पंजाब चुनाव से पहले कांग्रेस में बढ़ी रार, विवादों के कारण टली राहुल गांधी की 135 किलोमीटर लंबी बस यात्रा पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आंतरिक गुटबाजी और सज्जन कुमार श्रद्धांजलि विवाद के कारण कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रस्तावित 135 किलोमीटर लंबी बस यात्रा टल गई है। पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस पार्टी को चुनाव प्रचार अभियान के औपचारिक आगाज से ठीक पहले बड़ा झटका लगा है। पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी की अगुवाई में सितंबर महीने के पहले हफ्ते से शुरू होने वाली महत्वाकांक्षी बस यात्रा को टाल दिया गया है। यह चुनावी यात्रा अमृतसर स्थित पवित्र दरबार साहिब में मत्था टेकने के बाद शुरू होने वाली थी, जिसे कांग्रेस पंजाब चुनाव अभियान के शंखनाद के तौर पर देख रही थी। हालांकि, राज्य कांग्रेस के भीतर चल रही जबरदस्त गुटबाजी और दिवंगत नेता सज्जन कुमार की मौत के बाद पैदा हुए श्रद्धांजलि विवाद की वजह से यात्रा की योजना पटरी से उतर गई है। कांग्रेस जिस बस यात्रा के जरिए अपनी ताकत और एकजुटता का प्रदर्शन करना चाहती थी, वह अब अंदरूनी कलह की भेंट चढ़ती दिख रही है। सज्जन कुमार श्रद्धांजलि विवाद से खड़ा हुआ राजनीतिक तूफान पंजाब में कांग्रेस के चुनाव अभियान में देरी के पीछे सबसे बड़ा तात्कालिक कारण सज्जन कुमार के निधन के बाद भड़का विवाद माना जा रहा है। हरियाणा कांग्रेस के नेताओं द्वारा सज्जन कुमार को दी गई श्रद्धांजलि और दीपेंद्र हुड्डा के कथित बयान ने पंजाब की राजनीति में आग में घी डालने का काम किया। दीपेंद्र हुड्डा द्वारा सज्जन कुमार को रोल मॉडल बताए जाने के बाद पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने इस पर अत्यंत तीखी और कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। चन्नी के इस पलटवार से कांग्रेस के अंदरूनी खेमे में हड़कंप मच गया। हालांकि, विवाद को बढ़ता देख और पार्टी के भीतर बढ़ते दबाव के बीच चरणजीत सिंह चन्नी को अपने दिए गए बयान पर खेद जताना पड़ा। चन्नी ने स्थिति को संभालने के लिए बार-बार अपनी सफाई भी पेश की, लेकिन इस विवाद ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पार्टी को अंदर और बाहर दोनों तरफ से बैकफुट पर ला खड़ा किया है। 135 किलोमीटर लंबे रूट और बस यात्रा की पूरी रूपरेखा राहुल गांधी के प्रस्तावित पंजाब दौरे को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बेहद विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया था। तय योजना के अनुसार, राहुल गांधी को सबसे पहले अमृतसर के दरबार साहिब में प्रार्थना कर अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करनी थी। इसके बाद पंजाब कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं के साथ एक विशेष बस में सवार होकर करीब 135 किलोमीटर लंबी चुनावी यात्रा पर निकलना था। यह बस यात्रा अमृतसर से शुरू होकर ऐतिहासिक स्थल हुसैनीवाला तक आयोजित की जानी थी। यात्रा के पहले चरण के तहत राज्य के लगभग 25 से 30 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करने की योजना बनाई गई थी। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर राजा वडिंग का कहना है कि यह यात्रा रद्द नहीं हुई है और जल्द ही शुरू होगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस अभियान के दौरान राहुल गांधी पंजाब में 2 दिन से लेकर 15 दिन तक रुककर चुनाव प्रचार की कमान संभाल सकते हैं। पार्टी में गुटबाजी और मुख्यमंत्री पद की रेस में उलझे 5 दिग्गज नेता पंजाब कांग्रेस पिछले काफी समय से गंभीर गुटबाजी और अंदरूनी खींचतान का सामना कर रही है। पार्टी के भीतर पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा का गुट किसी भी कीमत पर वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर राजा वडिंग को उनके पद से हटाने की जिद पर अड़ा हुआ है। हालांकि कांग्रेस आलाकमान ने फिलहाल संगठन में किसी भी बड़े फेरबदल से साफ इनकार कर दिया है। इस अनसुलझे विवाद के बीच राहुल गांधी की बस यात्रा को एक सोची-समझी रणनीति के तहत प्लान किया गया था, ताकि पार्टी के सभी परस्पर विरोधी गुटों के नेताओं को एक ही बस में बैठाकर जनता के बीच एकजुटता का संदेश दिया जा सके। लेकिन नेताओं के आपसी टकराव के कारण कांग्रेस का यह एकजुटता कार्यक्रम फिलहाल ठप पड़ गया है। सुनील कोनुगोलू की रिपोर्ट, बीजेपी का तंज और कांग्रेस की उम्मीदें कांग्रेस के रणनीतिकार सुनील कोनुगोलू की आंतरिक सर्वे रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के खिलाफ कांग्रेस के पास सत्ता में वापसी का बेहतरीन मौका था। लेकिन मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर शुरू हुई रार ने पार्टी की संभावनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया है। पंजाब कांग्रेस के कम से कम 5 बड़े नेता खुद को मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार मान रहे हैं और अपनी दावेदारी मजबूत करने के चक्कर में एक-दूसरे के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी कर रहे हैं। इससे पार्टी का चुनावी आधार लगातार कमजोर हो रहा है। विपक्षी दल बीजेपी ने कांग्रेस की इस स्थिति पर चुटकी लेते हुए कहा है कि कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई ने राहुल गांधी के चुनावी रथ को रोक दिया है। इसके बावजूद कांग्रेस आलाकमान को उम्मीद है कि राहुल गांधी की पंजाब यात्रा से कार्यकर्ताओं और नेताओं को एकजुट किया जा सकेगा। इसका आप पर असर इस खबर का राजनीतिक और सामाजिक असर: • भारत में: राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य विपक्षी पार्टी के भीतर सांगठनिक एकजुटता और चुनाव तैयारियों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। • पंजाब में: राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले मुख्य विपक्षी दल में खींचतान के कारण चुनावी माहौल गरमा गया है और कार्यकर्ताओं में संशय की स्थिति है। सवाल-जवाब 1. राहुल गांधी की पंजाब में बस यात्रा क्यों स्थगित हुई? पंजाब कांग्रेस के भीतर जारी गुटबाजी और सज्जन कुमार के निधन पर हुए श्रद्धांजलि विवाद के कारण बस यात्रा को फिलहाल टालना पड़ा है। 2. प्रस्तावित बस यात्रा का रूट और दूरी क्या थी? यह यात्रा अमृतसर के दरबार साहिब से शुरू होकर हुसैनीवाला तक जाने वाली थी, जो लगभग 135 किलोमीटर लंबी थी और इसमें 25 से 30 विधानसभा क्षेत्र शामिल थे। 3. सज्जन कुमार विवाद में किस नेता ने आपत्ति जताई थी? हरियाणा के नेताओं के श्रद्धांजलि बयानों पर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने तीखी आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसे बाद में उन्हें वापस लेना पड़ा। 4. सुनील कोनुगोलू की रिपोर्ट में क्या कहा गया था? चुनावी रणनीतिकार सुनील कोनुगोलू की रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस के पास आम आदमी पार्टी को हराने का अच्छा मौका था, लेकिन मुख्यमंत्री पद की रेस में जारी अंदरूनी कलह से पार्टी को नुकसान हो रहा है। 5. पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर राजा वडिंग ने यात्रा को लेकर क्या कहा? राजा वडिंग ने कहा कि यात्रा जल्द ही आयोजित की जाएगी और राहुल गांधी चुनाव प्रचार के लिए पंजाब में 2 से 15 दिनों तक का समय बिता सकते हैं। https://trendkia.com/politics/punjab-chunava-se-pahale-kangresa-men-barhi-rara-vivadon-ke-karana-tali-rahul-gandhi-ki-135-kilomitara-lnbi-basa-yatra-22672 TrendKia — Har trend, sabse pehle.