राजनाथ सिंह बोले, व्यक्तिगत मर्यादाओं को लांघ रही है कांग्रेस मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता पर की गई टिप्पणी को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध को व्यक्तिगत अपमान तक ले जाना स्वीकार्य नहीं है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर दिए गए एक आपत्तिजनक बयान के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस बयान के विरोध में देश के अलग-अलग कोनों में प्रदर्शन हो रहे हैं और पूरी भारतीय जनता पार्टी आक्रामक रुख अपनाए हुए है। गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई दिग्गज नेताओं ने खरगे के इस बयान की कड़ी आलोचना की है। अब इस कड़ी में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी सामने आ गए हैं और उन्होंने कांग्रेस पार्टी को स्पष्ट शब्दों में नसीहत दी है कि उसे सार्वजनिक जीवन में व्यक्तिगत मर्यादाओं का किसी भी स्थिति में उल्लंघन नहीं करना चाहिए। पटना की सभा में क्या हुआ था यह पूरा विवाद बिहार की राजधानी पटना में रविवार को उस समय शुरू हुआ जब मल्लिकार्जुन खरगे एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। अपने संबोधन के दौरान वह वोट चोरी के मुद्दे पर बोल रहे थे। इसी बीच भीड़ में से एक व्यक्ति ने चिल्लाकर कहा कि मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं। इस पर भड़के हुए खरगे ने जवाब देते हुए कहा कि मोदी का बाप भी जाएगा। इसके तुरंत बाद सभा स्थल पर मौजूद अन्य लोगों ने उस शख्स की जमकर पिटाई कर दी और उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया। हालांकि बाद में यह बात सामने आई कि वह शख्स कोई और नहीं बल्कि कांग्रेस का ही अपना कार्यकर्ता था जिसका नाम संतोष कुमार है। संतोष कुमार का कहना है कि गलतफहमी की वजह से लोगों ने उनकी पिटाई कर दी। उधर, भारतीय जनता पार्टी का आरोप है कि यह आपत्तिजनक टिप्पणी राहुल गांधी के इशारे पर की गई थी और पार्टी ने इसके खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन करने का भी ऐलान कर दिया है। राजनाथ सिंह की कड़ी आपत्ति इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पटना में कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वर्गीय पिता के संबंध में की गई टिप्पणी ने उन्हें स्तब्ध और बहुत आहत किया है। उन्होंने इस बात पर विशेष रूप से हैरानी जताई कि यह बयान किसी छोटे-मोटे कार्यकर्ता या युवा नेता की तरफ से नहीं आया है, बल्कि खुद को देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कहने वाले संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के मुख से निकला है। कांग्रेस अध्यक्ष के इस आचरण से देश के करोड़ों नागरिकों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के लोग यहीं नहीं रुके, बल्कि वे अब खरगे के इस बयान को सही ठहराने और इसका बचाव करने में जुटे हुए हैं, जिससे लोगों की भावनाएं दोबारा आहत हो रही हैं। अपनी गलती स्वीकार कर खेद जताने के बजाय कांग्रेस पार्टी इस तरह की बयानबाजी का समर्थन कर रही है। सोशल मीडिया पर रखी बात राजनाथ सिंह ने इस सिलसिले में अपनी बात सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा करते हुए अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। रक्षा मंत्री ने कहा कि जिस पद पर मल्लिकार्जुन खरगे आसीन हैं, उससे सार्वजनिक जीवन में बहुत अधिक गंभीरता, संयम, मर्यादा और जिम्मेदारी भरे आचरण की उम्मीद की जाती है। यदि देश की सबसे पुरानी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष ही इस तरह की भाषा का प्रयोग करने लगे, तो यह न केवल उनके पद की गरिमा के पूरी तरह खिलाफ है, बल्कि कांग्रेस की पूरी राजनीतिक संस्कृति पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। राजनीतिक असहमति और वैचारिक विरोध अपनी जगह होते हैं, लेकिन किसी भी परिस्थिति में इस तरह का आचरण स्वीकार नहीं किया जा सकता है। शीर्ष नेतृत्व तक पहुंची स्तरहीन राजनीति रक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए आगे कहा कि कल तक पार्टी के कुछ अन्य नेता प्रधानमंत्री की साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि का मजाक उड़ाया करते थे और उनकी पूजनीय माताजी के प्रति भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते थे। लेकिन अब वही स्तरहीन और गिरी हुई राजनीति सीधे कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच चुकी है और पार्टी की राजनीति का स्तर हर गुजरते दिन के साथ गिरने के नए रिकॉर्ड बना रहा है। वैचारिक विरोध को व्यक्तिगत अपमान में बदल देना, राजनीतिक असहमति को अभद्र भाषा के स्तर तक गिरा देना और प्रधानमंत्री के परिवार को लगातार निशाना बनाना कांग्रेस की गहरी हताशा और वैचारिक शून्यता को उजागर करता है। यह केवल एक व्यक्ति या परिवार का अपमान नहीं है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की गरिमा पर एक सीधा प्रहार है। जनता सब का हिसाब रखती है राजनाथ सिंह ने लोकतंत्र की मर्यादा का हवाला देते हुए कहा कि विरोध करना हर दल का अधिकार है, नीतियों पर तीखे सवाल उठाए जाने चाहिए और सरकार की आलोचना भी होनी चाहिए, लेकिन व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन किसी भी कीमत पर नहीं होना चाहिए। आज कांग्रेस वैचारिक रूप से पूरी तरह खोखली हो चुकी है। कांग्रेस को यह अच्छी तरह याद रखना चाहिए कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता हर एक बात का पूरा हिसाब रखती है और सही समय आने पर उसका जवाब भी देती है। उन्होंने अंत में स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस तरह की ओछी टिप्पणियों से न तो अपने मार्ग से विचलित किया जा सकता है और न ही जनता की सेवा करने के उनके दृढ़ संकल्प को कमजोर किया जा सकता है। इसका आप पर असर यह राजनीतिक विवाद देश के मौजूदा राजनीतिक माहौल और पार्टियों के बीच चल रहे टकराव को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर रहा है। • भारत में: राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बयानबाजी का स्तर और अधिक बढ़ गया है, जिससे देश भर में विरोध प्रदर्शनों का दौर तेज हो गया है। जनता के बीच नेताओं के बयानों को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। • बिहार में: पटना में हुई घटना और उसके बाद राजनीतिक दलों की सक्रियता से राज्य में राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने पड़ रहे हैं। ऐसा क्यों हुआ यह पूरा राजनीतिक घटनाक्रम मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा दिए गए एक विवादित बयान के बाद शुरू हुआ, जिसने देश भर में तीखी प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया। • विवादित टिप्पणी: पटना में एक जनसभा के दौरान भीड़ में से एक शख्स के बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा प्रधानमंत्री के पिता के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने से यह पूरा विवाद खड़ा हुआ। • कार्यकर्ता की पिटाई: सभा के दौरान ही उस शख्स की स्थानीय लोगों द्वारा पिटाई किए जाने और बाद में उसके कांग्रेस कार्यकर्ता होने के खुलासे ने मामले को और अधिक तूल दे दिया। • भाजपा की आक्रामक प्रतिक्रिया: भारतीय जनता पार्टी ने इस बयान को राहुल गांधी के इशारे पर दिया गया सुनियोजित हमला करार देते हुए देशव्यापी प्रदर्शन करने का निर्णय लिया। सवाल-जवाब 1. मल्लिकार्जुन खरगे ने किस बयान को लेकर विवाद खड़ा किया है? मल्लिकार्जुन खरगे ने पटना में एक जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर एक आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। 2. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी है? राजनाथ सिंह ने इस टिप्पणी को स्तब्ध करने वाला करार देते हुए कहा कि कांग्रेस को व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन नहीं करना चाहिए। 3. पटना की सभा में किस व्यक्ति की पिटाई की गई थी? सभा के दौरान संतोष कुमार नामक एक शख्स की पिटाई की गई थी, जो बाद में कांग्रेस का कार्यकर्ता निकला। 4. बीजेपी इस पूरे मामले में क्या कदम उठा रही है? बीजेपी ने इसे कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की साजिश बताते हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। https://trendkia.com/politics/rajnath-singh-bole-vyaktigata-maryadaon-ko-langha-rahi-hai-congress-51938 TrendKia — Har trend, sabse pehle.