राज्यपाल कटारिया से मिले ढिल्लों, मोरिंडा चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आम आदमी पार्टी सरकार पर मोरिंडा नगर निगम चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को ज्ञापन सौंपा, वहीं इससे पहले कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी भी इसी चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगा चुके हैं। पंजाब में मोरिंडा नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा। भारतीय जनता पार्टी की पंजाब इकाई के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर इस चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली करने का सीधा आरोप लगाया है। शनिवार को वे पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मिलने राजभवन पहुंचे और पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। '70 साल में ऐसी गड़बड़ी कभी नहीं देखी' राज्यपाल से मुलाकात के बाद बाहर निकलकर ढिल्लों ने कहा कि हाल में हुए इस नगर निगम चुनाव में जितनी अनियमितताएं सामने आई हैं, वैसी पंजाब के 70 वर्षों के इतिहास में पहले कभी नहीं देखी गईं। उनका कहना था कि यह महज एक स्थानीय निकाय चुनाव भर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सीधा हमला है, और इसीलिए राज्यपाल तक इस मुद्दे को पहुंचाना जरूरी समझा गया। दिनदहाड़े हाईजैक करने का आरोप ढिल्लों के मुताबिक जिन वार्डों में बीजेपी उम्मीदवारों को स्पष्ट बहुमत हासिल था, वहां सत्ताधारी दल समर्थित लोगों को जबरन भवन के भीतर भेजा गया और उसके बाद दरवाजे बंद करवा दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद बीजेपी की बजाय सरकार समर्थित उम्मीदवारों को ही विजेता घोषित कर दिया गया। ढिल्लों ने इस पूरे घटनाक्रम को दिनदहाड़े चुनाव को हाईजैक कर लेने जैसी हरकत बताया। उन्होंने यह भी दावा किया कि नामांकन भरने की प्रक्रिया के दौरान ही बीजेपी उम्मीदवारों को परेशान किया जाने लगा था, और पार्टी के कई उम्मीदवारों के पूरी तरह वैध नामांकन पत्र जबरन खारिज कर दिए गए ताकि मुकाबले को एकतरफा बनाया जा सके। राजभवन से मिला सकारात्मक जवाब ढिल्लों ने बताया कि राज्यपाल को पूरे घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी देते हुए ज्ञापन सौंपा गया है, और राजभवन की ओर से उन्हें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने भरोसा जताया कि जनता के हक की इस लड़ाई में पार्टी हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी और आगे भी लोगों के हितों के लिए आवाज उठाती रहेगी। कांग्रेस पर तीखा हमला, भूपेश बघेल का नाम लेकर तंज वहीं कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए ढिल्लों ने तीखी टिप्पणी की। कांग्रेस की राजनीति केवल सत्ता की कुर्सी के इर्द-गिर्द घूमती है। पार्टी के अंदर चल रहा विवाद सिर्फ मुख्यमंत्री पद को लेकर है। कांग्रेस यह गलतफहमी पाल रही है कि वह सत्ता में आएगी, जबकि पंजाब में सरकार बीजेपी बनाएगी। भूपेश बघेल 5 बार आएं या 10 बार, कांग्रेस की गुटबाजी खत्म नहीं होगी और कोई फैसला नहीं निकल पाएगा। चन्नी पहले ही उठा चुके थे धांधली पर सवाल यह पहला मौका नहीं है जब मोरिंडा नगर निगम चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगे हों। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी पहले ही इसी चुनाव पर सवाल उठा चुके हैं। चन्नी का दावा है कि निगम की कुल 15 सीटों में से 12 पर कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत हुई थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने कांग्रेस पार्षदों को मतदान करने से रोका और उनके साथ बलपूर्वक पेश आई। उनका आरोप है कि इसके बाद एक निर्दलीय उम्मीदवार को विजेता घोषित कर दिया गया। चन्नी ने कहा कि पूरी चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया गया है और कांग्रेस इस मामले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती देगी। मोरिंडा नगर निगम चुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों तरफ से गंभीर आरोप लगने के बाद पंजाब की सियासत गरमा गई है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि राजभवन आगे इस मामले में क्या रुख अपनाता है और कांग्रेस की संभावित अदालती लड़ाई का क्या नतीजा निकलता है। इसका आप पर असर यह विवाद सिर्फ नेताओं की बयानबाजी तक सीमित नहीं, इसका सीधा असर मोरिंडा के आम वोटर और वहां के स्थानीय प्रशासन पर पड़ सकता है। • भारत में: यह मामला दिखाता है कि नगर निगम जैसे स्थानीय चुनावों में भी गंभीर आरोप और राज्यपाल तक की दखल की नौबत आ सकती है, जिससे पूरे देश में स्थानीय चुनावों की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठते हैं। • मोरिंडा में: राज्यपाल के हस्तक्षेप और कांग्रेस की संभावित हाईकोर्ट याचिका के चलते मोरिंडा में निर्वाचित पार्षदों के शपथ लेने और निगम बोर्ड के गठन में देरी हो सकती है, जिसका सीधा असर वहां के विकास कार्यों की शुरुआत पर पड़ेगा। सवाल-जवाब 1. मोरिंडा नगर निगम चुनाव को लेकर बीजेपी का मुख्य आरोप क्या है? बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों का आरोप है कि जहां पार्टी बहुमत में थी, वहां जबरन सत्ताधारी दल समर्थित उम्मीदवारों को विजेता घोषित किया गया और चुनाव को दिनदहाड़े हाईजैक कर लिया गया। 2. ढिल्लों राज्यपाल से मिलने क्यों गए? उन्होंने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को ज्ञापन सौंपकर मोरिंडा चुनाव में हुई कथित धांधली में हस्तक्षेप की मांग की। 3. क्या राजभवन से कोई प्रतिक्रिया मिली? ढिल्लों के मुताबिक राजभवन की ओर से उन्हें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। 4. चरणजीत सिंह चन्नी ने पहले क्या दावा किया था? चन्नी ने कहा था कि निगम की 15 में से 12 सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवार जीते थे, लेकिन पुलिस ने कांग्रेस पार्षदों को मतदान से रोका और एक निर्दलीय उम्मीदवार को विजेता घोषित कर दिया गया। 5. कांग्रेस अब आगे क्या कदम उठाने वाली है? कांग्रेस ने कहा है कि वह मोरिंडा चुनाव के मामले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती देगी। 6. ढिल्लों ने कांग्रेस पर क्या तंज कसा? उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति सिर्फ सत्ता की कुर्सी के इर्द-गिर्द घूमती है और भूपेश बघेल के बार-बार आने से भी पार्टी की गुटबाजी खत्म नहीं होगी। https://trendkia.com/politics/rajyapala-kataria-se-mile-dhillon-morinda-chunava-men-bare-paimane-para-dhandhali-ka-aropa-6815 TrendKia — Har trend, sabse pehle.