# रायपुर में आमने-सामने आए कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता: पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, १६ जवान घायल

> छत्तीसगढ़ की राजधानी में राजनीतिक तनाव उस वक्त हिंसक हो गया जब भाजपा और कांग्रेस के सदस्य एक-दूसरे के कार्यालयों का घेराव करने पहुंचे। हालात को नियंत्रित करने की कोशिश में कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-07-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/raipur-men-amane-samane-ae-congress-aura-bjp-karyakarta-pulisa-ne-chhore-ansu-gaisa-ke-gole-16-javana-ghayala-9955 · **Language:** Hindi
**Tags:** रायपुर न्यूज़, छत्तीसगढ़ राजनीति, कांग्रेस बनाम भाजपा, नीट पेपर लीक, अरुण साव, पुलिस झड़प

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में राजनीतिक गतिरोध ने एक हिंसक मोड़ ले लिया है। राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों को लेकर राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी दल कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प हुई। हालात इतने बेकाबू हो गए कि सुरक्षा बलों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी।

## नीट और दिल्ली प्रदर्शन से भड़की चिंगारी
इस पूरे विवाद की जड़ें दो अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी हैं। एक तरफ, कांग्रेस पार्टी पूरे छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में हुए कथित पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरी थी। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतले भी फूंके। वहीं दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी और अन्य कांग्रेसी नेताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन से नाराज थे। इसी के जवाब में भाजपा ने रायपुर स्थित कांग्रेस भवन का घेराव करने की योजना बनाई। जब दोनों दलों के समर्थक एक ही इलाके में आमने-सामने आए, तो स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई।

## पुलिस को करना पड़ा बल प्रयोग
भाजपा के इस घेराव में राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव के साथ-साथ कई विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि धीरे-धीरे भाजपा का यह प्रदर्शन उग्र हो गया। उत्साहित कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग को तोड़ दिया। स्थिति को नियंत्रण से बाहर जाता देख सुरक्षा बलों को सख्त कदम उठाने पड़े। पुलिस ने बेकाबू भीड़ को पीछे धकेलने के लिए सबसे पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। जब स्थिति तब भी नहीं संभली, तो प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे गए। इस दौरान मौके पर भारी धक्का-मुक्की हुई, जबकि कांग्रेस कार्यालय के अंदर मौजूद कार्यकर्ताओं ने लगातार नारेबाजी जारी रखी।

## १६ पुलिसकर्मियों को आई चोटें
इस हिंसक झड़प का सबसे ज्यादा नुकसान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहे पुलिस जवानों को उठाना पड़ा। इस पूरी घटना में कुल सोलह पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घटना के तुरंत बाद पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला ने अस्पताल जाकर घायल जवानों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने वहां मौजूद डॉक्टरों से बातचीत कर जवानों के इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी ली। पुलिस विभाग की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि कांग्रेस भवन की तरफ से भीड़ द्वारा पत्थर और कांच की बोतलें फेंकी गईं, जिसकी वजह से बीच-बचाव कर रहे पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। फिलहाल सभी घायलों का उपचार चल रहा है।

## कांग्रेस ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
विवाद सिर्फ कांग्रेस भवन तक सीमित नहीं रहा। जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी रायपुर स्थित भाजपा कार्यालय 'एकात्म परिसर' का घेराव करने की कोशिश की। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार प्रमुख सुशील आनंद ने भाजपा पर अचानक और सुनियोजित हमले का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कांग्रेस कार्यकर्ता पूरी तरह से शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से अपना विरोध जता रहे थे, जबकि भाजपा नेताओं ने पानी के पाउच, चप्पलें और पत्थरों से उन पर हमला किया। सुशील आनंद ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और कहा कि उग्र प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं को रोकने के बजाय पुलिस ने आंसू गैस के गोले कांग्रेस कार्यालय की तरफ छोड़े। उन्होंने इस प्रदर्शन में शामिल राज्य सरकार के मंत्रियों को तुरंत बर्खास्त करने की मांग राज्यपाल से की है।

## उपमुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा प्रहार किया। दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए कांग्रेस के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए साव ने कहा कि राहुल गांधी पूरे देश में जानबूझकर अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक स्वस्थ लोकतंत्र में हर किसी को असहमति जताने का अधिकार है, लेकिन यह अधिकार अराजकता फैलाने की इजाजत नहीं देता। उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आंदोलन की आड़ में देश की संसद की गरिमा को नुकसान पहुंचाना और खुद को देश के कानून से ऊपर समझना पूरी तरह से लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** राजनीतिक दलों के बीच बढ़ते हिंसक प्रदर्शन आम नागरिकों के लिए कानून-व्यवस्था की स्थिति को चिंताजनक बना रहे हैं।
- **रायपुर में:** शहर के मुख्य इलाकों में अचानक होने वाले इन विरोध प्रदर्शनों के कारण स्थानीय लोगों को भारी ट्रैफिक जाम और सुरक्षा प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है।

## सवाल-जवाब

### 1. रायपुर में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प क्यों हुई?
भाजपा कार्यकर्ता दिल्ली में राहुल गांधी के प्रदर्शन का विरोध करते हुए रायपुर कांग्रेस भवन का घेराव करने पहुंचे थे, जबकि कांग्रेस नीट पेपर लीक का विरोध कर रही थी। इसी दौरान दोनों दल आमने-सामने आ गए।

### 2. इस हिंसक प्रदर्शन में कितने लोग घायल हुए?
भीड़ को नियंत्रित करने और पत्थरबाजी के दौरान कुल १६ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

### 3. पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए क्या कदम उठाए?
बेकाबू भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को बैरिकेडिंग के पास वाटर कैनन और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करना पड़ा।

### 4. कांग्रेस ने इस घटना को लेकर क्या मांग की है?
कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद ने आरोप लगाया कि भाजपा ने उन पर पथराव किया है, और उन्होंने राज्यपाल से प्रदर्शन में शामिल मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग की है।

### 5. उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाया?
अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करके राहुल गांधी देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

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