राजस्थान निकाय चुनाव: जयपुर में टिकट की मची होड़, पोस्टर-झंडों और बैनरों का कारोबार तेजी से गरमाया राजस्थान में होने वाले निकाय चुनावों को लेकर जयपुर में सियासी सरगर्मी बढ़ने के साथ ही चुनावी प्रचार सामग्री का बाजार भी गुलजार होने लगा है। टिकट के दावेदार अभी से अपनी तैयारी में जुट गए हैं, जबकि उत्तर प्रदेश और दिल्ली से भी व्यापारी जयपुर पहुंच चुके हैं। जयपुर में आगामी निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक गलियारों में गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। टिकट की चाहत रखने वाले संभावित प्रत्याशी अपने स्तर पर पार्टी नेताओं और संगठन के पदाधिकारियों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इसी के साथ चुनाव प्रचार की तैयारियां भी अब परवान चढ़ने लगी हैं। राजधानी जयपुर में निकाय चुनाव की सुगबुगाहट के साथ ही चुनावी प्रचार सामग्री बेचने वाले बाजारों में रौनक लौट आई है और कारोबार ने रफ्तार पकड़ ली है। शहर भर में पोस्टर, बैनर, झंडे, बैज, टोपियां और विभिन्न चुनाव चिन्हों से लैस सामग्री तैयार करने वाली दुकानों पर संभावित उम्मीदवारों और उनके समर्थकों का आना-जाना लगातार बढ़ गया है। दिलचस्प बात यह है कि इस चुनावी बाजार में मौजूदा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के चेहरों और तस्वीरों वाली प्रचार सामग्रियों की भी खासी मांग उभरकर सामने आ रही है। भले ही इन निकाय चुनावों के लिए राजनीतिक दलों की तरफ से अभी तक उम्मीदवारों के नामों की अंतिम सूची जारी नहीं की गई है और टिकट के आधिकारिक ऐलान का इंतजार है, लेकिन टिकट की इस लंबी दौड़ में शामिल तमाम दावेदार अपनी तैयारियों में किसी भी प्रकार की ढील नहीं छोड़ना चाहते हैं। वार्ड स्तर पर मतदाताओं के साथ जनसंपर्क बढ़ाने की कवायद के साथ ही ये संभावित चेहरे प्रचार सामग्री के आधुनिक डिजाइनों, उनकी कीमतों और बाजार में उपलब्ध विभिन्न विकल्पों की पूरी जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं। कई प्रमुख दावेदारों ने अपने पोस्टरों और बैनरों की छपाई के लिए दुकानदारों के साथ एडवांस बातचीत शुरू कर दी है, तो वहीं कुछ उत्साही समर्थकों ने अभी से झंडों और मेटल या प्लास्टिक बैजों की बुकिंग भी करवा दी है ताकि चुनाव की घोषणा होते ही वे प्रचार में सबसे आगे रह सकें। जयपुर के इस उभरते हुए चुनावी बाजार में निकाय चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर दूसरे राज्यों से भी कारोबारियों का रुख होने लगा है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों से प्रचार सामग्री का थोक कारोबार करने वाले व्यापारी भी अब जयपुर पहुंच चुके हैं और अपने ठिकाने बना रहे हैं। इन दुकानों पर हर किस्म के रंग-बिरंगे पोस्टर, आकर्षक बैनर, अलग-अलग साइज के झंडे, टोपियां, बैज और प्रत्याशियों के काम आने वाले चुनाव चिन्हों से जुड़ी तमाम सामग्री थोक और खुदरा दामों पर उपलब्ध कराई जा रही है। चुनावी मैदान में उतरने के इच्छुक लोग अपने-अपने वार्ड की भौगोलिक स्थिति और अपने समर्थकों के कुल आंकड़ों के हिसाब से प्रचार सामग्री की वास्तविक जरूरत का बारीकी से आकलन कर रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आएगी और मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों के नाम पूरी तरह स्पष्ट हो जाएंगे, इस प्रचार सामग्री की मांग में और भी भारी उछाल देखने को मिलेगा। वर्तमान में ज्यादातर दावेदार केवल शुरुआती जानकारी जुटाने और अग्रिम बुकिंग कराने के शुरुआती दौर में ही हैं, लेकिन प्रत्याशियों की तस्वीर साफ होते ही बड़े व्यावसायिक आर्डरों की उम्मीद जताई जा रही है। इस बार जयपुर के स्थानीय चुनावी बाजार में दिग्गज राजनीतिक चेहरों और नेताओं की तस्वीरों वाली प्रचार सामग्री भी खासी चर्चा का विषय बनी हुई है। वर्तमान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तस्वीरों से सजे पोस्टर, बैनर और अन्य प्रचार उत्पादों की मांग बाजार में लगातार दर्ज की जा रही है। हालांकि, जानकारों का यह भी मानना है कि चुनाव प्रचार के दौरान अंतिम रूप से किस पार्टी के नेता की तस्वीर वाली सामग्री का उपयोग धड़ल्ले से किया जाएगा, यह कहना अभी थोड़ा जल्दबाजी होगा। राजनीतिक दलों की आधिकारिक रणनीतियों के खुलासे और प्रत्याशियों के अंतिम चयन के बाद ही यह तस्वीर पूरी तरह से साफ हो पाएगी कि मैदान में किस नेता का प्रभाव ज्यादा नजर आता है। टिकट के ये सभी दावेदार अपने-अपने वार्डों में राजनीतिक माहौल को पूरी तरह अपने पक्ष में करने की हरसंभव कोशिश में जुटे हैं। अपने समर्थकों की फौज के लिए बांटे जाने वाले झंडों और बैजों से लेकर घर-घर जाकर सीधे संपर्क साधने और बड़े होर्डिंग्स व पोस्टर्स लगवाने तक की ठोस तैयारियां पर्दे के पीछे चल रही हैं। इससे यह बिल्कुल स्पष्ट हो जाता है कि इन निकाय चुनावों की अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन जयपुर की हवा में सियासी सरगर्मी के साथ-साथ चुनावी अर्थव्यवस्था भी तेजी से गति पकड़ने लगी है। इस व्यापार से जुड़े कारोबारियों को इस बार के सीजन में बहुत अच्छे मुनाफे और शानदार कारोबार की पूरी उम्मीद बंध गई है। दुकानदारों का आकलन है कि कुल उम्मीदवारों की संख्या और चुनाव प्रचार के लिए मिलने वाली अवधि के आधार पर इस बार बाजार में करोड़ों का बड़ा कारोबार देखने को मिल सकता है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हुई हैं कि टिकटों का आधिकारिक वितरण होने के बाद जयपुर के इस चुनावी बाजार में किस दल और किस नेता के प्रचार सामान की सबसे ज्यादा बूम और मांग देखने को मिलती है। इसका आप पर असर भारत में: निकाय चुनाव की हलचल से स्थानीय स्तर पर छोटे कारोबारियों और प्रिंटिंग उद्योग को गति मिलती है। जयपुर में: पोस्टर, बैनर और झंडा विक्रेताओं के व्यापार में उछाल आया है तथा राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आई है। सवाल-जवाब 1. जयपुर में निकाय चुनाव को लेकर क्या गतिविधियां शुरू हो गई हैं? जयपुर में टिकट के दावेदार अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं और चुनावी प्रचार सामग्री का बाजार गर्म होने लगा है। 2. किन नेताओं की तस्वीरों वाले सामान की मांग है? चुनावी बाजार में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तस्वीरों वाले सामान की मांग दिख रही है। 3. प्रचार सामग्री बेचने के लिए व्यापारी कहां से पहुंचे हैं? जयपुर के चुनावी बाजार में उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा से प्रचार सामग्री बेचने वाले विक्रेता पहुंचे हैं। 4. दावेदार अभी किस स्तर पर तैयारी कर रहे हैं? दावेदार प्रचार सामग्री के डिजाइन, कीमत, और विकल्पों की जानकारी जुटाने के साथ बुकिंग करा रहे हैं। https://trendkia.com/politics/rajasthan-local-body-elections-ticket-race-heats-up-as-poster-banner-and-flag-markets-boom-in-jaipur-21036 TrendKia — Har trend, sabse pehle.