# एचडी कुमारस्वामी के सोनिया गांधी पर दिए बयान से गरमाई राजनीति, शिवानंद तिवारी ने 2018 का पुराना इतिहास किया याद

> केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी द्वारा सोनिया गांधी के विदेशी मूल पर दिए गए बयान के बाद सियासी घमासान मच गया है। राजद नेता शिवानंद तिवारी ने पलटवार करते हुए पूछा है कि जब कुमारस्वामी और उनके पिता एचडी देवेगौड़ा कांग्रेस के समर्थन से सत्ता में आए थे, तब उन्हें यह मूल क्यों नहीं याद आया था।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-08-18 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/political-storm-erupts-over-hd-kumaraswamy-remarks-on-sonia-gandhi-as-shivanand-tiwari-recalls-2018-history-18117 · **Language:** Hindi
**Tags:** एचडी कुमारस्वामी, सोनिया गांधी, शिवानंद तिवारी, वंदे मातरम, राजनीतिक विवाद, कांग्रेस, बिहार राजनीति

केंद्रीय इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी की तरफ से कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को लेकर दिए गए एक विवादित बयान पर देश का सियासी पारा चढ़ गया है। इस तीखे बयानबाजी के दौर में बिहार के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने मैदान में उतरते हुए तीखा पलटवार किया है और एक बड़ा सवाल उठाया है कि क्या केंद्र सरकार की सत्ता इस समय संकट में घिरी हुई है?

## फेसबुक पोस्ट के जरिए साधा निशाना
शिवानंद तिवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक लंबी पोस्ट लिखकर एचडी कुमारस्वामी के उस बयान की कड़ी आलोचना की है जिसमें उन्होंने सोनिया गांधी के इटली मूल का जिक्र किया था। तिवारी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए याद दिलाया कि साल 2018 में जब कर्नाटक में सियासी समीकरण बने थे, तब यही कुमारस्वामी कांग्रेस पार्टी के समर्थन के बूते ही प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे थे। ऐसे में सवाल यह उठता है कि तब उन्हें सोनिया गांधी के विदेशी मूल की बात याद क्यों नहीं आई थी और यह बात उनके मन में उस वक्त क्यों नहीं उठी थी?

## पारिवारिक राजनीतिक इतिहास की याद
अपनी बात को और मजबूती देते हुए शिवानंद तिवारी ने यह भी रेखांकित किया कि एचडी कुमारस्वामी अकेले ऐसे नेता नहीं हैं जिनका परिवार कांग्रेस के समर्थन पर टिका रहा हो। उनके अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा भी कांग्रेस पार्टी के ही समर्थन से देश के प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे थे। तिवारी का कहना है कि जब खुद के राजनीतिक फायदे की बात आती है तो समर्थन स्वीकार कर लिया जाता है और जब राजनीतिक हमले करने होते हैं तो इस तरह के बयानों का सहारा लिया जाता है।

## वंदे मातरम और राष्ट्रगान का विवाद
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब देश में राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम्’ को लेकर बहस छिड़ी हुई थी। इसी संदर्भ में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने तीखा हमला बोला और कहा कि सोनिया गांधी मूल रूप से इटली की रहने वाली हैं और इसीलिए उनकी रगों में वहीं का खून बहता है। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने यह भी जोड़ा कि कांग्रेस पार्टी को ‘वंदे मातरम’ पसंद नहीं है और नेताओं को राष्ट्रगान या राष्ट्रीय गीत से जुड़े संवेदनशील विषयों पर इस तरह की संकीर्ण मानसिकता का प्रदर्शन करने की कोई आवश्यकता नहीं है। कुमारस्वामी ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि सोनिया गांधी शादी के बाद भारत जरूर आईं, लेकिन उनके भीतर की मूल पहचान और उनकी नसों में दौड़ने वाला खून इटली का ही है।

## भारतीय संस्कृति और परंपरा पर विचार
शिवानंद तिवारी ने अपनी फेसबुक पोस्ट में भारतीय परंपरा और संस्कृति का हवाला देते हुए कुमारस्वामी के तर्कों की धज्जियां उड़ाईं। उन्होंने लिखा कि पारंपरिक भारतीय समाज में लड़की का अपना पिता का घर नहीं बल्कि उसके पति का घर ही उसका असली घर माना जाता है। विवाह के बाद न केवल घर बदलता है बल्कि महिला का गोत्र भी बदल जाता है और गृहस्थी की चाबी बहू को ही सौंपी जाती है। सोनिया गांधी का जन्म भले ही इटली में हुआ हो, लेकिन एक हिंदुस्तानी से विवाह करने के बाद वह पूरी तरह से हिंदुस्तान की बहू बन चुकी हैं।

## वर्ष 2004 का ऐतिहासिक उदाहरण
इतिहास के पन्नों को पलटते हुए तिवारी ने वर्ष 2004 के आम चुनावों का जिक्र किया जब देश की जनता ने उस समय की देश की बहू के हाथों में शासन की बागडोर सौंप दी थी। सोनिया गांधी के नेतृत्व में ही यूपीए गठबंधन को चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल हुआ था। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उस वक्त सोनिया गांधी के लिए प्रधानमंत्री बनना बेहद आसान था और उन्हें उस पद पर बैठने से कोई नहीं रोक सकता था। लेकिन उन्होंने खुद वह कुर्सी नहीं संभाली और मनमोहन सिंह को देश के सर्वोच्च कार्यकारी पद पर बैठाया। उन्होंने स्वेच्छा से उस सत्ता को त्याग दिया जिसके लिए देश की राजनीति में अक्सर तमाम तरह के संघर्ष और तमाशे देखने को मिलते हैं।

## बचकाना बयान और सत्ता पर सवाल
शिवानंद तिवारी ने एचडी कुमारस्वामी के इस बयान को पूरी तरह से बचकाना और गैर-जरूरी करार दिया है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में सवाल हमेशा सत्ता में बैठे लोगों से पूछे जाते हैं, लेकिन जब खुद सत्ता पक्ष के लोग ही प्रतिपक्ष के नेताओं से इस तरह के अजीबोगरीब सवाल पूछने लगें, तो इसका केवल एक ही अर्थ निकाला जा सकता है कि कहीं न कहीं केंद्र की सत्ता गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है और वे ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। इस ताजा राजनीतिक घमासान ने एक बार फिर से कांग्रेस और अन्य दलों के बीच वैचारिक और बयानी जंग को तेज कर दिया है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** यह राजनीतिक बयानबाजी देश में राष्ट्रीय प्रतीकों और नेताओं की पृष्ठभूमि को लेकर चल रही वैचारिक बहसों को और तेज करती है।

## सवाल-जवाब

### 1. एचडी कुमारस्वामी ने सोनिया गांधी पर क्या टिप्पणी की थी?
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सोनिया गांधी के विदेशी मूल का जिक्र करते हुए कहा था कि उनकी रगों में इटली का खून बहता है।

### 2. शिवानंद तिवारी ने कुमारस्वामी के बयान का क्या जवाब दिया?
शिवानंद तिवारी ने याद दिलाया कि 2018 में कर्नाटक में कुमारस्वामी कांग्रेस के समर्थन से ही मुख्यमंत्री बने थे।

### 3. वंदे मातरम विवाद का इस बयान से क्या संबंध है?
कुमारस्वामी ने राष्ट्रगान और वंदे मातरम को लेकर चल रहे विवाद के संदर्भ में ही सोनिया गांधी पर तीखा हमला बोला था।

### 4. शिवानंद तिवारी ने भारतीय संस्कृति के संदर्भ में क्या तर्क दिया?
उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा के अनुसार विवाह के बाद महिला का घर और गोत्र बदल जाता है, इसलिए सोनिया गांधी देश की बहू हैं।

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