# पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सचिन पायलट के रुख पर उठाए सवाल

> पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पद से हटने के बाद कहा कि शायद राज्य प्रभारी सचिन पायलट ने उन्हें हटाने का फैसला कर लिया था, हालांकि उनके पास इसका कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-10-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/punjab-congress-adhyaksha-pada-chhorane-ke-bada-amarinder-singh-raja-warring-ne-sachin-pilot-ke-rukha-para-uthae-savala-41942 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, सचिन पायलट, राहुल गांधी, पंजाब कांग्रेस, चरणजीत सिंह चन्नी, नवजोत सिंह सिद्धू

पंजाब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में हुए फेरबदल के बाद पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने राज्य संगठन और प्रभारी के कामकाज को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने संभवतः यह मन बना लिया था कि उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी से मुक्त करने का वक्त आ चुका है। हालांकि वड़िंग ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पास अपने इस आकलन का कोई ठोस प्रमाण मौजूद नहीं है, लेकिन अपने दीर्घकालिक सियासी तजुर्बे के आधार पर उन्हें ऐसा ही महसूस होता है। पद छोड़ने के तत्काल बाद उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भेंट कर राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की।

## प्रभारी बनने के बाद सिर्फ पंद्रह मिनट की औपचारिक मुलाकात
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने संगठनात्मक संवाद की स्थिति साझा करते हुए बताया कि जब सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी नियुक्त किया गया था, तब वह उनसे केवल औपचारिकता के तहत मिले थे। वड़िंग के अनुसार, नियुक्ति के वक्त वह पायलट को बधाई देने पहुंचे थे और उस दौरान करीब 15 मिनट तक बातचीत हुई थी। उस मुलाकात के बाद उनकी सचिन पायलट से कोई दूसरी बैठक अथवा चर्चा नहीं हुई। इसी संवादहीनता और अपने लंबे राजनीतिक सफर के अनुभवों को जोड़ते हुए वड़िंग ने कहा कि शायद पार्टी महासचिव ने ही यह तय किया होगा कि अब राजा को पद से हटा देना चाहिए।

## फैसले के पीछे अन्य कोई कारण नजर नहीं आता
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस संगठनात्मक बदलाव के पीछे उन्हें कोई दूसरा विशिष्ट कारण दिखाई नहीं देता। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी समझ में अगर कोई बात थी, तो वह यह कि प्रभारी स्तर पर ही यह फैसला लिया गया। वड़िंग ने आगे कहा कि उन्होंने पूरे घटनाक्रम और पंजाब के संदर्भ में अपनी बात पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के समक्ष रख दी है। उनका कहना था कि राहुल गांधी से संवाद करने के बाद पार्टी में ऐसा कोई अन्य व्यक्ति नहीं रह जाता, जिसके पास जाकर यह समझाया जाए कि संगठन में क्या होना चाहिए था और क्या नहीं।

## राहुल गांधी से मुलाकात में राज्य के मुद्दों पर चर्चा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटने के तुरंत बाद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने राहुल गांधी से मुलाकात की। इस बैठक का विवरण साझा करते हुए उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने उनसे बेहद आत्मीयता और स्नेह के साथ बात की। मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने पंजाब की राजनीतिक जमीनी हकीकत और पार्टी संगठन से जुड़े कई सवाल पूछे। वड़िंग ने उन सभी प्रश्नों के उत्तर दिए और राज्य को लेकर अपने स्वतंत्र विचार भी सामने रखे। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व के साथ यह बातचीत पूरी तरह सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।

## गुरुद्वारा बंगला साहिब में पत्नी के साथ की अरदास
राहुल गांधी के आवास पर बैठक संपन्न होने के तुरंत बाद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग अपनी पत्नी के साथ नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा बंगला साहिब पहुंचे। वहां उन्होंने मत्था टेका और अरदास की। अपने राजनीतिक जीवन के मूल्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी नेता के लिए पद की अवधि से ज्यादा यह मायने रखता है कि उसका कार्यकाल जनता के दिलों में कैसा रहा। उनका मानना है कि कार्यकाल छोटा हो या लंबा, वह ऐसा होना चाहिए जिसे लोग अच्छे कार्यों के लिए याद रखें।

## मंत्री पद और साढ़े चार साल के अध्यक्षीय कार्यकाल पर संतोष
अपने पिछले प्रशासनिक और राजनीतिक दायित्वों को याद करते हुए राजा वड़िंग ने कहा कि पूर्व में मंत्री के रूप में बिताया गया उनका समय भी उल्लेखनीय और यादगार रहा था। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में व्यक्ति को मिलने वाले प्रत्येक अवसर के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में करीब साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद वह अपने कामकाज और प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनीति में जो कुछ भी घटित होता है, वह अच्छे के लिए ही होता है। पार्टी ने उन्हें जब भी जो जिम्मेदारी सौंपी, उन्होंने उसे सहर्ष स्वीकार किया और हमेशा हाईकमान के आदेशों का पूरी निष्ठा से पालन किया।

## 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नेतृत्व का नया ढांचा
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी में यह महत्वपूर्ण फेरबदल ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक समीकरण साधे जा रहे हैं। पिछले कुछ समय से पार्टी की पंजाब इकाई के भीतर अंदरूनी खींचतान और मतभेदों की बातें लगातार चर्चा में थीं। विशेष रूप से अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच प्रदेश संगठन के नेतृत्व को लेकर कथित गतिरोध की खबरें भी सामने आती रही थीं। ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को नया रूप देने की कवायद को बेहद अहम माना जा रहा है।

## 2022 में नवजोत सिंह सिद्धू के बाद संभाली थी कमान
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने वर्ष 2022 में पंजाब प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद का दायित्व संभाला था, जब उन्हें नवजोत सिंह सिद्धू के स्थान पर यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हाल के दिनों में पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद से उनके हटने और नए चेहरे की तलाश को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज थीं। अब वड़िंग के पद छोड़ने के बाद कांग्रेस आलाकमान राज्य में नए नेतृत्व के चयन और संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।

## इसका आप पर असर
पंजाब कांग्रेस संगठन में हुए इस बड़े फेरबदल का असर राज्य की चुनावी राजनीति और विपक्षी गोलबंदी पर पड़ना तय है।

- **भारत में:** राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस आलाकमान राज्यों के प्रभारियों और क्षेत्रीय क्षत्रपों के बीच तालमेल बैठाने की रणनीति पर काम कर रहा है। इससे दूसरे चुनावी राज्यों में भी असंतुष्ट खेमों और प्रभारियों के समीकरणों पर केंद्रीय नेतृत्व की निगरानी बढ़ेगी।
- **पंजाब में:** राज्य में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के भीतर नए चेहरे की ताजपोशी से गुटबाजी के नए समीकरण उभर सकते हैं। आम कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के लिए यह बदलाव तय करेगा कि कांग्रेस सत्तारूढ़ दल के खिलाफ कितना एकजुट होकर मैदान में उतरती है।
- **नेतृत्व परिवर्तन:** करीब साढ़े चार साल बाद प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने से पार्टी की जिला कमेटियों और ब्लॉक स्तर पर भी नए पदाधिकारियों की नियुक्तियां होंगी। स्थानीय नेताओं को नए नेतृत्व के साथ तालमेल बैठाने के लिए संगठनात्मक फेरबदल का इंतजार करना होगा।
- **विपक्षी रणनीति:** प्रदेश नेतृत्व में बदलाव से राज्य विधानसभा और सड़कों पर विपक्ष की आक्रामकता की दिशा तय होगी। नए अध्यक्ष के सामने सभी वरिष्ठ नेताओं को एकजुट रखकर जमीनी आंदोलन खड़ा करने की दोहरी चुनौती रहेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को हटाए जाने और उनके द्वारा प्रभारी पर सवाल उठाए जाने की पृष्ठभूमि में संगठनात्मक खींचतान और आगामी चुनावी चुनौतियां मुख्य वजह रही हैं।

- **सीमित संवाद और समन्वय की कमी:** सचिन पायलट के पंजाब प्रभारी बनने के बाद प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी के बीच केवल एक औपचारिक पंद्रह मिनट की बैठक हुई थी। दोनों प्रमुख नेताओं के बीच निरंतर संवाद न होने के चलते संगठनात्मक दूरियां बढ़ती चली गईं।
- **वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद:** पंजाब कांग्रेस के भीतर लंबे समय से नेतृत्व को लेकर आंतरिक कलह की खबरें सामने आ रही थीं। राजा वड़िंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच भी नेतृत्व को लेकर खींचतान की चर्चाएं लगातार बनी हुई थीं।
- **2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी:** वर्ष 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी आलाकमान संगठन में नई ऊर्जा और नया संतुलन बनाना चाहता है। चुनावी रणनीति को नए सिरे से ढालने के लिए शीर्ष नेतृत्व ने कमान में फेरबदल का फैसला लिया।
- **साढ़े चार साल का कार्यकाल पूर्ण:** राजा वड़िंग वर्ष 2022 से लगातार साढ़े चार साल तक प्रदेश अध्यक्ष पद पर रहे। पार्टी के आंतरिक ढांचे में सामान्यतः चुनावों से पहले नए नेतृत्व को मौका देने की परंपरा के तहत भी इस बदलाव को देखा जा रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सचिन पायलट को लेकर क्या कहा?
वड़िंग ने कहा कि पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने शायद उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने का मन बना लिया था, हालांकि उनके पास इसका कोई ठोस सबूत नहीं है।

### 2. सचिन पायलट और राजा वड़िंग के बीच कितनी बातचीत हुई थी?
वड़िंग के अनुसार, जब पायलट पंजाब के प्रभारी बने थे तब उनसे करीब 15 मिनट की औपचारिक मुलाकात हुई थी और उसके बाद कोई बैठक नहीं हुई।

### 3. पद छोड़ने के बाद राजा वड़िंग ने किससे मुलाकात की?
पद से हटने के बाद राजा वड़िंग ने नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की और पंजाब से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

### 4. राहुल गांधी से मिलने के बाद राजा वड़िंग कहां गए?
राहुल गांधी से मुलाकात के तुरंत बाद राजा वड़िंग अपनी पत्नी के साथ दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब पहुंचे और अरदास की।

### 5. राजा वड़िंग पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष कब बने थे?
राजा वड़िंग ने वर्ष 2022 में नवजोत सिंह सिद्धू की जगह पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाला था और लगभग साढ़े चार साल तक इस पद पर रहे।

### 6. पंजाब कांग्रेस में किन नेताओं के बीच मतभेद की खबरें थीं?
खबरों में राजा वड़िंग और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर मतभेदों का उल्लेख था।

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