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  "title": "प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बवाल, संबित पात्रा ने राहुल गांधी को घेरा",
  "summary": "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर राहुल गांधी और उनके साथी नेताओं के अचानक धरने ने सियासी हलचल मचा दी, बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने इसे कानून और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सीधा उल्लंघन बताया.",
  "content": "राहुल गांधी अपनी पार्टी के कुछ अन्य नेताओं के साथ अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के गेट के बाहर धरने पर बैठ गए, जिसके बाद दिल्ली की सियासत में हलचल मच गई. भारतीय जनता पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक मर्यादाओं और तय कानून की सीधी अनदेखी करार देते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला.\n\nसंबित पात्रा का सीधा सवाल\nबीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि प्रदर्शन करना और अपनी बात रखना लोकतंत्र में हर किसी का अधिकार है, इसमें कोई दो राय नहीं. उन्होंने कहा, \"लोकतंत्र में प्रदर्शन करना और अपनी आवाज उठाना निश्चित रूप से लोकतंत्र का गहना है.\" लेकिन पात्रा ने इसके साथ ही एक बड़ा सवाल भी खड़ा किया कि आखिर प्रदर्शन कहां और किस तरीके से किया जाना चाहिए. उनका कहना था कि देश जिन नियम-कायदों के तहत चलता है, उन्हें किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और यह बात नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को बाकी किसी से बेहतर मालूम होनी चाहिए.\n\nजंतर-मंतर छोड़कर पीएम आवास के बाहर धरना क्यों\nपात्रा ने आगे कहा कि राहुल गांधी कोई आम कार्यकर्ता नहीं बल्कि संवैधानिक पद पर बैठे नेता प्रतिपक्ष हैं, इसलिए उन्हें बखूबी पता है कि दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर जैसी जगहें पहले से ही तय की गई हैं. इसके बावजूद बिना किसी अनुमति के, तय नियमों को ताक पर रखकर सीधे प्रधानमंत्री आवास के गेट के बाहर सिट-इन धरना आयोजित करना पूरी तरह अनुचित है. पात्रा के मुताबिक लोकतंत्र में इस तरह मनमाने ढंग से काम नहीं होता, चाहे पद कितना भी बड़ा क्यों न हो, नियमों का पालन सबके लिए बराबर जरूरी है.\n\nसरकार की तरफ से बातचीत की कोशिश नाकाम\nधरना स्थल पर बढ़ते तनाव के बीच सरकार ने मामला सुलझाने की कोशिश की. केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन खुद मौके पर पहुंचे और नेताओं से बातचीत की. डॉ. जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से सीधे अनुरोध किया कि वे धरना समाप्त कर दें. सरकार की तरफ से यह तनाव कम करने की सीधी पहल थी, लेकिन बातचीत का नतीजा उम्मीद के उलट निकला और मामला और उलझ गया.\n\nजितेंद्र सिंह का एक्स पर पोस्ट, पलटने का आरोप\nमुलाकात खत्म होने के बाद डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट लिखकर राहुल गांधी के रवैये पर गहरी नाराजगी और दुख जताया. उन्होंने लिखा कि सरकार संसद में हर विषय पर खुलकर चर्चा करने के लिए तैयार थी और शुरुआत में राहुल गांधी भी इस प्रस्ताव पर सहमत नजर आए थे. लेकिन थोड़ी ही देर में वे अपनी ही कही बात से पलट गए और नई-नई शर्तें रखने लगे. डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसे नेता प्रतिपक्ष का बार-बार अपने ही रुख से मुकरने वाला रवैया बताया और साफ कहा कि इस तरह की बार-बार पलटी मारने की आदत लोकतांत्रिक मूल्यों और स्थापित परंपराओं के सीधे खिलाफ है.\n\nराहुल गांधी का पलटवार, आखिर में पुलिस की कार्रवाई\nदूसरी तरफ राहुल गांधी ने भी एक्स पर पोस्ट करके अपनी मांगें दोबारा दोहराईं और आरोप लगाया कि सरकार जवाबदेही से भाग रही है. सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर लगातार बढ़ता गया और आखिरकार मौके पर मौजूद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा. पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए धरने पर बैठे नेताओं को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद यह पूरा मामला सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक बड़े सियासी विवाद में तब्दील हो गया.\n\nसवाल-जवाब\n\n1. राहुल गांधी ने धरना कहां दिया?\nराहुल गांधी अपनी पार्टी के कुछ नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के गेट के बाहर धरने पर बैठे.\n\n2. संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाया?\nसंबित पात्रा ने कहा कि प्रदर्शन का हक है लेकिन कानून और तय नियमों से ऊपर कोई नहीं, और यह बात नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अच्छी तरह पता होनी चाहिए.\n\n3. दिल्ली में प्रदर्शन के लिए कौन सी जगह पहले से तय है?\nसंबित पात्रा के मुताबिक दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर जैसी जगहें पहले से तय हैं.\n\n4. सरकार की तरफ से कौन बातचीत करने पहुंचा?\nकेंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन नेताओं से बातचीत करने पहुंचे थे.\n\n5. जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाया?\nउन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद में चर्चा पर शुरू में सहमत होने के बाद अपनी बात से पलट गए और नई शर्तें रखने लगे.\n\n6. धरने का अंत कैसे हुआ?\nआरोप-प्रत्यारोप बढ़ने के बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए धरने पर बैठे नेताओं को हिरासत में ले लिया.",
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  "category": "राजनीति",
  "publishedAt": "2026-07-22",
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