सितंबर को वोट पड़ेंगे। सवाल-जवाब 1. पाली नगर निगम के लिए मतदान अब किस तारीख को होगा? पाली नगर निगम में मतदान 9 सितंबर के स्थान पर अब 11 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। 2. बीकानेर नगर निगम में वोटिंग किस दिन कराई जाएगी? बीकानेर नगर निगम में मतदान की तारीख बदलकर 9 सितंबर कर दी गई है, जो पहले 11 सितंबर को प्रस्तावित थी। 3. बीकानेर जिले की किन छह नगर पालिकाओं की तारीख बदली गई है? बीकानेर जिले की नोखा, श्रीडूंगरगढ़, देशनोक, खाजूवाला, लूणकरणसर और नापासर नगर पालिकाओं में अब 11 सितंबर को मतदान कराया जाएगा। 4. पाली में निकाय चुनाव की तारीख क्यों बढ़ाई गई? पाली में जैन समाज के पवित्र प्रयुषण पर्व को ध्यान में रखते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी रविंद्र गोस्वामी की सिफारिश पर राज्य निर्वाचन आयोग ने तारीख दो दिन आगे बढ़ा दी। 5. बीकानेर में चुनाव कार्यक्रम में फेरबदल का क्या कारण है? बीकानेर में स्थानीय धार्मिक मेलों, तीज-त्योहारों और यात्राओं के कारण भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए मतदान तिथियों की परस्पर अदला-बदली की गई। https://trendkia.com/politics/pali-aura-bikaner-nikaya-chunava-ka-naya-shedyula-jari-tyoharon-aura-melon-ke-chalate-badala-votinga-ka-dina-22614 TrendKia — Har trend, sabse pehle.