प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, गणेश प्रतिमा भेंट कर जताया आभार राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर उन्हें भगवान गणेश की मूर्ति भेंट की। इस दौरान उन्होंने संसद में उठाए गए स्वास्थ्य और नीट से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी राय साझा की। राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक शिष्टाचार मुलाकात की और इस अवसर पर उन्हें भगवान गणेश की एक प्रतिमा भेंट की। इस बैठक के पश्चात सोशल मीडिया मंच एक्स पर तस्वीर साझा करते हुए उन्होंने इस संवाद को अत्यंत समृद्ध और यादगार बताया। राघव चड्ढा ने लिखा कि प्रधानमंत्री के साथ बिताई गई यह सुबह उनके लिए अविस्मरणीय रहेगी और उनके मार्गदर्शन तथा बहुमूल्य समय से बहुत कुछ सीखने का अवसर प्राप्त हुआ। स्वास्थ्य सेवाओं में कट मनी और कमीशनखोरी पर जताई चिंता इस मुलाकात से पहले संसद सत्र के दौरान 6 अगस्त को राघव चड्ढा ने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े एक गंभीर मुद्दे को राज्यसभा में रेखांकित किया था। शून्यकाल के दौरान बोलते हुए उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में डॉक्टरों और जांच केंद्रों के बीच चल रहे कट मनी और रेफरल कमीशन के खेल पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अनैतिक और अवैध व्यवस्था की अंतिम आर्थिक मार बेबस मरीजों को ही झेलनी पड़ती है। संसद में अपनी बात रखते हुए उन्होंने खुलासा किया कि यह एक ऐसा अघोषित तंत्र बन चुका है जहां किसी मरीज का इलाज करने के बजाय उसे विशेष जांच केंद्र में भेजने के लिए डॉक्टर को 3,000 रुपये तक का कमीशन दिया जाता है। इस पूरे नेटवर्क को चलाने के लिए बाकायदा एजेंट काम कर रहे हैं। डायग्नोस्टिक सेंटर इन भुगतानों को अपने बही-खातों में विपणन खर्च के रूप में दिखाते हैं, जबकि डॉक्टर इसे रेफरल कमीशन दर्ज करते हैं। हकीकत में यह सारा पैसा मरीज के इलाज के बिल में चुपचाप जोड़ दिया जाता है। नीट विवाद और बदली हुई संसदीय भूमिका पर दिया स्पष्टीकरण इसके अतिरिक्त, राघव चड्ढा ने नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले पर अपनी प्रारंभिक चुप्पी को लेकर उठ रहे सवालों का भी जवाब दिया। विपक्ष से सत्ता पक्ष के रुख में आए बदलाव के संदर्भ में बोलते हुए उन्होंने अपनी बदली हुई प्राथमिकताओं का ब्योरा दिया। उन्होंने कहा कि जब वे विपक्ष में बैठते थे, तब सरकार से तीखे सवाल पूछना और खामियों को उजागर करना उनका मुख्य दायित्व था। उन्होंने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष का हिस्सा बनने के बाद अब समस्याओं का ठोस समाधान ढूंढना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। रोज कैमरों के सामने आकर बयान देने और मीडिया की सुर्खियां बटोरने के स्थान पर वे पर्दे के पीछे रहकर किसी परिणाम तक पहुंचने और नीतिगत सुधार लाने की दिशा में काम करने को प्राथमिकता देते हैं। इसका आप पर असर • देशभर में: डॉक्टरों और जांच केंद्रों के बीच कट मनी प्रथा पर लगाम लगाने की पहल से आम जनता के इलाज और पैथोलॉजी जांच का खर्च कम हो सकता है। • छात्रों और मरीजों के लिए: चिकित्सा परीक्षाओं में जवाबदेही और स्वास्थ्य बिलों में पारदर्शिता आने से मरीजों पर अनैतिक वित्तीय बोझ घटेगा। सवाल-जवाब 1. राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्या उपहार भेंट किया? राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान उन्हें भगवान गणेश की एक मूर्ति भेंट की। 2. राज्यसभा में राघव चड्ढा ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा क्या मुद्दा उठाया था? उन्होंने डॉक्टरों और जांच केंद्रों के बीच मरीज रेफर करने पर मिलने वाले कमीशन और कट मनी के मुद्दे को उठाया था। 3. जांच केंद्रों द्वारा दिए जाने वाले कमीशन का मरीज के बिल पर क्या असर पड़ता है? डॉक्टरों को दिए जाने वाले 3,000 रुपये तक के कमीशन को जांच केंद्र अपने मार्केटिंग खर्च में दिखाते हैं, जो अंततः मरीज के बिल में जोड़ दिया जाता है। 4. नीट परीक्षा विवाद पर राघव चड्ढा ने अपनी भूमिका को लेकर क्या स्पष्टीकरण दिया? उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहते सवाल उठाना उनका काम था, जबकि सत्ता पक्ष की भूमिका में समाधान खोजना उनकी मुख्य प्राथमिकता है। https://trendkia.com/politics/pradhanamntri-narendra-modi-se-mile-rajyasabha-sansada-raghav-chadha-ganesha-pratima-bhenta-kara-jataya-abhara-15014 TrendKia — Har trend, sabse pehle.