पांच राज्यों में चुनाव की सुगबुगाहट तेज, मणिपुर में तैयारियों का जायजा लेने पहुंची चुनाव आयोग की टीम मणिपुर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव संभावित हैं। निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारी जमीनी तैयारियों का जायजा लेने के लिए लगातार चुनावी राज्यों का दौरा कर रहे हैं। देश के पांच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट अब तेज हो गई है। निर्वाचन आयोग की एक वरिष्ठ टीम इन दिनों मणिपुर पहुंची हुई है, जहां वह चुनाव तैयारियों का बारीकी से जायजा ले रही है। आयोग की योजना अगले साल की शुरुआत में मणिपुर के साथ-साथ पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गोवा में चुनाव संपन्न कराने की है। वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्तों के नेतृत्व में यह उच्चस्तरीय टीम लगातार चुनावी राज्यों का दौरा कर जमीनी हालात की समीक्षा कर रही है। इन राज्यों में भी होंगे चुनावी दौरे मणिपुर के अलावा चुनाव आयोग की पूरी टीम चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा से पहले इन सभी राज्यों का व्यक्तिगत रूप से दौरा करेगी। उत्तराखंड में अधिकारियों का दौरा पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि पंजाब में चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए 28 अक्टूबर की तारीख तय की गई है। इसके अलावा, गोवा का दौरा भी प्रस्तावित था, लेकिन अब इसकी तारीखों में बदलाव किया जा रहा है। हालांकि, उत्तर प्रदेश के दौरे को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 22 मई को पूरा होने जा रहा है, जहां कुल 403 विधानसभा सीटों के लिए नए प्रतिनिधियों का चुनाव होना है। छह महीने पहले चुनाव कराने का प्रावधान इन राज्यों में विधानसभा सीटों की बात करें तो मणिपुर में 60, गोवा में 40, पंजाब में 117 और उत्तराखंड में 70 विधानसभा सीटें हैं। इन सभी राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च 2027 में अलग-अलग तिथियों पर समाप्त हो रहा है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के नियमों के अनुसार, चुनाव आयोग के पास यह कानूनी अधिकार है कि वह विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से छह महीने पहले भी नए चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम जारी हाल ही में चुनाव आयोग ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए वार्षिक विशेष सारांश पुनरीक्षण यानी SSR की घोषणा की थी। इस दौरान आयोग ने संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया था कि इन पांचों राज्यों में विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में ही कराए जाने हैं। वर्तमान में इन चुनावी राज्यों में मतदाता सूची का स्पेशल समरी रिव्यू तेजी से चल रहा है। इन 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संशोधित अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी को प्रकाशित की जाएगी। चुनाव आयोग पहले ही SSR 2027 का विस्तृत शेड्यूल जारी कर चुका है, जिसके तहत ड्राफ्ट सूची 12 नवंबर को जारी की जाएगी और अंतिम सूची 4 जनवरी 2027 को सार्वजनिक होगी। इसका आप पर असर विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तेज होने से चुनावी राज्यों के नागरिकों और प्रशासनिक तंत्र पर सीधा असर पड़ेगा। • भारत में: आगामी चुनावों के मद्देनजर पांच राज्यों में प्रशासनिक फेरबदल और राजनीतिक गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी। इससे पूरे देश में चुनावी माहौल और सियासी सरगर्मी का असर दिखना शुरू हो जाएगा। • मणिपुर में: निर्वाचन आयोग की टीम के दौरे के बाद राज्य में सुरक्षा और चुनावी प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया गया है। स्थानीय नागरिकों और प्रशासनिक तंत्र को जल्द ही मतदान से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। • उत्तर प्रदेश में: विधानसभा का कार्यकाल 22 मई को समाप्त होने से पहले 403 सीटों के लिए चुनाव संपन्न कराए जाने हैं। राजनीतिक दलों और मतदाताओं को अपनी तैयारी तेज करनी होगी क्योंकि आचार संहिता किसी भी वक्त लागू हो सकती है। • पंजाब और उत्तराखंड में: पंजाब में 28 अक्टूबर को समीक्षा बैठक तय है जबकि उत्तराखंड में अधिकारियों का दौरा पूरा हो चुका है। इन राज्यों के मतदाताओं को आगामी राजनीतिक रैलियों और चुनावी प्रक्रियाओं के लिए तैयार रहना होगा। • गोवा में: गोवा में भी 40 विधानसभा सीटों के लिए चुनावी तिथियों में बदलाव के बीच प्रशासनिक तैयारियां चल रही हैं। स्थानीय मतदाताओं को संशोधित वोटर लिस्ट और आगामी मतदान तिथियों पर नजर रखनी होगी। ऐसा क्यों हुआ चुनाव आयोग की इन शुरुआती तैयारियों के पीछे संवैधानिक और प्रशासनिक अनिवार्यताएं जुड़ी हुई हैं। • कार्यकाल की समाप्ति: मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गोवा की विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च 2027 से मई 2027 के बीच अलग-अलग तारीखों पर समाप्त हो रहा है। नियमानुसार समय पर चुनाव कराना संवैधानिक बाध्यता है। • कानूनी प्रावधान: जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के नियमों के तहत चुनाव आयोग को यह शक्ति प्राप्त है कि वह विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से छह महीने पहले भी चुनाव आयोजित कर सकता है। • मतदाता सूची का पुनरीक्षण: चुनाव आयोग द्वारा 17 राज्यों में स्पेशल समरी रिव्यू चलाया जा रहा है जिसके तहत फाइनल वोटर लिस्ट 4 जनवरी को प्रकाशित की जाएगी। इसके तुरंत बाद चुनाव कार्यक्रम की घोषणा का मार्ग प्रशस्त होगा। • प्रशासनिक समीक्षा: निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए आयोग के वरिष्ठ अधिकारी लगातार जमीनी हालात का जायजा ले रहे हैं ताकि समय रहते सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स की कमियों को दूर किया जा सके। सवाल-जवाब 1. चुनाव आयोग की टीम इन दिनों किस राज्य के दौरे पर है? चुनाव आयोग की एक वरिष्ठ टीम आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए इस समय मणिपुर पहुंची हुई है। 2. किन पांच राज्यों में अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं? मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गोवा में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव कराने की योजना है। 3. उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल कब समाप्त हो रहा है? उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 22 मई को समाप्त होगा। 4. उत्तर प्रदेश में कुल कितने विधानसभा सदस्यों के लिए चुनाव होना है? उत्तर प्रदेश में कुल 403 विधानसभा सदस्यों के लिए चुनाव होना है। 5. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत चुनाव आयोग के पास क्या अधिकार है? जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के प्रावधानों के अनुसार आयोग के पास विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने से छह महीने पहले भी चुनाव कराने की अनुमति है। 6. मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SSR 2027) की अंतिम सूची कब प्रकाशित होगी? संशोधित अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित की जाएगी। 7. पंजाब में चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए दौरा कब निर्धारित है? पंजाब में चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए 28 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की गई है। 8. इन चुनावी राज्यों में विधानसभा सीटों की कुल संख्या कितनी है? मणिपुर में 60, गोवा में 40, पंजाब में 117 और उत्तराखंड में 70 विधानसभा सीटें हैं। https://trendkia.com/politics/pancha-rajyon-men-chunava-ki-sugabugahata-teja-manipur-men-taiyariyon-ka-jayaja-lene-pahunchi-election-commission-ki-tima-50219 TrendKia — Har trend, sabse pehle.