राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव की तारीखें तय, हाईकोर्ट में सरकार ने सौंपा पूरा कार्यक्रम राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट में भरोसा दिलाया है कि 17 अगस्त को निकाय और 23 सितंबर को पंचायत चुनाव की घोषणा कर दी जाएगी, साथ ही पूरी चुनाव प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 से पहले पूरी करने की योजना पेश की गई है। राजस्थान में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता आखिरकार खत्म होने जा रही है। जयपुर में हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत के सामने चुनाव कराने का पूरा रोडमैप रख दिया। सरकार ने भरोसा दिलाया कि 17 अगस्त को निकाय चुनाव और 23 सितंबर को पंचायत चुनाव की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। पहले निकाय, फिर पंचायत चुनाव सरकार ने हाईकोर्ट को स्पष्ट किया कि चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे। सबसे पहले नगर पालिका और नगर निगम यानी स्थानीय निकाय के चुनाव होंगे, जिसके लिए 17 अगस्त को अधिसूचना जारी होगी। इसके बाद पंचायत चुनाव की बारी आएगी, जिसकी अधिसूचना 23 सितंबर को जारी की जाएगी। यानी दोनों चुनाव अलग-अलग समय पर लेकिन एक तय क्रम में होंगे, ताकि प्रशासनिक तौर पर कोई गड़बड़ी न हो। ओबीसी आरक्षण पर भी साफ हुई तस्वीर चुनाव की तारीखों के साथ ही सरकार ने ओबीसी आरक्षण को लेकर भी अपनी पूरी योजना अदालत के सामने रखी। सरकार की ओर से बताया गया कि ओबीसी आयोग 5 अगस्त तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप देगा। इस रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार 15 अगस्त तक आरक्षण लॉटरी की पूरी प्रक्रिया निपटा लेगी। आरक्षण तय होने के बाद ही चुनाव कार्यक्रम जारी किया जाएगा, इसलिए स्थानीय निकाय और पंचायतीराज विभाग को यह पूरा काम 15 अगस्त तक निपटाने के लिए कहा गया है। 15 नवंबर 2026 से पहले पूरी होगी पूरी प्रक्रिया राज्य निर्वाचन आयोग ने अदालत को बताया कि पूरी चुनावी प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 से पहले पूरी कर ली जाएगी। सरकार ने इसके लिए एक विस्तृत टाइमलाइन वाली एडवांस कॉपी भी हाईकोर्ट में उपलब्ध कराई, जिसमें आरक्षण रिपोर्ट आने से लेकर मतदान तक हर चरण का समय तय किया गया है। कोर्ट में किसने रखा पक्ष सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने अदालत में पक्ष रखा। वहीं याचिकाकर्ताओं की तरफ से प्रेमचंद देवंदा और पुनीत सिंघवी ने अपनी बात रखी। राज्य निर्वाचन आयोग के अध्यक्ष राजेश्वर सिंह इस सुनवाई में ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए और उन्होंने ओबीसी आरक्षण रिपोर्ट से लेकर मतदान तक का पूरा खाका अदालत के सामने पेश किया। अब आगे की पूरी चुनाव प्रक्रिया हाईकोर्ट की निगरानी में चलेगी। गौरतलब है कि इससे पहले सरकार को 31 जुलाई तक चुनाव कराने के आदेश दिए गए थे, जो अब नई समयसीमा के साथ बदल गए हैं। इसका आप पर असर • भारत में: यह मामला दिखाता है कि जब चुनाव प्रक्रिया में देरी होती है तो अदालतें राज्य सरकारों से समयबद्ध रोडमैप मांग सकती हैं, जिससे स्थानीय स्वशासन के चुनाव समय पर कराने का दबाव बना रहता है। • राजस्थान में: राज्य के मतदाताओं के लिए अब नगर पालिका, नगर निगम और पंचायत चुनाव की तारीखें लगभग तय हो चुकी हैं, जिससे उम्मीदवारों और मतदाताओं दोनों को तैयारी के लिए स्पष्ट समयसीमा मिल गई है। सवाल-जवाब 1. निकाय चुनाव की घोषणा कब होगी? सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि निकाय चुनाव की घोषणा 17 अगस्त को की जाएगी। 2. पंचायत चुनाव की घोषणा कब होगी? पंचायत चुनाव की अधिसूचना 23 सितंबर को जारी होगी। 3. ओबीसी आरक्षण रिपोर्ट कब आएगी? ओबीसी आयोग 5 अगस्त तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगा, जिसके बाद 15 अगस्त तक आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया पूरी होगी। 4. पूरी चुनाव प्रक्रिया कब तक पूरी होगी? राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि पूरी प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 से पहले पूरी कर ली जाएगी। 5. कोर्ट में सरकार और याचिकाकर्ताओं की तरफ से किसने पैरवी की? सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद और याचिकाकर्ताओं की ओर से प्रेमचंद देवंदा तथा पुनीत सिंघवी ने पक्ष रखा। 6. पहले चुनाव के लिए क्या समयसीमा तय थी? इससे पहले सरकार को 31 जुलाई तक चुनाव कराने के आदेश दिए गए थे। https://trendkia.com/politics/rajasthan-men-pnchayata-aura-nikaya-chunava-ki-tarikhen-taya-high-court-men-sarakara-ne-saunpa-pura-karyakrama-9109 TrendKia — Har trend, sabse pehle.