{
  "type": "article",
  "title": "पानी और सीवरेज से त्रस्त पाली को महिला महापौर से बड़ी उम्मीदें, जनता बोली अब बदलनी चाहिए तस्वीर",
  "summary": "नगर निगम चुनाव से पहले पाली के अलग-अलग वार्डों में सीवरेज ओवरफ्लो, टूटी सड़कों और पेयजल संकट से जूझ रही जनता को इस बार महिला महापौर से उम्मीद है कि शहर की तस्वीर बदलेगी.",
  "content": "राजस्थान के पाली शहर में नगर निगम चुनाव से पहले लोगों के बीच एक ही सवाल गूंज रहा है, क्या इस बार सच में उनकी बरसों पुरानी समस्याएं खत्म होंगी. पीने के पानी की किल्लत और सीवरेज की गंदगी से जूझ रहे शहरवासियों को इस बार एक अलग वजह से उम्मीद बंधी है, पाली की कमान पहली बार किसी महिला महापौर के हाथ में जाने वाली है.\n\nपाली नगर निगम में कुल 65 वार्ड हैं और इन पर भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस के अलावा कई निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में हैं. लेकिन इस चुनाव की सबसे खास बात यह है कि महापौर की कुर्सी इस बार महिला उम्मीदवार के लिए आरक्षित है, यानी पाली की अगली पहली नागरिक कोई महिला ही होगी. अलग-अलग वार्डों में रहने वाले लोगों से बात करने पर एक बात साफ निकलकर आई, बीते पांच सालों के कामकाज से लोग पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं और सीवरेज व पेयजल जैसी बुनियादी समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं. फिर भी शहरवासियों के मन में यह उम्मीद जिंदा है कि जब कमान महिला महापौर के हाथ में आएगी तो शायद अगले पांच सालों में पाली की सूरत बदल जाए.\n\nवार्ड 63, सीवरेज ओवरफ्लो से परेशान लोग\nवार्ड 63 के लोगों का कहना है कि सीवरेज की समस्या ने उनका जीना मुश्किल कर रखा है. नालियां अक्सर ओवरफ्लो होती हैं और समय पर उनकी सफाई नहीं होती. सड़कें इस कदर टूटी हुई हैं कि आए दिन हादसे होते रहते हैं. इलाके के लोगों का कहना है कि जिस दिन ये बुनियादी काम समय पर होने लगेंगे, उसी दिन लगेगा कि उनका चुना हुआ प्रत्याशी वाकई उनके लिए काम कर रहा है.\n\nजनता चाहती है पढ़ी-लिखी और ईमानदार महापौर\nमहापौर की सीट महिला के लिए आरक्षित होने पर वार्ड 63 के निवासी हरीश ने कहा कि महापौर ऐसी होनी चाहिए जो जनता के बीच रहकर उनकी बात सुने. उनके मुताबिक अगर महापौर शिक्षित और युवा हो तो वह जनता के बीच रहकर बेहतर तरीके से काम कर पाएगी. हरीश ने साफ कहा, \"सबसे बड़ी बात ईमानदार महिला महापौर होनी चाहिए जिसको हम प्राथमिकता देंगे.\" यानी शिक्षा और युवा उम्र से भी ज्यादा जनता के लिए ईमानदारी की कसौटी अहम है.\n\nवार्ड 62 की शिकायत, सीवरेज के साथ बिजली भी परेशानी\nवार्ड 62 के लोगों ने बताया कि यहां नालियां हमेशा भरी रहती हैं, सीवरेज की समस्या पुरानी है और साथ ही बिजली भी अक्सर गुल हो जाती है. लोगों का कहना है कि पिछले पांच सालों में भारतीय जनता पार्टी के जो पार्षद रहे, उन्होंने जनता की इन समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकाला, जिससे लोग परेशान हो चुके हैं. अब वार्ड में कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में हैं और लोगों को उम्मीद है कि वह उनका काम करेंगे. निवासियों के मुताबिक पाली की सबसे बड़ी दिक्कत सीवरेज ही है, इसी वजह से सड़कें टूटती हैं और इलाकों में गंदगी फैली रहती है.\n\nबारिश में डूब जाती हैं सड़कें, महिलाओं का दर्द\nवार्ड की महिलाओं ने कहा कि अगर गंदगी और सीवरेज की समस्या का समाधान हो जाए तो यह उनके लिए सबसे बड़ी राहत होगी. महिलाओं के मुताबिक बारिश के मौसम में मोहल्लों के अंदर ड्रेनेज सिस्टम इतना खराब हो जाता है कि सड़कों से लेकर घरों तक पानी भर जाता है और बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है. महिलाओं को उम्मीद है कि इस बार महिला महापौर बनेगी तो वह पाली की इस सबसे बड़ी समस्या को जड़ से खत्म करेगी, ताकि लोग बारिश आने की दुआ करें, न कि यह चाहें कि बारिश ही न हो. उनके शब्दों में बारिश के दिनों में पाली किसी नर्क से कम नजर नहीं आता.\n\nपीने के पानी के लिए आज भी ट्रेन के भरोसे पाली\nपाली की एक और बड़ी समस्या पानी की सप्लाई से जुड़ी है. जब अच्छी बारिश नहीं होती तो जवाई बांध नहीं भर पाता, ऐसे हालात में जोधपुर से ट्रेन के जरिए पाली तक पानी मंगवाना पड़ता है. जबकि एक दौर ऐसा भी था जब पाली ही जोधपुर की प्यास बुझाया करता था. क्षेत्रवासियों का सवाल है कि जब रोहट तक पानी की पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है तो उसे पाली तक क्यों नहीं बढ़ाया जा रहा. उनका कहना है कि अगर यह पाइपलाइन पाली तक पहुंच जाए तो पानी की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो सकती है और जनता को पीने के पानी के लिए तरसना नहीं पड़ेगा.\n\nइन तमाम वार्डों की शिकायतों से एक बात एकदम साफ है, समस्या हर जगह लगभग एक जैसी है, सीवरेज, ड्रेनेज और पेयजल. अब देखना यह होगा कि पाली की पहली महिला महापौर इन बरसों पुरानी मांगों पर कितना खरा उतरती हैं, इसी पर आने वाले पांच सालों तक जनता की नजर रहेगी.\n\nइसका आप पर असर\nअगर पाली में सीवरेज और पेयजल संकट के समाधान की उम्मीद सच होती है तो इसका असर सीधे रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा.\n\n• भारत में: देशभर के कई शहरों में नगर निगम चुनाव जनता की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी उम्मीदों पर टिके होते हैं. पाली जैसा ग्राउंड रिपोर्ट यह दिखाता है कि सड़क, सीवरेज और पानी जैसे मुद्दे आज भी वोट डालते वक्त सबसे अहम कसौटी बने रहते हैं.\n• पाली में: अगर नई महिला महापौर सीवरेज सिस्टम को दुरुस्त कर पाती हैं तो वार्ड 62 और 63 जैसे इलाकों में बार-बार होने वाले सड़क हादसों और जलभराव से राहत मिल सकती है. बारिश के मौसम में घरों में पानी भरने की समस्या से जूझ रहे परिवारों को सीधा फायदा होगा.\n• पेयजल आपूर्ति: अगर रोहट तक बिछी पाइपलाइन को पाली तक बढ़ा दिया जाता है तो जोधपुर से ट्रेन के जरिए पानी मंगाने की सालाना जरूरत कम या खत्म हो सकती है, जिससे प्रशासन का खर्च और जनता की परेशानी दोनों घट सकती है.\n• मतदाताओं के लिए: जनता अब उम्मीदवार चुनते समय ईमानदारी और उपलब्धता को प्राथमिकता दे रही है, ऐसे में वोट डालते समय प्रत्याशी के पिछले कामकाज का रिकॉर्ड जरूर देखें.\n\nऐसा क्यों हुआ\nपाली में पानी और सीवरेज का संकट किसी एक दिन में पैदा नहीं हुआ, बल्कि यह लंबे समय से चली आ रही खामियों का नतीजा है.\n\n• रखरखाव में कमी: वार्ड 62 के निवासियों के मुताबिक पिछले पांच सालों में भारतीय जनता पार्टी के पार्षद इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाल पाए, जिससे नालियां और सीवरेज लाइनें बदहाल होती चली गईं.\n• ड्रेनेज सिस्टम की कमजोर बनावट: मोहल्लों के अंदर बारिश के पानी की निकासी का सिस्टम पर्याप्त नहीं है, इसी वजह से बारिश में भी सड़कों और घरों में पानी भर जाता है.\n• बारिश पर निर्भर जवाई बांध: पाली की पेयजल आपूर्ति काफी हद तक जवाई बांध पर टिकी है. जब बांध अच्छी बारिश के अभाव में नहीं भरता तो जोधपुर से ट्रेन के जरिए पानी मंगवाना पड़ता है.\n• अधूरा पाइपलाइन नेटवर्क: पानी की पाइपलाइन रोहट तक तो बिछा दी गई है लेकिन उसे पाली तक नहीं बढ़ाया गया, जिससे स्थायी समाधान अटका हुआ है.\n\nसवाल-जवाब\n\n1. पाली नगर निगम में कुल कितने वार्ड हैं?\nपाली नगर निगम में कुल 65 वार्ड हैं.\n\n2. इस बार पाली में महापौर की सीट किसके लिए आरक्षित है?\nइस बार महापौर की सीट महिला उम्मीदवार के लिए आरक्षित है.\n\n3. पाली में लोगों की सबसे बड़ी शिकायत क्या है?\nलोगों की सबसे बड़ी शिकायत सीवरेज ओवरफ्लो, टूटी सड़कें और पेयजल की किल्लत है.\n\n4. बारिश के मौसम में पाली के हालात कैसे हो जाते हैं?\nड्रेनेज सिस्टम खराब होने से सड़कों और घरों में इतना पानी भर जाता है कि बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है, लोग इसे नर्क जैसी स्थिति बताते हैं.\n\n5. पानी की कमी होने पर पाली को पानी कैसे मिलता है?\nजवाई बांध न भरने पर जोधपुर से ट्रेन के जरिए पाली को पानी मंगवाया जाता है.\n\n6. वार्ड 62 के लोग किस पार्टी के प्रत्याशी से उम्मीद लगाए बैठे हैं?\nवार्ड 62 के निवासियों को कांग्रेस के प्रत्याशी से उम्मीद है कि वह उनकी समस्याएं हल करेंगे.",
  "url": "https://trendkia.com/politics/pani-aura-sivareja-se-trasta-pali-ko-mahila-mahapaura-se-bari-ummiden-janata-boli-aba-badalani-chahie-tasvira-29555",
  "category": "राजनीति",
  "publishedAt": "2026-09-08",
  "tags": [
    "पाली नगर निगम चुनाव",
    "महिला महापौर",
    "सीवरेज समस्या",
    "पेयजल संकट",
    "जवाई बांध",
    "राजस्थान नगर निगम"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}